जावरा की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, गौ तस्करों को उम्रकैद देने की उठी मांग

जावरा की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, गौ तस्करों को उम्रकैद देने की उठी मांग
मदंसौर । जावरा मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुए विशाल आयोजन के बाद, अब मालवा अंचल के रतलाम जिले के जावरा शहर में मुस्लिम समाज ने एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व शक्ति प्रदर्शन किया है। जावरा की सड़कों पर हजारों की तादाद में मुस्लिम समाज के लोग एकजुट होकर उतरे। इस दौरान समाज ने कौमी एकता और जीव दया की मिसाल पेश करते हुए दो प्रमुख मांगें उठाई
*गौ माता को राष्ट्र पशु घोषित किया जाए” और “गौ तस्करों को उम्रकैद की सजा दी जाए।”*
इस विशाल और शांतिपूर्ण मार्च के बाद महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन जावरा एसडीएम सुनील जायसवाल को सौंपा गया।
*सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, गूंजे नारे*
जावरा में आयोजित इस मार्च में मुस्लिम समाज के युवाओं, बुजुर्गों और प्रबुद्ध जनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रदर्शन पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण रहा। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए लोग सड़कों पर निकले, जिन पर गौ रक्षा के समर्थन में और अवैध गौ तस्करी के विरोध में नारे लिखे थे। भोपाल के बाद मालवा के इस केंद्र में हुए प्रदर्शन ने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
*राज्यपाल के नाम ज्ञापन: दो बड़ी मांगें
प्रदर्शन के समापन पर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जावरा अनुविभागीय अधिकारी (SDM) सुनील जायसवाल से मुलाकात की और उन्हें राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं को रेखांकित किया गया है:
गौ माता को मिले ‘राष्ट्र पशु’ का दर्जा:*
ज्ञापन में कहा गया कि गाय भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। बहुसंख्यक समाज की धार्मिक भावनाओं और जीव दया के सिद्धांत का सम्मान करते हुए केंद्र व राज्य सरकार को मिलकर गाय को ‘राष्ट्र पशु’ घोषित करना चाहिए।
गौ तस्करों को उम्रकैद:
समाज ने मांग की है कि चंद पैसों के लालच में गौवंश की अवैध तस्करी और क्रूरता करने वाले तत्वों के खिलाफ देश में सबसे सख्त कानून बने। ऐसे अपराधियों को जमानत न मिले और उन्हें कम से कम उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा का प्रावधान किया जाए।
गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल
मालवा क्षेत्र में गौवंश से जुड़े मुद्दे अक्सर बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में मुस्लिम समाज का इतनी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर खुद आगे आना और गौ माता की रक्षा की मांग करना देश की साझा संस्कृति (गंगा-जमुनी तहजीब) को नया आयाम देता है।
असामाजिक तत्वों को सख्त संदेश
इस प्रदर्शन के जरिए समाज के प्रबुद्ध वर्ग ने यह साफ संदेश दिया है कि अपराध और तस्करी का कोई धर्म नहीं होता। अवैध गतिविधियों में लिप्त समाज के दुश्मनों को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलेगा, बल्कि समाज खुद उनके खिलाफ कड़े कानून की मांग करता है।
हजारों की भीड़ को देखते हुए जावरा प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। एसडीएम सुनील जायसवाल और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समाज के अनुशासित रवैये की सराहना की। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि इस ज्ञापन को उचित माध्यम से तत्काल महामहिम राज्यपाल तक पहुंचा दिया जाएगा।



