समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 20 मार्च 2026 शुक्रवार

जल संवर्धन के काम जन सहयोग से किए जायेगे जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 का हुआ शुभारंभ
रतलाम : गुरूवार, मार्च 19, 2026,
शासन के निर्देशानुसार 19 मार्च से 30 जून तक चलने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ आज 19 मार्च को जिले के सभी नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायतों में किया गया।
जिला स्तर पर रतलाम शहर में अभियान का शुभारंभ नगर निगम कार्यालय के पास दो मुंह की बावड़ी की सफाई के साथ किया गया। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने मिल कर बावड़ी की सफाई की। कार्यक्रम में महापौर श्री प्रहलाद पटेल, जिला अध्यक्ष श्री प्रदीप उपाध्याय, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती मनीषा शर्मा, कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह, सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन, नगर निगम कमिश्नर श्री अनिल भाना, एसडीएम आर्ची हरित सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर श्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए उनकी साफ-सफाई, गहरीकरण किया जाएगा, साथ ही आमजन को जल स्रोतों के रखरखाव के लिए जागरूक किया जाएगा। जन सहभागिता से ही जल संवर्धन अभियान सफल हो सकेगा । आप सभी संकल्प ले कि हम पानी की बर्बादी को रोकेंगे और पानी की बर्बादी करने वालों को टोकेगें भी और जल संवर्धन के काम मे अपना योगदान देगे।
कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत पूरे जिले में नवीन जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण, भूजल संवर्धन, पूर्व से मौजूद जल संग्रहण संरचनाओं की साफ-सफाई व मरम्मत/नवीनीकरण, जल गुणवत्ता परीक्षण, जल स्रोतों में प्रदूषण के स्तर को कम करना, प्याऊ लगवाना, जल स्त्रोंतो तथा जल वितरण प्रणालियों की साफ-सफाई, राजस्व रिकार्ड में जल संग्रहण संरचनाओं व नहरों को अंकित करने और मानसून में किये जाने वाले पौधारोपण हेतु आवश्यक तैयारियों के कार्य प्राथमिकता पर किये जायेंगे ।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा योजनांतर्गत 30760 पौधों का रोपण, खेत तालाब 647 कार्य, अमृत सरोवर 16, कुंआ रिचार्ज 814 एवं एनआरएम के 292 अपूर्ण कार्यों को पूर्ण किया जाएगा। वाटरशेड योजनांतर्गत 20 कंटूर ट्रेंच, 4 तालाब, 1 चेकडेम, 6 स्टॉप डेम, 7 फार्म पोण्ड, इस प्रकार कुल 38 कार्यों को पूर्ण किया जाएगा। 1255 प्राथमिक शालाओं एवं सभी आंगनवाड़ियों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग संरचना बनाई जायेगी एवं चिन्हित जल संरचनाओं पर जन सहयोग से रिचार्ज सॉफ्ट निर्मित किए जाएगें ।
नगरीय विकास विभाग द्वारा 18 बिगड़े बगीचों का हरित विकास, 51 सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था, 20 जल संग्रहण संरचनाओं का संवर्धन, 9 नवीन हरित विकास, 52 रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग का निर्माण किया जाएगा । वन विभाग द्वारा 276 हेक्टेयर क्षेत्र में 203500 पौधों का रोपण किया जाएगा, 7.61 हेक्टेयर क्षेत्र में जलग्रहण क्षेत्र उपचार कार्य किया जायेगा।
जन अभियान परिषद् द्वारा नदी तटों की साफ-सफाई, कुंआ बावड़ी, तालाब गहरीकरण एवं साफ-सफाई, सभी ग्राम पंचायतों में जल के संबंध में जागरूकता हेतु प्रभात फेरियाँ, रैलियां और जल संगोष्ठियों, दीवार लेखन एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन भी किया जाएगा। जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान को इस तरह नियोजित किया जाएगा ताकि यह अभियान समाज और सरकार की साझेदारी से जल संरक्षण व संवर्धन का जन आंदोलन बन सके।
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वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर विक्रमोत्सव का आयोजन किया गया
रतलाम : गुरूवार, मार्च 19, 2026,
सृष्टि आरंभ दिवस वर्ष प्रतिपदा तथा विक्रम संवत 2083 के शुभारंभ अवसर पर शासन के आदेशानुसार जिला प्रशासन द्वारा ’विक्रमोत्सव’ का आयोजन कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देशन में गुलाब चक्कर में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में महापौर श्री प्रहलाद पटेल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष श्री प्रदीप उपाध्याय, नगर निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा, कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह, जिला पंचायत सीईओ सुश्री वैशाली जैन, एसडीएम आर्ची हरित, डिप्टी कलेक्टर राधा महंत, डिप्टी कलेक्टर संजय शर्मा, पीओ डूडा श्री ’अरुण पाठक, महर्षि शिव शंकर दवे, पंकज भाटी, सेवा वीर परिवार, गायत्री परिवार सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
कार्यक्रम में अखंड ज्ञान आश्रम के महामंडलेश्वर देव स्वरूपानंद भी विशेष रूप से आमंत्रित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ आमंत्रित अतिथि गणों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन तथा ब्रह्म ध्वज पूजन के साथ किया गया। आमंत्रित अतिथि गणों का स्वागत अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती आर्ची हरित के द्वारा किया गया। विक्रम संवत की जानकारी ’श्री रत्नेश विजयवर्गीय’ द्वारा प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर ब्रह्म ध्वज स्थापना, सूर्य देव को अर्क आदि गतिविधियों के साथ भोपाल से आए कलाकारों के दल द्वारा सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित नाटक का मंचन भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर प्रहलाद पटेल ने नागरिकों को हिंदू नववर्ष विक्रम संवत एवं गुड़ी पड़वा की शुभकामनाऐ देते हुए कहा कि यह दिन केवल नववर्ष का प्रारंभ नहीं, बल्कि सृष्टि की रचना से जुड़ा पावन अवसर है आज के दिन ही ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की और विष्णु ने मत्स्य अवतार धारण किया था।
कार्यक्रम को संबोधित करते जिला अध्यक्ष श्री प्रदीप उपाध्याय ने उज्जैन की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का न्याय और पराक्रम इस नगरी की पहचान है। साथ ही उन्होनें महाकालेश्वर मंदिर से जुड़ी आस्था का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम का सफल संचालन तथा आभार प्रौढ़़ शिक्षा विभाग के ब्लाक कोऑर्डिनेटर डॉ. रवीन्द्र उपाध्याय ने किया।
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रतलाम टीबी यूनिट में डब्ल्यू एच ओ कंसल्टेंट ने मरीजों का वैलिडेशन किया प्रधानमंत्री टी बी मुक्त भारत अभियान को मिली गति
रतलाम : गुरूवार, मार्च 19, 2026,

प्रधानमंत्री टी बी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत रतलाम जिले की टीबी यूनिट आलोट, रतलाम तथा बाजना में निरीक्षण और वैलिडेशन (सत्यापन) कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अभियान का उद्देश्य टीबी मरीजों को मिल रहे उपचार की गुणवत्ता की जांच करना और डेटा का सटीक सत्यापन करना है।
कार्यक्रम का नेतृत्व विश्व स्वास्थ्य संगठन के कंसल्टेंट मेडिकल कॉलेज डॉ. संकल्प राज चौधरी, मेडिकल कॉलेज डॉ धुर्वेंद्र पांडे तथा जिला क्षय अधिकारी डॉ अभिषेक अरोरा ने किया। जिले के आलोट, बाजना, रतलाम टीबी यूनिट क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर से नामांकित टीबी मरीज के वैलिडेशन की प्रक्रिया की गई।
स्वास्थ्य अभियान की वैलिडेशन प्रक्रिया में मरीज के डायग्नोसिस (निदान) से लेकर अब तक चले उपचार के पूरे रिकॉर्ड की जांच की गई। इस वैलिडेशन प्रक्रिया के दौरान मरीज को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार दवाइयां दी जा रही हैं तथा मरीज द्वारा नियमित रूप से दवा के सेवन की पुष्टि की जा रही है। स्वास्थ्य सुधार उपचार शुरू होने के बाद मरीज के स्वास्थ्य में आए सुधार का आकलन किया गया। निक्षय ऑनलाइन पोर्टल पर मरीज के डेटा का भौतिक सत्यापन किया गया।
अभियान के महत्व के सम्बन्ध में जिला क्षय अधिकारी डॉ. अभिषेक अरोरा ने बताया कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए ऐसे ’ऑन-फील्ड’ वैलिडेशन अत्यंत आवश्यक हैं। डब्ल्यू एच ओ कंसल्टेंट के प्रत्यक्ष निरीक्षण से न केवल डेटा की शुद्धता सुनिश्चित होती है, बल्कि मैदानी स्तर पर काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों को तकनीकी मार्गदर्शन भी मिलता है।
निरीक्षण में कार्यक्रम समन्वयक श्री जय सिसोदिया तथा विकास खण्ड पर सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर श्री राहुल पाटीदार, श्री घनश्याम परमार, श्री शैलेंद्र भूरिया, ग्राम सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आशा कार्यकर्ता उपस्थित थी। जिनके द्वारा ऑनलाइन तथा फिजिकल डेटा मिलान संबंधित जानकारी राष्ट्रीय स्तर सत्यापन के ऑनलाइन टूल पर डॉ संकल्प एवं डॉ पाण्डेय के द्वारा फील्ड में मरीज और उनके परिजनों को पोषण और नियमित जांच के महत्व के बारे में भी जागरूक किया।
निरीक्षण दल के सदस्यों ने अपने निष्कर्ष में बताया कि आलोट, रतलाम तथा बाजना टीबी यूनिट में किया गया यह वैलिडेशन कार्य रतलाम जिले की टीबी मुक्त भारत अभियान के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। यह निरीक्षण यह सुनिश्चित करता है कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक भी स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी गुणवत्ता के साथ पहुँच रही हैं जिसमें मुख्य रूप से नि-क्षय पोषण योजना का लाभ, उपचार के दौरान फॉलोअप जांच, टीबी रोगी के परिजनों की जाँच के साथ टीबी प्रिवेंटिव उपचार, पूर्व में टीबी कर्मचारियों द्वारा गृह भेट शामिल है।



