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राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ गोरखपुर इकाई की आपातकालीन बैठक गुरुवार को सम्पन्न

राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ गोरखपुर इकाई की आपातकालीन बैठक गुरुवार को सम्पन्न

प्रबन्धकों ने बेसिक शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ बनायी रणनीति

गोरखपुर राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ गोरखपुर इकाई की आपातकालीन बैठक प्रिशा इंटरनेशनल स्कूल मानीराम में जिलाध्यक्ष गणेश प्रसाद शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में गोरखपुर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा निजी विद्यालयों को बदनाम एवं प्रताड़ित किए जाने की लगातार मिल रही शिकायतों पर गंभीर चर्चा करते हुए इसके निस्तारण हेतु कार्ययोजना तैयार की गई। बैठक का संचालन करते हुए जिला महामंत्री अरुण कुमार रावत ने कहा कि आरटीई प्रक्रिया में व्यापक भ्रष्टाचार व्याप्त हो चुका है, जिसे खण्ड शिक्षा अधिकारियों एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरटीई एक्ट के नियमों की अनदेखी करते हुए दूसरे ग्राम सभा एवं दूसरे वार्ड के बच्चों का नामांकन 20 किमी दूर अन्य क्षेत्रों के विद्यालयों में कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जो खुला भ्रष्टाचार है।जिलाध्यक्ष गणेश प्रसाद शर्मा ने कहा कि निजी विद्यालय इस भ्रष्टाचार से प्रताड़ित हैं तथा स्वयं को अपमानित महसूस कर रहे हैं। यदि खण्ड शिक्षा अधिकारियों द्वारा की जा रही भ्रष्टाचार संबंधी मांगों को विद्यालय प्रबंधन स्वीकार नहीं करता, तो विद्यालयों के विरुद्ध उत्पीड़न एवं अपमान की कार्रवाई प्रारंभ कर दी जाती है, जिसे अब राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यू डायस पोर्टल एवं आईटीई संबंधी मामलों में हमारे कई सम्मानित सदस्यों को 22 मई को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अपराधियों की तरह बुलाया गया है, जबकि संबंधित विद्यालयों द्वारा पूर्व में ही अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जा चुका है तथा अधिकारियों की कार्यप्रणाली का खुलासा भी किया जा चुका है। इसके बावजूद विद्यालय प्रबंधकों को अपराधियों की भांति प्रस्तुत किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं अपमानजनक है।जिला मीडिया प्रभारी कन्हैया लाल जायसवाल ने कहा कि जब बच्चा दूसरे ग्राम सभा का है तो उसे 20 किमी दूर दूसरे ग्राम सभा के विद्यालय में कैसे आवंटित किया जा रहा है इस अनिमियता को खंड शिक्षा अधिकारी कैसे अग्रसारित करते हैं उसके उपरांत द्वितीय जांच में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय भी उसे प्रमाणित करते हुए आर टी ई में पंजीकृत कर देता है। जो आरटीई के शासनादेश का खुला उलंघन है। यह दंडनीय अपराध है। खण्ड शिक्षा अधिकारी गण कभी किसी का बिना किसी कारण बताएं यू डायस बंद कर देते हैं तो कभी किसी को मान्यता प्रत्याहरण की नोटिस थमा देते हैं। यह तानाशाही है। इस तानाशाही के खिलाफ अब हल्ला बोल होगा। संघ ने निर्णय लिया कि 22 मई प्रातः 11:00 बजे विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी द्वारा आहूत बैठक में राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ निजी विद्यालयों की समस्याओं के निस्तारण एवं अधिकारियों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न को समाप्त करने की जोरदार मांग करेगा। बैठक में जिला संयोजक वीरेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष गुनगार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वैदही शरण यादव, महामंत्री विवेक श्रीवास्तव, महामंत्री शिवांश त्रिपाठी, जिला प्रवक्ता डा श्रीमती सुनीता सिंह, जिला मीडिया प्रभारी कन्हैयालाल जायसवाल जिला मंत्री जितेंद्र यादव, शैलेंद्र कुमार, चरगांवा ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र कुमार वर्मा, भरोहिया ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. पवन जायसवाल सहित अनेक पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा, तब तक राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ विद्यालय प्रबंधकों के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा हेतु संघर्ष करता रहेगा।

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