नीमचमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश नीमच 25 मई 2026 सोमवार

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जीरन तालाब के हाथी मंदिर घाट पर चला सफाई श्रमदान अभियान

जल गंगा संवर्धन अभियान एवं नप जीरन के गौरव दिवस कार्यक्रम संपन्न

नीमच, 24 मई 2026, कलेक्टर श्री हिमांशु चन्द्रा के निर्देशानुसार जल गंगा संवर्धन अभियान तथा नगर परिषद जीरन के गौरव दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को जीरन तालाब के हाथी मंदिर घाट पर साफ सफाई के लिए श्रमदान किया गया।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री रामकरण सागवारिया, उपाध्यक्ष श्री मुकेश राव तावरे, पार्षदगण, निकाय के अधिकारी-कर्मचारी एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता कर घाट की साफ-सफाई की। सभी ने तालाब परिसर से जलकुंभी, प्लास्टिक कचरा एवं अन्य गंदगी हटाकर स्वच्छता का संदेश दिया।

नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि जल संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल स्त्रोतों की सफाई एवं संरक्षण का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। नगर परिषद के गौरव दिवस पर इस तरह के कार्यक्रम से नागरिकों में स्वच्छता एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी जीरन ने नागरिकों से अपील की है कि वे तालाबों एवं अन्य जल स्त्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें तथा कचरा इधर-उधर न फेंकें।

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जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत गंगा दशमी पर्व पर आज जिले एवं प्रदेश में कार्यक्रमों का आयोजन

मुख्‍य सचिव ने दिए पेयजल समस्‍याओं के त्‍वरित समाधान के निर्देश

नीमच 24 मई 2026, जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मुख्‍यमंत्री डॉ.मोहन यादव के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश सहित जिले में गंगा दशमी पर्व पर आज 25 मई सोमवार को विभिन्‍न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। नीमच जिले के ग्राम सावन में जिला स्‍तरीय कार्यक्रम में 25 मई को प्रात: 9 बजे जल चौपाल, तालाब गहरीकरण, कलश यात्रा एवं प्राचीन बावड़ी की स्‍वच्‍छता के लिए श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है।

प्रदेश के मुख्‍य सचिव श्री अनुराग जैन ने वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्‍यम से जल गंगा संवर्धन कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की ओर आवश्‍यक निर्देश भी दिए।

सम्‍भावित पेयजल संकट से निवारण तैयारियों की समीक्षा

मुख्‍य सचिव श्री अनुराग जैन ने सभी जिलो में ग्रीष्‍मकाल में संभावित पेयजल संकट का आंकलन कर समस्‍या के समाधान की तैयारियों की भी विस्‍तार से समीक्षा की। मुख्‍य सचिव ने निर्देश दिए, कि पेयजल आपूर्ति संबंधी शिकायतों, समस्‍याओं का त्‍वरित निराकरण किया जाए। यथा संभव 48 घंटों में पेयजल आपूर्ति समस्‍या का समाधान कर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

मुख्‍य सचिव ने पेयजल संबंधी शिकायतों को प्राप्‍त करने के लिए स्‍थापित जिला स्‍तरीय कंट्रोल रूम पर प्राप्‍त शिकायतों और सीएम हेल्‍पलाईन पर प्राप्‍त शिकायतों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग कर उनका त्‍वरित निराकरण करने और की गई कार्यवाही से संबंधित को अवगत कराने के भी निर्देश दिए है।

नीमच के एन.आई.सी.कक्ष में कलेक्‍टर श्री हिमांशु चंद्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्‍णव, परियोजना अधिकारी शहरी विकास श्री पराग जैन, सभी सीएमओ, जनपदों के सीईओ, लो.स्‍वा.यां.वि.तथा जल निगम के अधिकारी भी उपस्थित थे।

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प्रदेश में जल संरक्षण के कार्यों में श्रमदान कर मनेगा गंगा दशहरा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में भव्य शिप्रा तीर्थ परिक्रमा में चढ़ाएंगे 300 फीट की चुनरी

जल गंगा संवर्धन अभियान बनेगा जन आंदोलन

जल गंगा संवर्धन अभियान में अब तक 1 लाख 91 हज़ार से अधिक कार्य पूरे

नीमच 24 मई 2026, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है, कि पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण वर्तमान और भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है, जिसके लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय सहभागिता अनिवार्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आह्वान किया है कि हिंदू संस्कृतिमें पूरी श्रद्धा के साथ मनाए जाने वाले गंगा दशहरा पर्व के पावन अवसर पर प्रदेश में संचालित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ को व्यापक जनभागीदारी आधारित एक बड़ा जन-आंदोलन बनाया जाए। इसी दूरगामी विजन के अनुक्रम में सोमवार, 25 मई को प्रदेश के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में व्यापक जल संरक्षण गतिविधियों और भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे जन-जन को इस पुनीत कार्य से सीधे जोड़ा जा सके। सभी प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि अपने अपने क्षेत्र में जनसमुदाय और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से स्थानीय कुओं, नहरों, बावड़ियों और तालाबों की साफ-सफाई, घाटों की स्वच्छता और पुराने बंद पड़े बोरवेल के पास रिचार्ज पिट निर्माण जैसे जलसंरक्षण के कार्यों में श्रमदान के लिए प्रेरित करेंगे।

उज्जैन में भव्य ‘शिप्रा तीर्थ परिक्रमा’- मुख्यमंत्री चढ़ाएंगे 300 फीट की चुनरी

इसी कड़ी में, उज्जैन में गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा 25 और 26 मई को दो दिवसीय भव्य ‘शिप्रा तीर्थ परिक्रमा’ का आयोजन किया जा रहा है, जो व्यापक जनभागीदारी का एक अनुपम उदाहरण बनेगा। यह महत्वपूर्ण परिक्रमा रामघाट से प्रारंभ होकर नृसिंहघाट, कर्कराज मंदिर, वेधशाला, महामृत्युंजय द्वार और प्रशांतिधाम शनि मंदिर से होते हुए दत्तअखाड़ा घाट पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन, गंगा दशमी के अवसर पर यह परिक्रमा रणजीत हनुमान मंदिर, भैरवगढ़, सिद्धवट, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, गढ़कालिका और गोपाल मंदिर से होते हुए पुनः रामघाट पर पहुंचकर संपन्न होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा स्वयं माँ शिप्रा को 300 फीट की चुनरी अर्पित की जाएगी।

इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को भव्यता प्रदान करने के लिए रामघाट पर पंडित ढोली बुवा द्वारा 17 मई से प्रतिदिन सायं 7:30 बजे ‘हरिकथा’ का गायन किया जा रहा है।

दत्तअखाड़ा घाट पर आयोजित भजन संध्या में इंदौर के श्रेयश शुक्ला और जबलपुर की लोक गायिका संजो बघेल भजनों की प्रस्तुति देंगे। परिक्रमा के मुख्य आकर्षण के रूप में 26 मई को होने वाले मुख्य कार्यक्रमों में भारतीय नौसेना (इंडियन नेवी) के बैंड की शानदार प्रस्तुति होगी, जिसके साथ ही मुंबई के केशवम् बैंड द्वारा भजन जैमिंग और प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर एवं साथियों द्वारा भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

जल स्रोतों के संरक्षण से जीवात्मा को मिलता है मोक्ष

धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला गंगा दशहरा का पर्व मुख्य रूप से माँ गंगा के स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित होने की खुशी में मनाया जाता है, जिससे प्रकृति और जन-जीवन धन्य हुआ था। ऐसी गहरी आस्था है कि इस अत्यंत पवित्र दिन पर पवित्र नदियों में स्नान, श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चन और जल स्रोतों का संरक्षण करने से मनुष्य के दस तरह के पापों का नाश होता है और राजा भगीरथ के पूर्वजों की तरह ही जीवात्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस पावन अवसर के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रदेशभर में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रमों को दो चरणों में विभाजित किया गया है, जिसके प्रथम चरण में जनसमुदाय और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से स्थानीय कुओं, नहरों, बावड़ियों और तालाबों की साफ-सफाई, घाटों की स्वच्छता तथा पुराने बंद पड़े बोरवेल के पास रिचार्ज पिट निर्माण जैसे श्रमदान के कार्य किए जाएंगे। इसके बाद द्वितीय चरण में गंगा दशहरा के आध्यात्मिक विषय पर आधारित सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जाएगा, जिसके तहत प्रत्येक जिले में 4 से 5 ऐसे उत्कृष्ट कार्यों को चिन्हित किया जाएगा जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और नगरीय क्षेत्रों में नगर निगम आयुक्त या परियोजना अधिकारी इसके नोडल अधिकारी होंगे।

‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत अब तक 1.91 लाख से अधिक कार्य हुए पूरे

इस पूरे जन-आंदोलन के केंद्र में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ है, जिसके तहत जल आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हो रही है। ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ प्रदेश में 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में अब तक प्रदेश में 1 लाख 911 हजार 294 जल संरक्षण संबंधी कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। अभियान के अंतर्गत कुल लक्षित कार्यों 3,68,673 में से 1,91,294 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जिनमें 84,468 कार्य पूरी तरह संपन्न और 1,06,826 कार्य भौतिक रूप से पूर्ण हो चुके हैं। विशेष रूप से 19 मार्च के बाद से इस अभियान में अभूतपूर्व प्रगति देखी गई है, जिसके अंतर्गत कुल 1,41,540 कार्यों को आगे बढ़ाया गया, जिसमें 43,139 पूर्ण और 98,401 भौतिक रूप से पूर्ण हो चुके है।

इस युगांतकारी अभियान की वित्तीय व्यवस्था के लिए सरकार द्वारा 10,666.62 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें से 6,293.48 करोड़ (59 प्रतिशत) की राशि का अब तक उपयोग किया गया है।

अभियान के तहत भूजल संवर्धन को नई दिशा देते हुए रिकॉर्ड 90,814 डग वेल रिचार्ज और ग्रामीण समृद्धि का आधार बनने वाले 56,198 फार्म पॉन्ड के कार्यों को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण और जल संतुलन को सुदृढ़ करने के लिए जल संरक्षण एवं रिचार्ज श्रेणी में 29,096 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। बुनियादी ढांचे के कायाकल्प के रूप में 4,678 वाटरशेड संबंधी कार्य, 2,663 पारंपरिक जल संरचनाओं का रिपेयर एवं मेंटेनेंस और 1,133 सिंचाई अधोसंरचना के कार्य कुशलता से पूरे किए गए हैं। इस सफल जन-आंदोलन में जहाँ 115 अमृत सरोवरों का जीर्णोद्धार हुआ है, वहीं भावी पीढ़ी के जन-स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए ‘वॉव’ ऐप के माध्यम से स्कूलों में 3,670 पानी की टंकियों की सफाई सुनिश्चित की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव के नेतृत्व में प्रदेश को जलसमृद्धि की ओर ले जाने वाला यह महाअभियान एक युगांतकारी जल क्रांति का सर्वोतम उदाहरण बन कर उभरा रहा है।

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तरुण बाहेती की नई टीम घोषित

दिग्गजों के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा पर संगठन दांव, वरिष्ठों के अनुभव के साथ  युवा चेहरों को मिली बड़ी जिम्मेदारी

नीमच। आगामी नगरीय और पंचायत चुनावों से पहले कांग्रेस ने नीमच जिले में बड़ा संगठनात्मक दांव चलते हुए जिला कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की सहमति के बाद संगठन प्रभारी महासचिव डॉ. संजय कामले द्वारा जारी सूची में जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती के नेतृत्व में अनुभवी नेताओं और युवा चेहरों का संतुलित मिश्रण देखने को मिला है।
नई टीम की घोषणा के साथ ही कांग्रेस ने यह संकेत दे दिया है कि पार्टी अब जिले में बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने और भाजपा के मजबूत गढ़ में नई राजनीतिक जमीन तैयार करने की रणनीति पर काम करेगी। राजनीतिक गलियारों में इस जंबो कार्यकारिणी को आगामी चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती की टीम में संगठन महासचिव के रूप में ब्रजेश मित्तल और कोषाध्यक्ष के रूप में ब्रजेश सक्सेना को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं 10 उपाध्यक्ष, 15 महासचिव और 20 सचिव बनाकर संगठन का बड़ा ढांचा तैयार किया गया है।
उपाध्यक्ष पद पर महेश पाटीदार एडवोकेट, श्रीनिवास डबकरा, मुकेश कालरा, चंद्रशेखर पालीवाल, रामप्रसाद कसेरा, गोविन्दसिंह सांडा, शांतिलाल झाड़ोतिया, मनीष जैन, भारतसिंह सिसोदिया और मुन्ना दुर्रानी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं महासचिव पद पर महेंद्र उपाध्याय, मोहनसिंह जाट, सुरेश धनगर, नखरा सागर कछावा, रणजीतसिंह बबली तंवर, मनोहर गुर्जर, लता मनीष पोरवाल, राजेश गरासिया सहित कई सक्रिय नेताओं को शामिल किया गया है।
इसके अलावा संगठन में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश भी स्पष्ट नजर आई। महिला, अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति, आदिवासी और युवा वर्ग से जुड़े चेहरों को प्रमुख जिम्मेदारियां देकर कांग्रेस ने हर वर्ग तक पहुंच मजबूत करने का संदेश दिया है।
 पूर्व सांसद-विधायकों को भी जोड़ा, अनुभव पर भरोसा-
नई कार्यकारिणी के साथ जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती ने 35 वरिष्ठ नेताओं को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया है। इनमें पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन, पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा, पूर्व विधायक डॉ. सम्पतस्वरूप जाजू, चुन्नीलाल धाकड़, नंदकिशोर पटेल, लोकसभा प्रत्याशी दिलीप गुर्जर और विधानसभा प्रत्याशी सत्यनारायण पाटीदार जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस ने अनुभवी नेताओं को साथ रखकर आंतरिक गुटबाजी को संतुलित करने और संगठन में सामूहिक नेतृत्व की छवि बनाने की कोशिश की है।
 41 वरिष्ठ नेताओं को बनाया मार्गदर्शक स्तंभ-
कांग्रेस ने बुजुर्ग और लंबे समय से संगठन से जुड़े नेताओं को सम्मान देते हुए 41 सदस्यीय “वरिष्ठ मार्गदर्शक स्तंभ” भी गठित किया है। इसमें विजयशंकर शर्मा, सुरेश शर्मा, प्रभुलाल चंदेल, गोपाल मूंदड़ा, भोलाभाई पठान और उमरावसिंह राठौर जैसे वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है।
इस कदम को पार्टी में पुराने नेताओं की नाराजगी दूर करने और संगठनात्मक अनुभव का लाभ लेने की रणनीति माना जा रहा है।
 मोर्चा संगठनों को भी दी ताकत-
महिला कांग्रेस की कमान आशा सांभर, युवा कांग्रेस की जिम्मेदारी मनमोहनसिंह शक्तावत और अल्पसंख्यक मोर्चा का नेतृत्व हिदायतउल्ला खान को सौंपा गया है। इसके अलावा किसान, उद्योग, परिवहन, चिकित्सा और बेरोजगार प्रकोष्ठ सहित 19 विभागों के जिला अध्यक्षों की घोषणा भी की गई है।
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जिले के सभी ब्लॉक अध्यक्ष और नगर अध्यक्ष स्थायी आमंत्रित सदस्य रहेंगे, जिससे संगठन की जमीनी इकाइयों की सीधी भागीदारी बनी रहे।
 कार्यकर्ताओं में उत्साह, अब मैदान में परीक्षा-
नई कार्यकारिणी घोषित होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। हालांकि राजनीतिक चुनौती अब संगठन को धरातल पर सक्रिय करने और भाजपा के मजबूत नेटवर्क के सामने प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाने की होगी।
प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों से समन्वय और सक्रियता के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस को गांव-गांव और बूथ-बूथ तक मजबूत बनाना ही प्राथमिक लक्ष्य रहेगा।

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