शिवाजी चौराहे पर ज्ञान और ध्यान योग पाठशाला का हुआ आयोजन

परमात्मा अपना रिश्तेदार बन गया तो यहां भी आनंद और उसके घर भी आनंद रहेगा- बीके कृष्णा दीदी
सीतामऊ। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सीतामऊ द्वारा आम जन में आध्यात्मिक ज्ञान एवं ध्यान योग जाग्रत करने को लेकर नगर के चौक चौराहे पर गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है।इसी क्रम में गुरुवार को छत्रपति शिवाजी चौराहे पर ज्ञान और ध्यान योग पाठशाला का आयोजन ब्रह्माकुमारी कृष्णा दीदी, प्रिति बहिन भ्राता गौरव जैन द्वारा किया गया।इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी कृष्णा दीदी ने अपने आध्यात्मिक ज्ञान को श्रवण कराते हुए कहा कि मनुष्य अजर अमर नहीं होता है। उसके कर्म उसके परिवार रिश्तेदार मित्र और एक क्षेत्र में एक समय तक रहते हैं, पर शरीर नाश्वान है मृत्यु के बाद उसे कोई भी नहीं रोकता है चाहे कितना भी गहरा रिश्ता हो।हर मनुष्य को इस देह को छोड़ कर जाना है जहां जाना है वहां पहले से हमारा परिचय होना चाहिए। जैसे हम किसी कि पत्रिका पर उनके वहां जाते हैं तो उनके जाते ही वह अपने को पहचान ही नहीं लेता बल्कि हमारी आवभगत भी करता है। यदि किसी अजनबी के यहां चले जाएं तो वह जानता ही नहीं तो कोई मान सम्मान कैसे देगा। ऐसे ही भगवान के घर जाने से पहले उससे अपनी रिश्तेदारी बना लो जब वह अपना रिश्तेदार बन गया तो यहां भी आनंद और उसके घर भी आनंद रहेगा।
कृष्णा दीदी ने आगे कहा कि मनुष्य का शरीर यही इस लोक का है पर आत्मा उस परमात्मा पिता कि है।यह उसकी अमानत है।जिस दिन वह चाहेगा आत्मा को अपने पास बुला सकता है। जिस प्रकार एक दिपक कि लो तब तक जलती जब तक उसमें तेल होगा जिस समय तेल खत्म हो जाता उसके बाद बंद हो जाता है। और हम किसी कि मृत्यु पर कहते हैं कि आज उनके घर दीपक बूझ गया है। इसलिए जो हमारा समय परिवार के साथ आनंद में हो और वहां परमात्मा से भी रिश्तेदारी हो जाए बाबा का ध्यान साधना करने के लिए प्रतिदिन कुछ समय निकालें और बाबा के धाम उपहार भवन में पधार कर योग मेडिटेशन करें। इस अवसर पर मोड़ीराम पंथी, माहेश्वरी सतीश माहेश्वरी तथा माताएं बहनें उपस्थित रहें।



