समाचार मध्यप्रदेश नीमच 14 मई 2026 गुरुवार

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बच्चों का सर्वांगीण विकास ही विकसित मध्यप्रदेश @2047 की आधारशिला: मंत्री सुश्री भूरिया,
“परिणामोन्मुखी चाइल्ड बजटिंग कार्यशाला में
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विभागीय समन्वय पर दिया जोर,
नीमच 13 मई 2026, महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि मध्यप्रदेश के बच्चों का सर्वांगीण विकास ही राज्य के सतत और समावेशी विकास की आधारशिला बनेगी। मंत्री सुश्री भूरिया बुधवार को होटल कोर्टयार्ड मैरियट में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘चाइल्ड बजटिंग इन मध्यप्रदेश’ विषयक प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं।
बजट 2026-27: बच्चों के लिए रिकॉर्ड आवंटन
मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दिखती है। उन्होंने मुख्य वित्तीय प्रावधानों को साझा करते हुए कहा कि बजट में इस वर्ष 26 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में 23 हजार 747 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें ‘पोषण 2.0’ जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। राज्य के कुल व्यय का 13.7 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर व्यय के लिये आवंटित किया गया है।
19 विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता
मंत्री सुश्री भूरिया ने स्पष्ट किया कि बच्चों का विकास केवल संबंधित बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने कहा चाइल्ड बजट स्टेटमेंट में अब 19 विभागों को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य और सामाजिक न्याय जैसे सभी विभागों को एक निर्धारित लक्ष्य अनुसार मिलकर काम करना होगा। विभागों के बीच जब बेहतर समन्वय होगा, तभी बजट का वास्तविक लाभ धरातल पर दिखेगा।
जिलों की विशिष्ट आवश्यकताओं पर ध्यान
मंत्री सुश्री भूरिया ने प्रदेश के 55 जिलों की विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि हर जिले में बच्चों की आवश्यकताएं अलग हो सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्थानीय आवश्यकताओं को समझें और उसी के अनुरूप कार्य योजना बनाएं।
3 करोड़ बच्चे हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी” : आयुक्त सुश्री निधि निवेदिता
महिला एवं बाल विकास आयुक्त सुश्री निधि निवेदिता ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कि राज्य की लगभग 40 प्रतिशत आबादी 3 करोड़ बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि चाइल्ड बजट की रिपोर्टिंग को अधिक वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाना अनिवार्य है।विभागों को केवल आंकड़ों पर नहीं, बल्कि साक्ष्यों पर ध्यान देना होगा कि उनकी योजनाओं का वास्तविक लाभ बच्चों तक कैसे पहुँच रहा है।
5 वर्षों की सफलता और ‘इक्विटी’ पर जोर : विलियम हैनलोन जूनियर
यूनिसेफ मध्यप्रदेश के चीफ फील्ड स्टॉफ, श्री विलियम हैनलोन ने कहा कि मध्यप्रदेश ‘चाइल्ड बजटिंग’ के 5 सफल वर्ष पूरे कर चुका है और यह केवल खर्च की रिपोर्टिंग से आगे बढ़कर ‘परिणाम-आधारित’ बजटिंग की ओर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश की अधिकांश जनजातीय आबादी को देखते हुए बजट में लिंग और भौगोलिक स्थिति के आधार पर समानता का ध्यान रखा जाना चाहिए।
विकसित भारत @2047′ के लिए रणनीतिक निवेश : क्रिस्टीना पोपीवानोवा
यूनिसेफ की सोशल पॉलिसी चीफ (दिल्ली) सुश्री क्रिस्टीना पोपीवानोवा ने मध्यप्रदेश की इस पहल को संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार कन्वेंशन के अनुरूप बताया।उन्होंने कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब बच्चों में निवेश को ‘लाभार्थी’ के नजरिए से नहीं बल्कि ‘उत्पादकता’ के आधार पर देखा जाए ।
महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक श्री अभिताभ अवस्थी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए बाल बजट के अंतर्गत 75 हजार 587 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह राशि राज्य के कुल बजट का 19.4 प्रतिशत और सकल घरेलू उत्पाद का 4.1 प्रतिशत है। वर्ष 2022 में बाल बजटिंग की पहल शुरू करने के बाद, मध्यप्रदेश अब इसके पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस प्रक्रिया में विभागों की भागीदारी 17 से बढ़कर 19 हो गई है, जो राज्य की “होल ऑफ गवर्नमेंट अप्रोच”को दर्शाती है।
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों का संचालन यूनिसेफ की सामाजिक नीति विशेषज्ञ सुश्री पूजा सिंह द्वारा किया गया। इसमें शामिल 19 विभागों के प्रतिनिधियों ने बजट प्रक्रिया और क्रियान्वयन के अपने अनुभव साझा किए।
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सफाई कामगारों के युवाओं को स्वरोजगार से जोडने के विशेष प्रयास करें-श्री करोसिया
सफाई कामगारों के स्वत्वों का समय सीमा में भुगतान किया जाए
श्री करोसिया ने नीमच में जिला अधिकारियों की बैठक में की समीक्षा
नीमच 13 मई2026, सफाई कामगार परिवार के युवाओं को स्वरोजगार से जोडने के लिए उनके कौशल उन्नयन के लिए स्वरोजगार प्रशिक्षण दिलाने तथा स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास किए जाए। यह निर्देश म.प्र.राज्य सफाई कामगार आयोग के अध्यक्ष श्री प्रताप करोसिया ने नीमच में जिला अधिकारियों और सफाई कामगार, संगठनों के प्रतिनिधियों, सभी सीएमओ की बैठक में दिए। बैठक में एडीएम श्री बी.एस.कलेश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री एन.एस.सिसोदिया, जिला शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी श्री पराग जैन, नीमच सीएमओ श्रीमती दुर्गा बामनिया सहित सभी सीएमओ व जिला अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में आयोग के अध्यक्ष श्री प्रताप करोसिया ने विभिन्न कार्यालयों व नगरीय निकायों में सफाई कामगारों के स्वीकृत पद रिक्त पदों की जानकारी की विस्तार से विभागवार समीक्षा की। उन्होने कहा, कि विभिन्न निकायों और कार्यालयों व्दारा विनियमितीकरण किए गए कर्मचारियों को पात्रतानुसार स्थाई करने की कार्यवाही करें। उन्होने निर्देश दिए कि सफाई कामगारों को नियमानुसार अवकाश तथा परिवार को मृत्यु के प्रकरणों में उपादान का समय सीमा में भुगतान सुनिश्चित किया जाए। आयोग के अध्यक्ष ने सफाई कामगार परिवारों के लिए नगरीय निकाय क्षेत्र में मांगलिक भवन निर्माण के लिए भूमि चिन्हित करने पर जोर दिया।
बैठक में आयोग के अध्यक्ष श्री करोसिया ने सफाई कामगारों के वेतन भत्ते, एन.पी.एस., अनुकम्पा नियुक्ति, रिक्त पदों की पूर्ति, पेंशन, पी.एफ., ईएसआई प्रकरणों के त्वरित निराकरण, बस्ती विकास, सामुदायिक भवन, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजनाओं की नगरीय निकायवार प्रगति की समीक्षा की और इन सभी योजनाओं में सफाई कामगार सदस्यों की आनुपातिक भागीदारी की भी समीक्षा की।
उन्होने न.पा.सीएमओ को नीमच में सफाई कामगारों के लिए आवासीय कालोनी विकसित करने और व्यवसाईक दुकाने निर्मित कर आवंटित कब्जे की कार्यवाही करने को भी कहा। उन्होने सभी सफाई कामगारों का प्रतिमाह 10 तारीख तक वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
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संभागायुक्त श्री आशीष सिंह की अध्यक्षता में उज्जैन संभाग की कलेक्टर कॉन्फ्रेंस आयोजित
राजस्व प्रकरणों को समय सीमा में निपटाए
अविवादित नामांतरण, बंटवारे, सीमांकन के लंबित प्रकरण एक माह में खत्म करे
लोक सेवा गारंटी के प्रकरण समय सीमा से बाहर होने पर पेनाल्टी लगाए।
संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह ने बैठक में दिए निर्देश
नीमच 13 मई 2026, संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह ने कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में संभाग के सभी कलेक्टर को निर्देश दिए, कि राजस्व के प्रकरणों को समय सीमा में पूर्ण करने के लिए अधीनस्थ कार्यालयों का लगातार निरीक्षण करे और लोक सेवा गारंटी के आवेदनों पर समय सीमा में काम नहीं होने पर संबंधित अधिकारी पर पेनाल्टी लगाए। सीमांकन, बंटवारा, नामांतरण बीके अविवादित प्रकरणों की पेंडेंसी एक माह में खत्म करे। नामांतरण, सीमांकन के प्रकरणों में निचले अमले की कार्रवाई पर भी निगाह रखे। बिना कारण सीमांकन प्रकरण रद्द नहीं हो।
नीमच कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने बताया कि नीमच जिले में सीमांकनों के प्रकरण लंबित नहीं हैं। बैठक में उज्जैन,देवास, रतलाम,शाजापुर,आगर मालवा,मंदसौर,नीमच, के कलेक्टर ने गेहूं खरीदी, वरदान उपलब्धता, गेहूं का परिवहन की जानकारी भी दी ।
स्वास्थ विभाग की समीक्षा के दौरान गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीयन की स्थिति की जानकारी ली और कहा, कि जिलों में गर्भवती महिलाओं का अनिवार्य पंजीयन हो और सभी आवश्यक जानकारी, आयरन गोली,टीकाकरण और लगातार उनके स्वास्थ की जानकारी भी आघतन रहे।
संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने कहा कि गर्भवती महिलाओं की पूरी तरह ट्रेकिंग हो और समय समय उनको जानकारी भी दी जाए,जिससे उनको पोषण आहार भी मिलता रहे, सभी प्रसव अस्पताल में हो इससे बच्चों के स्वास्थ पर भी निगाह रखी जा सकेगी और उनकी बेहतर देखभाल भी होगी।
कमिश्नर श्री सिंह ने हाई रिस्क वाले चिह्नित ग्रामों में टीबी की जांच पुनः एक बार करवाने कें लिए शिविर लगाने को कहा है।
संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह ने सभी जिलों में बच्चों में कुपोषण की कमी लाने के लिए आंगनवाड़ी में पंजीयन अनिवार्य रूप से करवाने और उनको पोषण आहार देने के लिए जन सहयोग से मदद करने का भी पायलट प्रोजेक्ट चलाया जा सकता है।
संभाग में नवजात बच्चों को सही तरीके से फीडिंग सिखाने विशेष प्रशिक्षण अभियान चलेगा
संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह ने महिला बाल विकास की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए की बच्चों को मां के दूध और ऊपरी दूध की फीडिंग के लिए बेहतर तरीके सीखने हेतु आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। यह मास्टर ट्रेनर अपने जिलों में अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फीडिंग के संबंध में प्रशिक्षण देंगी ,मास्टर ट्रेनर बनाने के लिए उज्जैन जिले में उज्जैन, शाजापुर ,देवास और आगर मालवा जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
नीमच की आंगनवाडी कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण- इसी प्रकार रतलाम में भी इसी प्रकार का प्रशिक्षण आयोजित होगा, जिसमें रतलाम ,मंदसौर और नीमच की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह मास्टर ट्रेनर अपने जिलों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नवजात बच्चों को फीडिंग के संबंध में विशेष प्रशिक्षण देंगी।
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ग्वाल तालाब की मिट्टी की नीलामी 15 मई को
नीमच 13 मई 2026, जनपद पंचायत नीमच द्वारा ग्राम पंचायत कराडिया महाराज के ग्राम ग्वाल तालाब स्थित तालाब की मिट्टी की निलामी 18 मार्च 2026 को जनपद पंचायत नीमच के सभाकक्ष में आयोजित की गई थी, किंतु तालाब में पानी भरा होने से निलामी स्थगित की गई थी। अब उक्त निलामी 15 मई 2026 को जनपद पंचायत नीमच के सभाकक्ष में दोपहर 12.30 बजे आयोजित की गई है। यह जानकारी जनपद नीमच के सीईओ ने दी है।
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नीमच जिले की 1,55,737 लाड़ली बहनों के खातों में अंतरित हुई
36वीं किश्त, ₹22.80 करोड़ की राशि जारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नरसिंहपुर से किया राशि अंतरण
जिले में ग्राम/वार्ड स्तर पर देखा गया कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट
नीमच, 13 मई 2026, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना तहत नीमच जिले की 1,55,737 हितग्राही बहनों के बैंक खातों में आज 36वीं किश्त की राशि ₹22 करोड़ 80 लाख अंतरित की गई। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्रीमती अंमिता पंड्या ने उक्त जानकारी देते हुए बताया, कि बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में नरसिंहपुर जिले के ग्राम मुंगवानी में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना राशि अंतरण एवं महिला सशक्तिकरण सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश की 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में कुल 1553 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की गई हैं।
इस कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट नीमच जिले में ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर हितग्राही लाड़ली बहनों द्वारा देखा गया। योजना प्रारंभ होने से यह 36वीं किश्त है, जो लाड़ली बहनों के खातों में जमा हुई है।
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देवरान में आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर संपन्न, 71 मरीजों ने लिया स्वास्थ्य लाभ
नीमच 13 मई 2026, आयुष्मान आरोग्य मंदिर चचौर द्वारा मंगलवार को देवरान में आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर का आयोजित किया गया। शिविर में रोगियों की निःशुल्क जांच कर आवश्यक औषधियों का वितरण किया गया।
शिविर में आमवात, संधिवात, त्वचा रोग, उदर रोग, विबंध (कब्ज), श्वास, कास, प्रतिश्याय, रक्ताल्पता, उच्च रक्तचाप, अर्श, गैस, अम्लपित्त, हृदय रोग, प्रमेह आदि विभिन्न रोगों से पीड़ित मरीजों का परीक्षण कर औषधियां वितरित की गईं।
इस शिविर में कुल 71 रोगियों ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। शिविर में डॉ.तुलसीराम अलावे, श्री यतेन्द्र राजावत एवं श्री हुकुमचंद सूर्यवंशी ने सेवाएं दी।
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जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक 18 को
नीमच 13 मई 2026, कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन तहत जिला जल एवं स्वच्छता मिशन(डी.डब्ल्यू.एम.एम.) की बैठक 18 मई 2026 को प्रात: 10.30 बजे कलेक्टोरेट सभागृह नीमच में आयोजित की गई। इस बैठक में जल जीवन मिशन द्वारा निष्पादित कार्यो, वर्तमान में प्रगतिरत कार्यो एवं जल निगम द्वारा क्रियान्वित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जावेगी। लो.स्वा.यां.विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री दीपेश वास्पत ने बैठक में सभी सदस्यों से अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का आगृह किया है।
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जिले में सुमन हेल्प डेस्क अब 24×7 होंगा संचालित
मध्यप्रदेश में सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने की उत्कृष्ट पहल
राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का सुमन हेल्पडेस्क मॉडल सराहा गया
सेवाए प्राप्त करने हेतु नम्बर 104 एवं 7509279829 ,7509279541 पर काल कर सकेंगे हितग्राही
नीमच 13 मई 2026, म.प्र.शासन के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। सुरक्षित मातृत्व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं की समय पर उपलब्धता एवं तकनीक आधारित स्वास्थ्य मॉनिटरिंग से प्रदेश सरकार महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए प्रभावी पहल कर रही है। सुमन हेल्प डेस्क एवं इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर प्रदेश में सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मध्यप्रदेश सरकार सुरक्षित मातृत्व एवं स्वस्थ नवजात शिशु की सुरक्षा के संकल्प को तकनीक संवेदनशीलता और सतत सेवा के माध्यम से साकार कर रही है। सुमन हेल्प डेस्क स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने, शिकायतों के त्वरित समाधान, समयबद्ध रेफरल एवं सतत निगरानी के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सशक्त आधार प्रदान कर रही है।
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में संचालित सुरक्षित मातृत्व आश्वासन, सुमन हेल्प डेस्क व्यवस्था प्रदेश में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं उनके परिवारों के लिए भरोसेमंद सहायक प्रणाली बनकर उभरी है।
राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया मध्यप्रदेश मॉडल- मध्यप्रदेश के सुमन आइसीसीसी एवं जिला हेल्प डेस्क मॉडल को भारत सरकार द्वारा आयोजित 10वें राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन, नेशनल समिट ऑन इनोवेशंस एंड बेस्ट प्रैक्टिसेजद्ध में नवाचार एवं सर्वोत्तम कार्य पद्धति के रूप में सराहा गया है।
राज्य स्तर पर स्थित आईसीसीसी पूर्व से ही 24 घंटे सातों दिवस कार्यरत है, जबकि जिला स्तरीय हेल्प डेस्क कार्यालयीन समय में संचालित होते है। इस व्यवस्था के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए मई से सभी जिलों के साथ ही नीमच जिले में भी जिला स्तरीय सुमन हेल्प डेस्क को भी 24×7 संचालित किया जा रहा है।
सुमन हेल्प डेस्क जिले में सक्रिय- प्रदेश के प्रत्येक जिले में सुमन हेल्प डेस्क स्थापित की गई है, जहाँ 2 टेली कॉलर एवं एक सुपरवाइज़र नियुक्त हैं। हेल्प डेस्क का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को सभी निर्धारित स्वास्थ्य सेवाएँ समय पर निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण रूप से उपलब्धता करना है। लाभार्थी को स्वास्थ्य सेवाओं में देरी या असुविधा पर हेल्प डेस्क द्वारा संबंधित स्वास्थ्यकर्मी, एएनएम, सीएचओ अथवा अन्य मैदानी अमले से समन्वय स्थापित कर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाता है। शिकायतों का समयबद्ध निवारण इस प्रणाली की प्रमुख विशेषता है।
आइसीसीसी से जुड़ी हाई.टेक निगरानी व्यवस्था- सुमन हेल्प डेस्क व्यवस्था राज्य स्तरीय सुमन इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, आइसीसीसी से जुड़ी हुई है। कंट्रोल सेंटर से सेवाओं की सतत निगरानी, रिपोर्टिंग एवं समन्वय किया जा रहा है। यह कमांड सेंटर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावीए उत्तरदायी और तकनीक आधारित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
104 टोल फ्री एवं जिला स्तरीय सम्पर्क नम्बर 7509279829 ,7509279541
सेवा से मिल रहा व्यापक परामर्श
104 टोल फ्री नंबर के माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, शिकायत निवारण, शासकीय योजनाओं की जानकारी तथा आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, पीएमएसएमए सेवाओं की जानकारी, सोनोग्राफी एवं आवश्यक जांच के लिए परामर्श, आईएफए एवं कैल्शियम अनुपूरण संबंधी मार्गदर्शन, बर्थ वेटिंग होम में भर्ती के लिए प्रेरित करनाए उच्च जोखिम गर्भावस्था, हाई रिस्क प्रेगनेंसी की सतत निगरानी, नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य ट्रैकिंग आदि सेवाएँ नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
लाखों माताओं और नवजातों की नियमित मॉनिटरिंग- सुमन हेल्प डेस्क से लाखों गर्भवती महिलाओं, उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली माताओं एवं नवजात शिशुओं की नियमित निगरानी की जा रही है। हेल्पडेस्क द्वारा समय-समय पर जागरूकता संदेश, स्वास्थ्य परामर्श एवं आवश्यक जानकारी भी साझा की जाती है, जिससे सुरक्षित प्रसव एवं नवजात देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।
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