कांग्रेस में गुटबाजी पर फूटा कार्यकर्ताओं का गुस्सा, प्रियव्रत सिंह के दौरे में दिखी अंदरूनी कलह

कांग्रेस में गुटबाजी पर फूटा कार्यकर्ताओं का गुस्सा, प्रियव्रत सिंह के दौरे में दिखी अंदरूनी कलह
✍️ पंकज बैरागी,
सुवासरा()मध्य प्रदेश शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व ऊर्जा मंत्री का सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में एक दिवसीय दौरा राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गया। खिलचीपुर विधानसभा क्षेत्र से प्रस्थान कर सुसनेर एवं राजस्थान मार्ग होते हुए सुवासरा पहुंचे राजा साहब का उज्जैन-गरोठ फोरलेन मार्ग पर सुवासरा, सीतामऊ एवं शामगढ़ क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा जोशीले अंदाज में स्वागत, वंदन एवं अभिनंदन किया गया।
दौरे के दौरान राजा साहब शामगढ़ तहसील की ग्राम पंचायत कुरावन पहुंचे, जहां उन्होंने महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में सहभागिता की। इसके बाद वे सुवासरा नगर के स्थानीय तहसील रोड स्थित कांग्रेस जनसंपर्क कार्यालय पहुंचे, जहां सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस जिंदाबाद के नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
इसी दौरान कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता पंकज बैरागी के निवास पर राजा साहब के प्रस्तावित आगमन को लेकर कांग्रेस संगठन के भीतर विवाद की स्थिति भी सामने आई। बताया गया कि राजा साहब ने स्वयं कार्यकर्ताओं से बैरागी के निवास चलने की बात कही, लेकिन कुछ स्थानीय नेताओं ने इसका विरोध किया।
इसको लेकर कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी राकेश पाटीदार , ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल जैन एवं नेता पारस जैन बादशाह पर पंकज बैरागी ने गंभीर आरोप लगाए। बैरागी का कहना है कि संगठन में केवल कुछ खास लोगों को महत्व दिया जा रहा है, जबकि वर्षों से जमीन स्तर पर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
बैरागी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कार्यक्रमों, जयंती, पुण्यतिथि, आंदोलन एवं अन्य आयोजनों की सूचना कई वरिष्ठ एवं समर्पित कार्यकर्ताओं तक नहीं पहुंचाई जाती। उन्होंने कहा कि संगठन में एकजुटता की बातें तो होती हैं, लेकिन वास्तविकता में गुटबाजी हावी है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नगर परिषद, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत चुनावों में जमीनी कार्यकर्ताओं को टिकट न देकर केवल खास समर्थकों को अवसर दिए गए, जिससे कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा। बैरागी के अनुसार, यदि आगामी मिशन 2028 विधानसभा चुनाव में भी इसी प्रकार की कार्यप्रणाली जारी रही तो कांग्रेस को गंभीर राजनीतिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
पंकज बैरागी ने कहा कि कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं को सम्मान एवं संगठन में उचित स्थान देना आवश्यक है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से मांग की कि संगठन में पारदर्शिता लाई जाए और सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की नीति अपनाई जाए।
उन्होंने दावा किया कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव में नए एवं सरल स्वभाव वाले उम्मीदवार को मौका दिया जाता है तो कांग्रेस की स्थिति मजबूत हो सकती है, अन्यथा संगठन में असंतोष बढ़ने की संभावना बनी रहेगी।
अब देखना यह होगा कि आगामी मिशन 2028 को लेकर कांग्रेस हाईकमान संगठन के भीतर उठ रही आवाजों पर कितना ध्यान देता है और क्या पार्टी में चल रही गुटबाजी को समाप्त कर कार्यकर्ताओं को एकजुट कर पाता है या नहीं।



