मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 14 मई 2026 गुरुवार

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सीतामऊ पुलिस द्वारा मोबाइल ट्रेस कर वापिस लौटाया

सीतामऊ :- सीतामऊ पुलिस द्वारा ईश्वर गिरी पिता मांगू गिरी का vivo मोबाइल कीमती 31 हजार रुपए का तकनीकी सहायता सहायता से ट्रेस कर वापिस लौटाया,सीतामऊ पुलिस द्वारा बीते दिनों करीब 50 घूम हुए मोबाइल तकनीति सहायता लेकर ट्रेस करके वापिस मोबाइल धारकों को लौटाए जा चुके हैं।

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भेसौदामंडी चौकी प्रभारी यादव ने पुलिस टीम के साथ भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

भानपुरा। मंदसौर जिले के भानपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत भेसौदामंडी चौकी प्रभारी धर्मेश यादव ने पुलिस टीम के साथ चौकी क्षेत्र में देर शाम पैदल भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान होटल, ढाबों और लॉजों की सघन जांच की गई। पुलिस टीम ने संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ करते हुए होटल संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। चौकी प्रभारी धर्मेश यादव ने बताया कि क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस टीम द्वारा होटल और लॉज संचालकों को आने-जाने वाले लोगों की जानकारी रजिस्टर में दर्ज करने तथा संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने के निर्देश दिए गए।

 

 

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जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत डगवेल रिचार्ज के 2639 कार्य पूर्ण

 

 

 

जल संरक्षण के साथ पर्यावरण संवर्धन पर भी विशेष जोर

मंदसौर 13 मई 26 / जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत व्यापक स्तर पर जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के कार्य किए जा रहे हैं। अभियान के तहत जिले में डगवेल रिचार्ज के कुल 4296 कार्य प्रारंभ किए गए थे। इनमें भानपुरा में 965, गरोठ में 991, मल्हारगढ़ में 1066, मंदसौर में 463 तथा सीतामऊ में 811 कार्य शामिल हैं।

इनमें से अब तक जिले में कुल 2639 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। पूर्ण हुए कार्यों में भानपुरा में 440, गरोठ में 560, मल्हारगढ़ में 506, मंदसौर में 639 तथा सीतामऊ में 494 कार्य शामिल हैं।

प्राचीन जल स्रोतों के संरक्षण का कार्य लगातार जारी

सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिले में कंटूर ट्रेंच निर्माण, पर्कोलेशन तालाब निर्माण, अमृत सरोवर निर्माण, खेत तालाब निर्माण तथा डगवेल रिचार्ज जैसे विभिन्न कार्य निरंतर किए जा रहे हैं। इन कार्यों के माध्यम से वर्षा जल संरक्षण एवं भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए जिले के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर आमजन के लिए सार्वजनिक प्याऊ स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि नागरिकों एवं राहगीरों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

इसके साथ ही “एक बगिया मां के नाम” परियोजना के तहत जिले में फलदार पौधों का रोपण किया जा रहा है।

अभियान के तहत प्राचीन एवं पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण तथा बावड़ियों के जीर्णोद्धार का कार्य भी प्राथमिकता से किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से यह अभियान जनभागीदारी के साथ संचालित किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने आमजन से वर्षा जल संचयन एवं जल बचत के उपाय अपनाने की अपील की है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।

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मुख्यमंत्री ने जिले की 2.60 लाख लाड़ली बहनों को 39.05 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की

मंदसौर 13 मई 26 / मध्यप्रदेश की करोड़ों महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सम्मान के लिये नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ की 36वीं किश्त जारी की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अंतर्गत माह मई 2026 की मासिक आर्थिक सहायता राशि का अंतरण किया।

इस अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम कलेक्टर कार्यालय सभागृह में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा गया तथा उनके उद्बोधन को उपस्थित जनों ने सुना। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बी.एल. विश्नोई ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने जिले की कुल 2 लाख 60 हजार 396 लाड़ली बहनों को 39.05 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की।

उन्होंने बताया कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम में उपस्थित लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से उन्हें हर माह आर्थिक सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिससे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिल रही है।

राशि में क्रमिक वृद्धि: 1,000 से बढ़कर 1,500 रूपये प्रतिमाह

योजना के प्रारंभ में प्रत्येक पात्र महिला को 1,000 रूपये प्रतिमाह प्रदान किए जाते थे। अक्टूबर 2023 में इसे बढ़ाकर 1,250 रूपये प्रतिमाह किया गया। इसके बाद नवंबर 2025 से राशि में पुनः वृद्धि कर इसे 1,500 रूपये प्रतिमाह कर दिया गया। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत कम राशि प्राप्त करने वाली महिलाओं को भी इस योजना के माध्यम से अतिरिक्त सहायता देकर कुल देय राशि सुनिश्चित की जा रही है।

करोड़ों महिलाओं के जीवन में आया व्यापक परिवर्तन

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने मध्यप्रदेश में महिला कल्याण के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित की है। यह केवल आर्थिक सहायता योजना नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बन गई है। योजना से प्रदेश की महिलाओं के जीवन में व्यापक और सकरात्मक परिवर्तन आए है। नियमित आर्थिक सहायता ने महिलाओं को घरेलू खर्चों के प्रबंधन ने अधिक आत्मनिर्भर बनाया है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ बच्चों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य पर अधिक प्रभावी ढंग से खर्च कर पा रही है।

योजना से प्राप्त राशि ने अनेक महिलाओं को स्व-सहायता समूहों, लघु उद्योगों और स्व-रोजगार गतिविधियों से जुड़ने के लिये प्रेरित किया है। इससे उनकी आय के अतिरिक्त स्त्रोत विकसित हुए है। आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ महिलाओं के परिवार के महत्वपूर्ण निर्णयों में भागीदारी बढ़ी है और उनकी राय को अधिक महत्व मिलने लगा है। बैंक खातों में सीधे राशि अंतरण की व्यवस्था ने महिलाओं को औपचारिक बैंकिग और वित्तीय सेवाओं से जोड़ा है। इससे उनमें वित्तीय साक्षरता और आर्थिक आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

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रणायरा एवं रहीमगढ़ में आयोजित हुआ आयुष्मान आरोग्य शिविर

मंदसौर 13 मई 26 / प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग के मार्गदर्शन में जिलेभर में सतत आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सीतामऊ ब्लॉक के ग्राम रणायरा एवं रहीमगढ़ में निक्षय वाहन के माध्यम से आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में ग्रामीणों एवं हितग्राहियों की विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी जांच की गई तथा आवश्यक परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा टीबी एवं अन्य बीमारियों के प्रति जागरूकता भी प्रदान की गई। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।

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संभागायुक्त श्री आशीष सिंह की अध्यक्षता में उज्जैन संभाग की कलेक्टर कॉन्फ्रेंस आयोजित

राजस्व प्रकरणों को समय सीमा में निपटाए

अविवादित नामांतरण, बंटवारे, सीमांकन के लंबित प्रकरण एक माह में खत्म करे

लोक सेवा गारंटी के प्रकरण समय सीमा से बाहर होने पर पेनाल्टी लगाए

संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह ने कलेक्टरों को समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

मंदसौर 13 मई 26 / संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह ने कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में संभाग के सभी कलेक्टर को निर्देश दिए कि राजस्व के प्रकरणों को समय सीमा में पूर्ण करने के लिए अधीनस्थ कार्यालयों का लगातार निरीक्षण करे और लोक सेवा गारंटी के आवेदनों पर समय सीमा में काम नहीं होने पर संबंधित अधिकारी पर पेनाल्टी लगाए।

सीमांकन, बंटवारा, नामांतरण बीके अविवादित प्रकरणों की पेंडेंसी एक माह में खत्म करे। नामांतरण, सीमांकन के प्रकरणों में निचले अमले की कार्रवाई पर भी निगाह रखे। बिना कारण सीमांकन प्रकरण रद्द नहीं हो।

मंदसौर, उज्जैन,देवास, रतलाम,शाजापुर,आगर मालवा, नीमच, के कलेक्टर ने गेहूं खरीदी, वरदान उपलब्धता, गेहूं का परिवहन की जानकारी भी दी।

स्वास्थ विभाग की समीक्षा के दौरान गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीयन की स्थिति की जानकारी ली और कहा की जिलों में गर्भवती महिलाओं का अनिवार्य पंजीयन हो और सभी आवश्यक जानकारी, आयरन गोली,टीकाकरण और लगातार उनके स्वास्थ की जानकारी भी आघतन रहे।

संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने कहा कि गर्भवती महिलाओं की पूरी तरह ट्रेकिंग हो और समय समय उनको जानकारी भी दी जाए, जिससे उनको पोषण आहार भी मिलता रहे, सभी प्रसव अस्पताल में हो इससे बच्चों के स्वास्थ पर भी निगाह रखी जा सकेगी और उनकी बेहतर देखभाल भी होगी।

मंदसौर कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने बताया कि जिले में जन्म के 24 घंटे बच्चों को मां के साथ रखा जा रहा है जिससे जन्म के बाद तत्काल मां का दूध मिल सके और उनका बेहतर विकास हो, इससे बच्चों में कुपोषण दर कम हुई है और मृत्यु दर में भी कमी आई है।

देवास कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने बताया की देवास में बच्ची के जनम के समय सभी सुरक्षा इंतजाम के साथ स्वच्छता का प्रोटोकॉल भी अपनाया गया है। इससे बच्चों में इन्फेक्शन से बचाव हुआ है।

कमिश्नर श्री सिंह ने उक्त दोनों बिंदुओं को सभी जिलों को अध्ययन कर जिलों में करने के लिय बोला है। इसके साथ ही हाई रिस्क वाले चिह्नित ग्रामों में टीबी की जांच पुनः एक बार करवाने कें लिए शिविर लगाने को कहा है।

संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह ने सभी जिलों में बच्चों में कुपोषण की कमी लाने के लिए आंगनवाड़ी में पंजीयन अनिवार्य रूप से करवाने और उनको पोषण आहार देने के लिए जन सहयोग से मदद करने का भी पायलट प्रोजेक्ट चलाया जा सकता है।

संभाग में नवजात बच्चों को सही तरीके से फीडिंग सिखाने विशेष प्रशिक्षण अभियान चलेगा।

संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह है महिला बाल विकास की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए की बच्चों को मां के दूध और ऊपरी दूध की फीडिंग के लिए बेहतर तरीके सीखने हेतु आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। यह मास्टर ट्रेनर अपने जिलों में अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फीडिंग के संबंध में प्रशिक्षण देंगी ,मास्टर ट्रेनर बनाने के लिए उज्जैन जिले में उज्जैन, शाजापुर ,देवास और आगर मालवा जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर के रूप में नियुक्त किया जाएगा।

इसी प्रकार रतलाम में भी इसी प्रकार का प्रशिक्षण आयोजित होगा जिसमें रतलाम ,मंदसौर और नीमच की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा यह मास्टर ट्रेनर अपने जिलों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नवजात बच्चों को फीडिंग के संबंध में विशेष प्रशिक्षण देंगी।

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बच्चों का सर्वांगीण विकास ही विकसित मध्यप्रदेश @2047 की आधारशिला: मंत्री सुश्री भूरिया,

“परिणामोन्मुखी चाइल्ड बजटिंग कार्यशाला में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विभागीय समन्वय पर दिया जोर,

मंदसौर 13 मई 26 / महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि मध्यप्रदेश के बच्चों का सर्वांगीण विकास ही राज्य के सतत और समावेशी विकास की आधारशिला बनेगी। मंत्री सुश्री भूरिया बुधवार को होटल कोर्टयार्ड मैरियट में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘चाइल्ड बजटिंग इन मध्यप्रदेश’ विषयक प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं।

बजट 2026-27: बच्चों के लिए रिकॉर्ड आवंटन

मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दिखती है। उन्होंने मुख्य वित्तीय प्रावधानों को साझा करते हुए कहा कि बजट में इस वर्ष 26 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में 23 हजार 747 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें ‘पोषण 2.0’ जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। राज्य के कुल व्यय का 13.7 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर व्यय के लिये आवंटित किया गया है।

19 विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता

मंत्री सुश्री भूरिया ने स्पष्ट किया कि बच्चों का विकास केवल संबंधित बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने कहा चाइल्ड बजट स्टेटमेंट में अब 19 विभागों को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य और सामाजिक न्याय जैसे सभी विभागों को एक निर्धारित लक्ष्य अनुसार मिलकर काम करना होगा। विभागों के बीच जब बेहतर समन्वय होगा, तभी बजट का वास्तविक लाभ धरातल पर दिखेगा।

जिलों की विशिष्ट आवश्यकताओं पर ध्यान

मंत्री सुश्री भूरिया ने प्रदेश के 55 जिलों की विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि हर जिले में बच्चों की आवश्यकताएं अलग हो सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्थानीय आवश्यकताओं को समझें और उसी के अनुरूप कार्य योजना बनाएं।

3 करोड़ बच्चे हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी” : आयुक्त सुश्री निधि निवेदिता

महिला एवं बाल विकास आयुक्त सुश्री निधि निवेदिता ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कि राज्य की लगभग 40 प्रतिशत आबादी 3 करोड़ बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि चाइल्ड बजट की रिपोर्टिंग को अधिक वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाना अनिवार्य है।विभागों को केवल आंकड़ों पर नहीं, बल्कि साक्ष्यों पर ध्यान देना होगा कि उनकी योजनाओं का वास्तविक लाभ बच्चों तक कैसे पहुँच रहा है।

5 वर्षों की सफलता और ‘इक्विटी’ पर जोर : विलियम हैनलोन जूनियर

यूनिसेफ मध्यप्रदेश के चीफ फील्ड स्टॉफ, श्री विलियम हैनलोन ने कहा कि मध्यप्रदेश ‘चाइल्ड बजटिंग’ के 5 सफल वर्ष पूरे कर चुका है और यह केवल खर्च की रिपोर्टिंग से आगे बढ़कर ‘परिणाम-आधारित’ बजटिंग की ओर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश की अधिकांश जनजातीय आबादी को देखते हुए बजट में लिंग और भौगोलिक स्थिति के आधार पर समानता का ध्यान रखा जाना चाहिए।

विकसित भारत @2047′ के लिए रणनीतिक निवेश : क्रिस्टीना पोपीवानोवा

यूनिसेफ की सोशल पॉलिसी चीफ (दिल्ली) सुश्री क्रिस्टीना पोपीवानोवा ने मध्यप्रदेश की इस पहल को संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार कन्वेंशन के अनुरूप बताया।उन्होंने कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब बच्चों में निवेश को ‘लाभार्थी’ के नजरिए से नहीं बल्कि ‘उत्पादकता’ के आधार पर देखा जाए ।

महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक श्री अभिताभ अवस्थी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए बाल बजट के अंतर्गत 75 हजार 587 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह राशि राज्य के कुल बजट का 19.4 प्रतिशत और सकल घरेलू उत्पाद का 4.1 प्रतिशत है। वर्ष 2022 में बाल बजटिंग की पहल शुरू करने के बाद, मध्यप्रदेश अब इसके पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस प्रक्रिया में विभागों की भागीदारी 17 से बढ़कर 19 हो गई है, जो राज्य की “होल ऑफ गवर्नमेंट अप्रोच”को दर्शाती है।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों का संचालन यूनिसेफ की सामाजिक नीति विशेषज्ञ सुश्री पूजा सिंह द्वारा किया गया। इसमें शामिल 19 विभागों के प्रतिनिधियों ने बजट प्रक्रिया और क्रियान्वयन के अपने अनुभव साझा किए।

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सैद्धांतिक प्रशिक्षण हेतु योग्य एवं अनुभवी ट्रेनरों से आवेदन 15 मई तक आमंत्रित

मंदसौर 13 मई 26 / सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि म.प्र. शासन के पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को सैन्य बल एवं अन्य समकक्ष सुरक्षा बलों, पुलिस, होमगार्ड तथा निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती हेतु सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के 20 जिला मुख्यालयों पर कन्या एवं बालक हेतु पृथक-पृथक आवासीय प्रशिक्षण संचालित किया जाना है।

योजना अंतर्गत सैद्धांतिक प्रशिक्षण हेतु शासन द्वारा निर्धारित दर 500 रुपये प्रति कालखण्ड (1 घंटा) एवं अधिकतम 12 हजार 500 रुपये प्रतिमाह मानदेय पर सामान्य ज्ञान, सामान्य विज्ञान, सामान्य हिन्दी, सामान्य अंग्रेजी, सामान्य कम्प्यूटर, अंकगणित एवं तर्कशक्ति विषयों के योग्य एवं अनुभवी ट्रेनरों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

आवेदन 15 मई 2026 तक कार्यालयीन समय सायं 6 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः ऑफलाइन एवं निःशुल्क रहेगी। आवेदन प्रारूप कार्यालय कलेक्टर, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, मंदसौर से प्राप्त एवं जमा किए जा सकेंगे।

अधिक जानकारी हेतु कार्यालय कलेक्टर, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, कक्ष क्रमांक 315, द्वितीय तल, सुशासन भवन, मंदसौर अथवा मोबाइल नंबर 6261565001 पर कार्यालयीन समय में संपर्क किया जा सकता है।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी की अपील पर अपने कारकेड में घटाई वाहनों की संख्या

राष्ट्र हित में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने पर मध्यप्रदेश में होगा अमल, निर्देश जारी

मंदसौर 13 मई 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आहवान पर आगामी आदेश तक अपने कारकेड में वाहनों की संख्या कम कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को राज्य मंत्री परिषद की बैठक में मंत्री परिषद के सदस्यों से वर्तमान वैश्विक संकट को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने सहित राष्ट्र हित में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित करने की अपील की थी। मध्यप्रदेश गंभीरता से इस पर अमल करेगा। इस तारतम्य में राज्य सरकार ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री के काफिले में चलेंगे 8 वाहन

आगामी आदेश तक मुख्यमंत्री के कारकेड में 13 वाहनों के स्थान पर 8 वाहन ही चलेंगे। उनके भ्रमण के समय वाहन रैली आयोजित नहीं की जाएगी। सभी मंत्रीगण यात्रा में न्यूनतम वाहनों का प्रयोग करेंगे। यह भी निर्देश जारी किए गए हैं कि नव नियुक्त निगम-मंडल के पदाधिकारी सादगी से कार्यभार ग्रहण करें और वाहन रैली आयेाजित न करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के आहवान और दिए गए सुझावों के अनुरूप मध्यप्रदेश में शासकीय कार्यों में मितव्ययता के उपायों पर अमल करने को कहा है। मंत्रीगण सहित निगम-मंडल के पदाधिकारियों और आम नागरिकों से वाहनों के कम से कम प्रयोग करने, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने और अनावश्यक रूप से वाहनों का उपयोग न किए जाने को कहा गया है।

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उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा का मंदसौर दौरा कल, स्थानीय कार्यक्रमों में होंगे सम्मिलित

मंदसौर।मध्य प्रदेश शासन के माननीय उपमुख्यमंत्री एवं वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री श्री जगदीश देवड़ा  कल, 14 मई 2026को मंदसौर जिले के प्रवास पर रहेंगे। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, वे विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ ही रात्रि विश्राम मंदसौर में ही करेंगे।

दौरा कार्यक्रम का विवरण (14 मई 2026): उपमुख्यमंत्री जी का प्रस्तावित कार्यक्रम इस प्रकार है:

प्रात: 10:30 बजे:  भोपाल से प्रस्थान (वाया सीहोर-देवास)।

दोपहर 01:30 बजे: उज्जैन आगमन एवं स्थानीय कार्यक्रमों में सहभागिता।

दोपहर 02:00 बजे:  उज्जैन से मंदसौर के लिए प्रस्थान (वाया नागदा-जावरा)।

सायं 05:00 बजे:  मंदसौर आगमन एवं रात्रि विश्राम।

प्रमुख व्यवस्थाएं एवं निर्देश: दौरे को लेकर प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं:

सुरक्षा एवं प्रोटोकॉल:जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (भोपाल, सीहोर, देवास, उज्जैन, रतलाम और मंदसौर) को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था और पायलट-फॉलो की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आवास व्यवस्था: प्रोटोकॉल अधिकारी को सर्किट हाउस, मंदसौर में उपमुख्यमंत्री जी एवं उनके स्टाफ के लिए कक्ष आरक्षित करने हेतु निर्देशित किया गया है।

वाहन: पूरा प्रवास सड़क मार्ग द्वारा (वाहन क्रमांक MP 02 ZA 0872 एवं MP 04 YG 8001) संपन्न होगा।

संपर्क सूत्र: किसी भी आपातकालीन स्थिति या समन्वय हेतु निम्नलिखित अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है:

श्री देवेन्द्र मालवीय (निज सहायक): 9131989391 श्री राजेश कुशवाह (सुरक्षा अधिकारी) 8770871427

शेष कार्यक्रमों की जानकारी पृथक से जारी की जाएगी।

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