गायत्री परिवार ने कालाखेत बावड़ी पर चलाया स्वच्छता अभियान

श्रमदानियों ने प्राचीन जल स्रोतों को सहेजने का दिया संदेश
मन्दसौर। प्राचीन जल धरोहरों को सहेजने और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ गायत्री परिवार द्वारा कालाखेत बावड़ी पर एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत जुटे श्रमदानियों ने दो घंटे तक कड़ा श्रमदान करके बावड़ी में फैली भारी गंदगी और कचरे को बाहर निकाला। लंबे समय से सफाई न होने के कारण बावड़ी का पानी दूषित हो चुका था और उससे बदबू आ रही थी, जिसे श्रमदानियों ने मिलकर साफ किया।अभियान के दौरान जागरूक नागरिकों और श्रमदानियों ने कहा कि गायत्री परिवार साल 2011 से लगातार शहर में स्वच्छता अभियान चलाकर जागरूकता का संदेश दे रहा है। समय-समय पर विभिन्न सामाजिक संगठन भी इस पुनीत कार्य में अपना अमूल्य योगदान देते हैं। इस बार भी ‘वर्क संस्था’ और सामाजिक कार्यकर्ता विनय दुबेला ने अपने साथियों के साथ पहुंचकर इस अभियान में पूरे उत्साह के साथ श्रमदान किया और भविष्य में भी गायत्री परिवार के साथ मिलकर इस कार्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।श्रमदानियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जब तक स्वच्छता एक जन अभियान नहीं बनेगी, तब तक पूर्ण स्वच्छता संभव नहीं है। इसके लिए हर वर्ग को निष्ठा से प्रयास करने होंगे। सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ प्रशासन द्वारा चालानी कार्रवाई की जानी चाहिए।साथ ही शासन-प्रशासन से निवेदन किया गया कि वे इन कार्यों को अपने बजट में शामिल करें और हर साल गर्मी के महीनों (मई-जून) में वार्डों की बावड़ियों, पार्कों, तालाबों और नदी-नालों की अनिवार्य रूप से सफाई कराएं।
यदि समय रहते इन प्राचीन बावड़ियों और जल स्रोतों को साफ नहीं किया गया, तो जल स्तर लगातार नीचे चला जाएगा, जिससे भविष्य में पानी का भारी संकट खड़ा हो जाएगा।अभियान में शामिल हुईं महिला प्रतिनिधि निर्मला ने मोहल्लेवासियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जल को गंदा करना पाप की श्रेणी में आता है, और गंदगी होते हुए देखकर भी चुप रहना या न टोकना भी उस पाप का भागीदार बनने जैसा है। अगर साफ करने वाले दस और गंदगी फैलाने वाले हजार होंगे, तो शहर कभी स्वच्छ नहीं हो पाएगा। आने वाले समय में हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, तभी पर्यावरण और जल संकट से बचा जा सकता है।
इस सराहनीय स्वच्छता अभियान में योग गुरु बंशीलाल टांक, रमेश सोनी, रोशन, ललित, बहन बाबेल, फिरोज हुसैन, जाफर भाई, उनेद, बहन निर्मला, परशुराम शर्मा, योगेशसिंह सोम और बंटी सहित कई गणमान्य नागरिकों व समाजसेवियों ने सक्रिय रूप से सहभागिता कर अपनी नागरिक जिम्मेदारियों को निभाया।



