मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 07 अप्रैल 2026 मंगलवार

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सीतामऊ व्यास पैट्रोल पंप के पास ट्रेक्टर और कार का एक्सीडेंट,इस मामले में कार चालक महेश बलवार की इलाज के दौरान मौत हो गई है, ड्राइवर को मंदसौर से रतलाम रेफर किया गया था। इलाज के दौरान मौत हो गई।

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बसई के यह है गोताखोर टीम ने जो लड़की की जान बचाई है उस गोताखोर टीम को बसई में समाचार पत्र संपादक संघ मंदसौर द्वारा बसई में आयोजित पत्रकार सम्मान समारोह कार्यक्रम में सीतामऊ एसडीओपी दिनेश प्रजापति ने शील्ड देकर सम्मानित किया था और बसई के वरिष्ठ कांग्रेस के नेता जगदीश कोठारी ने ₹5100 की राशि देकर गोताखोरो का सम्मान किया

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मंदसौर-सीतामऊ-सुवासरा मार्ग को 4-लेन में परिवर्तित करने एवं बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के विरोध में जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर के नेतृत्व में एमपीआरडीसी के संभागीय महाप्रबंधक मानवेंद्र सिंह कनेश को ज्ञापन सौंप

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भारतीय किसान संघ के द्वारा किसानों ने तहसील स्तरीय धरना प्रदर्शन कियाअपनी मांगों को लेकर दिया ज्ञापन

भारतीय किसान संघ के किसान के द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया यह धरना प्रदर्शन मालवा क्षेत्र में अपनी मांगों को लेकर तहसील स्तरीय मांग रखते हुए तहसीलदार के नाम ज्ञापनज्ञापन देकर ज्ञापन के माध्यम से माध्यम से अपनी मांग रखी । शामगढ़, सुवासरा, गरोठ,भानपुरा सहित पूरे मालवा क्षेत्र में भारतीय किसान संघ के द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया रखी गई अपनी मांग, यह धरना प्रदर्शन 1:00 बजे से लेकर 2:00 बजे तक चला ज्ञापन देकर धरना समाप्त किया इस अवसर पर भारतीय किसान के कई किसान मौजूद रहे ।

जिला अध्यक्ष कृपाल सिंह सोलंकी कोषाध्यक्ष निहालचंद पाटीदार जिला मंत्री रामनिवास बैरागी जिला सदस्य बाबूलाल धाकड़ अर्जुन सिंह सोलंकी तहसील अध्यक्ष डूंगर सिंह सिसोदिया तहसील मंत्री बलराम शर्मा एवं तहसील उपाध्यक्ष शंभू सिंह चौहान देवी दयाल धाकड़ (युवा संयोजक) तहसील कार्यकारिणी सदस्य श्याम सिंह तंवर गोपाल सिंह राठौड़ शिव सिंह परिहार रामगोपाल धाकड़ दीपक राठौड़ रोड सिंह चौहान मांगीलाल विश्वकर्मा विमल पाटीदार उमराज सिंह चौहान एवं शामगढ तहसील के किसान कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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जल गंगा संवर्धन अभियान में पुराने जल स्रोतों का जीर्णोद्धार कर पुनर्जीवित करें : कलेक्टर श्रीमती गर्ग

नोडल अधिकारी उपार्जन केंद्रों में आधारभूत सुविधाओं को चेकलिस्ट अनुसार चेक करें

मंदसौर 6 अप्रैल 26 / कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में सोमवार को सुशासन भवन स्थित सभागार में साप्ताहिक अंतर विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सभी जनपद पंचायतों के सीईओ को कार्य योजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तालाबों से गाद निकालने, बावड़ियों की गहराई तक सफाई करने तथा जल स्रोतों का संरक्षण प्राथमिकता से किया जाए। साथ ही ऐसे पुराने जल स्रोत जो समाप्त हो चुके हैं, उनका जीर्णोद्धार कर पुनर्जीवित किया जाए, ताकि जिले में जल संरचना मजबूत हो सके।

उन्होंने पीएचई विभाग एवं जल निगम को जनभागीदारी के माध्यम से कार्य कराने के निर्देश दिए। सभी नगरीय निकायों को ग्रीष्मकाल में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं स्थानीय जल स्रोतों की पहचान कर उन पर कार्य करने के लिए कहा गया।

कलेक्टर ने स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन करने, एचपीवी वैक्सीनेशन का शत-प्रतिशत लक्ष्य शीघ्र पूर्ण करने तथा पीडीएस दुकानों को नियमित खोलकर खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गेहूं उपार्जन की समीक्षा करते हुए किसानों के पुनः सत्यापन एवं भंडारण व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा।

उन्होंने सभी उपार्जन केंद्रों पर नोडल अधिकारियों को आधारभूत सुविधाओं की चेकलिस्ट के अनुसार नियमित जांच करने के निर्देश दिए।

नरवाई प्रबंधन के तहत सभी एसडीएम को तहसीलवार रिपोर्ट तैयार करने एवं प्रभावी कार्यवाही करने को कहा गया। ई-विकास पोर्टल के माध्यम से खाद विक्रय तथा निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने संजय गांधी उद्यान में आयोजित पुस्तक मेले एवं पुस्तक दान पहल की सराहना की। उन्होंने सभी स्कूलों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों को समय पर पुस्तकें एवं साइकिल वितरण करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल, सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

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जिले में स्व-गणना 18 से 30 अप्रैल तक चलेगी : प्रमुख जनगणना अधिकारी

आम जन 18 से 30 अप्रैल तक स्व-गणना में सक्रिय भागीदारी निभाएं

मंदसौर 6 अप्रैल 26 / जनगणना 2027 के अंतर्गत जिले में प्रथम चरण की कार्यवाही को लेकर कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में सुशासन भवन स्थित सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में जनगणना का प्रथम चरण 16 से 30 अप्रैल 2026 तक संचालित होगा, जिसमें 18 से 30 अप्रैल तक नागरिकों द्वारा स्व-गणना की जाएगी। इसके पश्चात 1 मई से 30 मई 2026 तक प्रगणकों द्वारा मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा।

कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को स्व-गणना के प्रति जागरूक करें तथा अधिक से अधिक नागरिकों को इसमें भाग लेने हेतु प्रेरित करें।

जनगणना के सफल संचालन हेतु जन-सामान्य की जागरूकता एवं सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए बताया गया कि जनगणना निदेशालय, मध्यप्रदेश द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत नगर निकायों की कचरा संग्रहण वाहनों पर ऑडियो संदेश, शासकीय कार्यालयों के एलईडी डिस्प्ले, नोटिस बोर्ड, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, प्रमुख चौराहों, स्थानीय केबल नेटवर्क तथा जिला स्तरीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से जनगणना संबंधी जानकारी का प्रसारण किया जाएगा।

जनसामान्य से अपील

आम नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे 18 से 30 अप्रैल तक स्व-गणना में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा 1 से 30 मई के दौरान प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान कर सहयोग करें। सही जानकारी देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

बैठक में जिला जनगणना अधिकारी श्रीमती एकता जायसवाल, सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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एक बगिया माँ के नाम’ योजना अंतर्गत हितग्राहियों का प्रशिक्षण सम्पन्न

मंदसौर 6 अप्रैल 26 / जनपद पंचायत मंदसौर के सभाकक्ष में प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना ‘एक बगिया माँ के नाम’ के तहत हितग्राही बहनों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह, उद्यानिकी विभाग एवं जी.राम.जी. योजना के अंतर्गत बहनों को फल एवं सब्जी उत्पादन की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण में अधिकारियों द्वारा लगभग 3 लाख रुपये तक की सहायता योजना की जानकारी साझा की गई।

इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की सीमान्त कृषक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। बहनों को आधुनिक खेती एवं बागवानी तकनीकों से अवगत कराया गया। जनपद अध्यक्ष श्री बसंत शर्मा ने बहनों को योजना का अधिकतम लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को सशक्त और स्वावलंबी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।

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गरोठ विकासखंड में “राहगीर अभियान” के तहत रास्तों से हटेगा अतिक्रमण : गरोठ एसडीएम श्री चौहान

7 अप्रैल से 15 मई तक चलेगा विशेष अभियान

मंदसौर 6 अप्रैल 26 / गरोठ एसडीएम श्री राहुल चौहान द्वारा बताया गया कि कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग के मार्गदर्शन में गरोठ विकासखंड में शासकीय रास्तों को अतिक्रमण मुक्त करने हेतु “राहगीर अभियान” संचालित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि दिनांक 06 अप्रैल 2026 को जनपद पंचायत गरोठ के सभागार में बैठक आयोजित की गई, जिसमें तहसील गरोठ, भानपुरा एवं शामगढ़ के तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों ने भाग लिया। बैठक में विभिन्न ग्रामों में शासकीय रास्तों पर हो रहे अतिक्रमण एवं अन्य समस्याओं के निराकरण हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई।

“राहगीर अभियान” का संचालन 7 अप्रैल से 15 मई 2026 तक किया जाएगा। अभियान के तहत शासकीय रास्तों का अभिलेख अद्यतन करना, मौके पर चिन्हांकन करना तथा अतिक्रमण पाए जाने पर पहले स्वेच्छा से हटाने हेतु प्रेरित किया जाएगा। आवश्यक होने पर विधि अनुसार कार्रवाई करते हुए रास्तों को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।

अभियान को 10 चरणों में जनभागीदारी के साथ संचालित किया जाएगा। इसकी कार्ययोजना को 14 अप्रैल 2026 की ग्राम सभा के एजेंडे में शामिल कर प्रस्तुत करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

इसके अलावा कच्चे रास्तों पर जलभराव एवं कीचड़ की समस्या के समाधान हेतु ग्राम पंचायतों द्वारा उपलब्ध संसाधनों एवं जनसहभागिता से गिट्टी-मुरम डालकर सुधार कार्य भी किए जाएंगे।

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बाल विवाह पर सख्ती: अक्षय तृतीया से पहले सभी जिलों में कंट्रोल रूम और उड़न दस्ते बनाने के निर्देश

मंदसौर 6 अप्रैल 26 / अक्षय तृतीया के अवसर पर होने वाले सामूहिक विवाह में बाल विवाहों को रोकने के लिए राज्य सरकार ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सचिव महिला एवं बाल विकास श्रीमती जी वी रश्मि ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर बाल विवाह रोकथाम के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत प्रदेश में बाल विवाह की घटनाओं को शून्य करने और किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण नेशनल फ़ैमिली हेल्थ सर्वे(NFHS-5) के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में बाल विवाह के मामलों में कमी आई है, लेकिन कुछ जिलों में अभी भी यह समस्या बनी हुई है। अक्षय तृतीया इस वर्ष 20 अप्रैल 2026 को है और इस दिन प्रदेश में बड़ी संख्या में सामूहिक विवाह आयोजित होते हैं। ऐसे आयोजनों में बाल विवाह होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्देशानुसार स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा। 20 अप्रैल को ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में पंच, सरपंच, सचिव और पार्षद बाल विवाह नहीं होने देने की शपथ लेंगे तथा पंचायत और वार्ड कार्यालयों में इसका प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके अलावा स्कूलों और आंगनबाड़ी के बच्चों की जागरूकता रैलियां भी निकाली जाएंगी।

गांवों में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा समूह चर्चा आयोजित कर परिवारों को बाल विवाह न करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, ग्राम कोटवार और पंचायत सचिव की मदद से 18 वर्ष से कम उम्र की किशोरियों की सूची तैयार कर संबंधित परिवारों को समझाइश दी जाएगी तथा उन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। बाल विवाह की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 181, 1098 और 112 का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त बाल विवाह मुक़्त भारत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

बाल विवाह रोकने के लिए प्रत्येक ग्राम और वार्ड में सूचना दल बनाए जाएंगे, जिनमें शिक्षक, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्व- सहायता समूह की महिलाएं और पंचायत प्रतिनिधि शामिल होंगे।

सचिव श्रीमती रश्मि ने स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप और दीवार लेखन के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए हैं, जिससे समाज में सही उम्र में विवाह के महत्व और कम उम्र में विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके।

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पशुपालन की विभिन्न योजनाओं से किसान होंगे आत्मनिर्भर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना नीति-2025 लागू

मंदसौर 6 अप्रैल 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में किसानों को पशुपालन के लिए प्रेरित कर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर होंगे। हमारा संकल्प है कि हम प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को निरंतर बढ़ाएंगे और वर्ष 2028 तक प्रदेश को देश की मिल्क कैपिटल बनाएंगे। गो-संरक्षण और गो-संवर्धन सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में पशुपालन विभाग को अब गौपालन विभाग का नाम दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में “स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना नीति-2025” लागू की गई है। इसके अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में उपलब्ध गोवंश के आश्रय और भरण-पोषण के लिए 5 हजार से अधिक क्षमता वाली वृहद गौशालाएं स्थापित की जा रही हैं। प्रदेश के आगर मालवा, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन जिलों में आदर्श गौशालाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि भोपाल, जबलपुर और सागर में इनके निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं। ग्वालियर स्थित आदर्श गौशाला में देश का पहला 100 टन क्षमता वाला सीएनजी प्लांट स्थापित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश देश के कुल दुग्ध उत्पादन का लगभग 9 प्रतिशत योगदान देता है, जिसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में सांची ब्रांड को और अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के साथ करार किया गया है। गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में गौसंवर्धन बोर्ड के माध्यम से गौशालाओं को चारा-भूसा अनुदान के लिए 505 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। गौशालाओं में गोवंश के बेहतर आहार की व्यवस्था के लिए प्रति गोवंश दी जाने वाली सहायता राशि 20 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 40 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। घायल अथवा असहाय गायों के लिए हाइड्रोलिक कैटल लिफ्टिंग वाहनों की व्यवस्था भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पशुपालन और डेयरी विकास को गति देने के लिए “मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना” का नाम परिवर्तित कर “डॉ. भीमराव अंबेडकर विकास योजना” किया गया है। इस योजना के अंतर्गत 25 दुधारू पशुओं की डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए लगभग 42 लाख रुपये तक ऋण सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें 25 से 33 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और संग्रहण को बढ़ाने के लिए व्यापक योजना बनाई गई है। दुग्ध संकलन क्षमता को बढ़ाते हुए 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक दुग्ध संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है। अगले 5 वर्षों में दूध संकलन कवरेज वाले गांवों की संख्या 9 हजार से बढ़ाकर 26 हजार करने का लक्ष्य है। इसी अवधि में प्रदेश के कम से कम 50 प्रतिशत गांवों में प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियों की स्थापना की जाएगी।

अब तक प्रदेश में 1,181 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया जा चुका है और 617 निष्क्रिय समितियों को पुनः सक्रिय बनाया गया है। इसमें लगभग 150 बहुउद्देशीय सहकारी समितियों का गठन भी शामिल है। दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के हर ब्लॉक में एक वृंदावन ग्राम विकसित किया जा रहा है।

गो-संरक्षण और गो-संवर्धन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बन रहा है। मुख्यमंत्री दुधारू पशु योजना, कामधेनु निवास योजना, मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम और नस्ल सुधार कार्यक्रम सहित विभिन्न योजनाओं का प्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन जारी है।

अति पिछड़ी जनजातियों बैगा, सहरिया और भारिया के पशुपालकों के लिए प्रदेश के 14 जिलों में मुख्यमंत्री दुधारू पशु योजना संचालित की जा रही है, जिसमें 90 प्रतिशत अनुदान पर दो-दो मुर्रा भैंस या गाय प्रदान की जाती हैं। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सीहोर, विदिशा और रायसेन जिलों में संचालित किया जा रहा है।

केंद्र सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत प्रदेश में 1500 “मैत्री” (मल्टीपर्पज आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन टेक्नीशियन इन रूरल इंडिया) केंद्रों की स्थापना की जा रही है, जिसके माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान द्वारा पशु नस्ल सुधार का कार्य निरंतर किया जा रहा है।

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