मध्यप्रदेशरतलाम

समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 07 अप्रैल 2026 मंगलवार

जावरा विधानसभा क्षेत्र में छात्रावास और स्कूल भवन स्वीकृत

जावरा विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में निरन्तर सुविधाओं का विस्तार होता जा रहा है। विधायक डॉ राजेन्द्र पांडेय के प्रयासों से साढ़े पांच करोड़ से अधिक की स्वीकृति मिली है। क्षेत्र में एक छात्रावास व एक विद्यालय भवन की सौगात मिलने पर क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है। उल्लेखनीय है कि विधायक डॉ पांडेय द्वारा जावरा विधानसभा क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थाओं को सुविधा सम्पन्न बनाने के उद्देश्य से विगत वर्षों से प्रयास किये जा रहे है। इसी कड़ी में अनुसूचित जाति बालक छात्रावास के भवनविहीन होने पर डॉ पांडेय ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव व मंत्री नागर सिंह चौहान को अवगत कराया। इसके अलावा जनजातीय क्षेत्र के नवीन छात्रावास की स्वीकृति का भी आग्रह किया है। जानकारी के अनुसार विधायक डॉ पांडेय के आग्रह को स्वीकार करते हुए अनुसूचित जाति कल्याण विभाग ने 50 सीटर जूनियर बालक छात्रावास पिपलौदा के लिए नवीन भवन की स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह स्वीकृति लगभग 5 करोड़ रु की है। अन्य भवन में लंबे समय से संचालित हो रहे इस छात्रावास के लिए भवन स्वीकृत होने पर क्षेत्र में हर्ष है। इसी तरह विधायक डॉ पांडेय के प्रयास से जावरा विकासखण्ड के माध्यमिक विद्यालय रिंगनोद के लिए नवीन भवन की सौगात मिल गई है। यह भवन 51 लाख रु की लागत से निर्मित होगा। उल्लेखनीय है कि कुछ समय पूर्व विधायक डॉ पांडेय के प्रयासों से महाविद्यालय पिपलौदा के लिए पहुँच मार्ग, बाउंड्रीवाल आदि कार्यो के लिए ढाई करोड़ रु एवं क्षेत्र के 18 विद्यालयों में फर्नीचर व अन्य सुविधाओं के लिए विधायक निधि से 8 लाख 22 हजार रु की राशि भी स्वीकृत की । जावरा विधानसभा क्षेत्र में शैक्षणिक सौगात मिलने पर भाजपा महामंत्री महेश सोनी, मंडल अध्यक्ष दिनेश पाटीदार, मांगीलाल सोलंकी के अलावा विनोद शर्मा, प्रवीण सिंह राठौर, मुकेश मोगरा, मनमोहन राणा, प्रफुल्ल जेन, प्रकाश डाबी सहित विभिन्न पदाधिकारियो ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए विधायक डॉ पांडेय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत वाटर हार्वेस्टिंग एवं जल संरचनाए बनवाये समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक संपन्न

कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन की अध्यक्षता में समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल गंगा संवर्धन, सीएम हेल्पलाइन, जनकल्याण योजना, समयावधि पत्रों एवं अन्य विषयों पर विभाग वार समीक्षा कर विभाग प्रमुखों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में समस्त जिला अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत पदाभिहित अधिकारियों को प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। समय सीमा से बाहर प्रकरणों पर नियमानुसार आर्थिक शास्ति अधिरोपित करने के निर्देश दिए गए।

जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत सभी कार्यालय प्रमुख जल संरचनाओं के निर्माण के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्यवाही करें। स्वच्छता अभियान चलाने तथा “माँ की बगिया” अभियान के तहत पौधारोपण कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी शासकीय भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने और सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री जैन ने सभी अधिकारियों/कर्मचारियों से स्वेच्छा से ज्ञानोदय अभियान में बच्चों के लिए सहयोग के लिए कहा।

बैठक में सीईओ सुश्री जैन ने बताया कि रतलाम जिले में शासकीय विद्यालयों के भौतिक एवं शैक्षणिक वातावरण को सुदृढ़ बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण नवाचार के रूप में “ज्ञानोदय शाला उन्नयन अभियान” प्रारंभ किया गया है। अभियान अंतर्गत इच्छुक व्यक्ति, सामाजिक संगठन, औद्योगिक प्रतिष्ठान, स्वयंसेवी संस्थाएँ ,शासकीय अधिकारी/कर्मचारी तथा पूर्व छात्र विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए डेस्क प्रायोजित कर सकते हैं तथा कक्षाओं के उन्नयन, मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण कार्यों में सहयोग प्रदान कर सकते हैं। अभियान के अंतर्गत प्राप्त सहयोग को पूर्ण पारदर्शिता के साथ संबंधित विद्यालयों तक पहुँचाया जाएगा। दानदाताओं को उनके योगदान की जानकारी एवं उपयोग संबंधी विवरण भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उत्तरदायित्व एवं विश्वास की भावना को सुदृढ़ किया जा सके। इस जनहितकारी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएँ और अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग दे सकते है। इच्छुक दानदाता के लिए लिंक https://forms.gle/wvpRMjKkyz7AfBqM9 जारी की गई है।

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जब्त 1600 लीटर घी के सभी नमूने जांच में फेल

कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जिले में मिलावट के विरुद्ध सतत कार्यवाही की जा रही है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेश गुप्ता ने बताया कि 27 फरवरी को खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा फर्म महाकाल ट्रेडर्स ग्लोबस सिटी रतलाम पर कार्यवाही की गई थी, मौके पर सस्ता घी विक्रय होना पाया गया था जिस पर विभाग द्वारा कार्यवाही की गई थी। फर्म के संचालक विक्रांत त्यागी मदर बेस्ट और यूपी फ्रेश ब्रांडों के घी मां वैष्णो देवी फूड प्रोडक्ट एवं रिद्धि ट्रेडिंग कंपनी मुज़फ़्फ़र नगर यूपी से 310 रुपए लीटर में खरीदना बताया गया था। मौके पर यूपी फ्रेश क्वालिटी पर खाद्य पदार्थ का नाम अंकित नहीं होना पाया गया। मदर बेस्ट प्राइम क्वालिटी घी, गाय का घी एवं अप फ्रेश क्वालिटी के कुल 9 नमूने संग्रहित किये जाकर एवं शेष खाद्य सामग्री लगभग 1600 लीटर घी जिसका अनुमानित मूल्य 630818 रुपए को जप्त किया गया था एवं सीलबंद किया था।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेश गुप्ता ने बताया कि उक्त सभी नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजे गए थे जहां से प्राप्त जांच रिपोर्ट के अनुसार सभी नमूने अवमानक एवं फेल पाए गए है। रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत नियमानुसार विनिष्टीकरण की कार्यवाही की जाएगी।

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रतलाम में एमएसएमई इकाइयों को बढ़ावा देने हेतु थीमैटिक सत्र 8 अप्रैल को

महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र श्री अतुल वाजपेयी ने बताया कि जिले में एमएसएमई इकाइयों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “स्टार्ट अप योजना 2025” विषय पर एक थीमैटिक सत्र आयोजित किया जाएगा। यह सत्र 08 अप्रैल को शाम 5 बजे औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), सेलाना रोड, रतलाम में आयोजित होगा। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में इच्छुक प्रतिभागी निर्धारित समय पर उपस्थित होकर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

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सरकार हर घड़ी किसानों के साथ, तय वक्त पर प्रारंभ होगी गेहूं खरीदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पहले छोटे किसानों का खरीदा जाएगा गेहूं, फिर मध्यम एवं बड़े किसानों से होगी खरीदी प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं केन्द्र एवं जूट कमिश्नर के साथ ही बारदाना प्रदाय एजेंसियों से लगातार सम्पर्क में है राज्य सरकार उपार्जन व्यवस्था की निगरानी के लिए बनाएं राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के किसानों का हर तरह से कल्याण हमारी प्रतिबद्धता है। हमारी सरकार हर घड़ी किसानों के साथ है। प्रदेश में तय वक्त पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जायेगा। उपार्जन प्रक्रिया में पहले छोटे किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। इसके बाद मध्यम एवं बड़े किसानों के गेहूं की खरीदी की जाएगी। स्लॉट बुकिंग वाले सभी किसानों का गेहूं चरणबद्ध रूप से खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं है। सरकार सभी व्यवस्थाएं कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में गेहूं उपार्जन कार्य के संबंध में सरकार द्वारा गठित मंत्री समूह के सदस्य एवं कृषक प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से संवेदनशील है। गेहूं उपार्जन में बारदान की उपलब्धता निरंतर बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में गेहूं खरीदी में किसानों को किसी भी प्रकार से बारदाने की समस्या नहीं आने दी जाएगी। केन्द्र सरकार, जूट कमिश्नर सहित अन्य बारदान प्रदाय एजेंसियों से बारदान आपूर्ति के लिए राज्य सरकार लगातार सम्पर्क बनाए हुए है।

उपार्जन शुरू होने से पहले कराएं तौल केन्द्रों का निरीक्षण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन व्यवस्था को सरल, सहज और सुविधाजनक बनाया जाये। किसानों को उपार्जन केन्द्र तक आने और गेहूं बेचने में किसी भी तरह की कठिनाई न होने पाये। मुख्यमंत्री ने उपार्जन व्यवस्था पर नियमित रूप से निगरानी के लिए एक राज्य स्तरीय एवं कृषि उपज मंडियों में भी कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन के दृष्टिगत प्रदेश के सभी तौल केंद्रों का 10 अप्रैल से पहले गहन निरीक्षण करा लिया जाए, जिससे किसानों में किसी भी तरह का संशय न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी कृषि उपज मंडियों के वर्तमान ढांचे में क्रमबद्ध सुधार किया जाये। सभी मंडियों को वैश्विक जरुरतों के मुताबिक अपग्रेड कर इन्हें वर्ल्ड क्लास मंडी की तरह तैयार किया जाये।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन केंद्रों में आने वाले किसानों को सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली, पीने का पानी, बैठक, छाया, प्रसाधन एवं पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई जाये। किसी को भी किसी भी प्रकार की प्रक्रियागत या व्यवस्थागत असुविधा का सामना न करना पड़े। किसी भी केन्द्र में किसानों/ट्रेक्टर-ट्राली की लंबी-लंबी कतारें न लगें, सभी किसानों का सहजता से गेहूं तुल जाये, ऐसी व्यवस्थाएं की जाएं। जिन किसानों से गेहूं खरीदा जाये, कम से कम समय में उनके खातों में भुगतान कर देने की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं।

10 अप्रैल से प्रारंभ हो जाएगी गेहूं खरीदी

अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से एवं अन्य सभी संभागों में 15 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन प्रारंभ होने जा रहा है। उन्होंने बतायाकि जिन संभागों में 10 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू होनी है, उनके लिए आगामी मंगलवार, 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों की स्लॉट बुकिंग प्रारंभ हो जायेगी। शुक्रवार, 10 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि उपार्जन वर्ष 2026-27 में गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेश के 19 लाख 4 हजार 644 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। गेहूं उपार्जन के लिए इस वर्ष प्रदेश में कुल 3627 उपार्जन केंद्र बनाये गये हैं। बीते उपार्जन वर्ष 2025-26 में 15 लाख 44 हजार 55 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया था। उन्होंने बताया कि इस उपार्जन वर्ष के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,625 रूपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 40 रूपए प्रति क्विंटल बोनस का लाभ भी इस वर्ष देने जा रही है।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होना अनुमानित है। इसके लिए 3 लाख 12 हजार गठान बारदानों की आवश्यकता होगी। प्रदेश में गेहूं खरीदी आरंभ करने के लिए आवश्यक बारदान का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। केन्द्र सरकार की ओर से लिमिट भी तय कर दी गई है। राज्य सरकार को केन्द्र से हर जरूरी सहयोग भी मिल रहा है। जूट कमिश्नर कार्यालय सहित अन्य बारदाना प्रदायकर्ताओं से भी बारदान सामग्री प्राप्त की जा रही है। इसके साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए गठित मंत्री-मंडलीय समिति के निर्देश पर अतिरिक्त बारदान खरीदने की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है।

बैठक में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत, पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, प्रदेशाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल सहित कृषक प्रतिनिधि और खाद्य, सहकारिता एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

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मध्यप्रदेश के शिल्पी जुड़ेंगे राष्ट्रीय डिजिटल बाजार से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  • ई-कामर्स वेबसाइट ओएनडीसी से होगी एकीकृत ऑनलाइन विक्रय व्यवस्था से कारीगरों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ई-कामर्स वेबसाइट का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन में मृगनयनी उत्पादों के ऑनलाइन विक्रय के उद्देश्य से विकसित ई कॉमर्स वेबसाइट www.themrignayanee.com का शुभारंभ किया। यह वेबसाइट शीघ्र ही ई-कामर्स प्लेटफार्म ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कामर्स (ONDC) से एकीकृत होगी। इससे प्रदेश के शिल्पियों और अलग-अलग उत्पाद तैयार करने वाले कारीगरों को व्यापक और सुलभ डिजिटल बाजार उपलब्ध करवाना आसान हो जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुटीर और ग्रामोद्योग विभाग की इस पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि लघु और कुटीर उद्योगों के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश में रोजगारपरक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में जिला स्तर पर लूम प्रारंभ कर उनके व्यवस्थित संचालन की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वोकल फॉर लोकल के संकल्प को साकार करने में मध्यप्रदेश से प्रारंभ यह पोर्टल एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान समय ई-कामर्स का है। इस नाते यह पोर्टल निश्चित ही कारीगरों के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बनेगा। बायर-सेलर प्लेटफॉर्म से प्रदेश के शिल्पी राष्ट्रीय डिजिटल बाजार से जुड़ जाएंगे। यह प्लेटफोर्म रोजगार सृजन, कारीगरों की आय बढ़ाने और नौजवानों और बहनों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बनाएगा। पोर्टल के शुभारंभ अवसर पर कुटीर और ग्रामोद्योग राज्यमंत्री श्री दिलीप जयसवाल ऑनलाइन शामिल हुए।

अपर मुख्य सचिव कुटीर और ग्रामोद्योग विभाग श्री के सी गुप्ता ने बताया कि संत रविदास मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम लिमिटेड, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग, मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत डिजिटल युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक अत्याधुनिक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है। यह पोर्टल राज्य के कारीगरों को व्यापक एवं सुलभ डिजिटल बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विशेष पेकेजिंग प्रणाली में प्रामाणिकता प्रमाण-पत्र, धन्यवाद पत्र और शिल्प विवरण कार्ड को शामिल किया गया है। ओडीओपी और जीआई उत्पादों को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

पोर्टल पर उपलब्ध हैं 350 उत्पाद, बढ़कर होंगे डेढ़ हजार

वर्तमान में पोर्टल पर 15 श्रेणियों में लगभग 350 उत्पाद उपलब्ध हैं, जिन्हें अगले एक माह में 1500 से अधिक करने का लक्ष्य है। आगामी वर्षों में 2 लाख से अधिक कारीगरों और 10 लाख उत्पादों को प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य है। यह पहल युवा मिशन, नारी कल्याण एवं विजन : 2047 के अनुरूप है। इससे जनजातीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सहयोग मिलेगा। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत मध्यप्रदेश का हर कारीगर अब “लोकल से ग्लोबल” की ओर बढ़ेगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मध्यप्रदेश को नई पहचान मिलेगी। मध्यप्रदेश के हस्तशिल्प एवं हाथकरघा उत्पाद अब देश-विदेश तक पहुंचेंगे। हमारी सांस्कृतिक विरासत अब डिजिटल माध्यम से संरक्षित और प्रचारित होगी। मध्यप्रदेश का हर कारीगर अब डिजिटल बाजार का हिस्सा बनेगा।

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