मंदसौरमंदसौर जिला
अपनी जान की परवाह किए बिना दिव्यांग अधिवक्ता को बचाने वाले छात्र राघव जैन का सम्मान

दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र की संवेदनशीलता बनी मिसाल, सामाजिक कार्यों और पर्यावरण संरक्षण में भी निभा रहे सक्रिय भूमिका
मंदसौर। कहते हैं कि सच्ची शिक्षा वही है जो इंसान को संवेदनशील और मानवीय बनाए। इसी का उदाहरण बने मंदसौर निवासी और दिल्ली विश्वविद्यालय में इतिहास विषय के छात्र राघव जैन, जिन्होंने अपने साहस और मानवता से एक दिव्यांग अधिवक्ता की जान बचाकर समाज के सामने प्रेरणादायक मिसाल पेश की।
उनके इस मानवीय कार्य और समाजसेवा को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक विपिन जैन एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ. घनश्याम बटवाल द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र और पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया।
कुछ समय पूर्व हुई तेज बारिश के दौरान एक दिव्यांग अधिवक्ता बैसाखी फिसलने से सड़क पर गिर पड़े और उठने में असमर्थ होकर सड़क पर ही पड़े हुए थे। उसी समय वहां से गुजर रहे छात्र राघव जैन ने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत साहस और संवेदनशीलता का परिचय दिया। उन्होंने बारिश और फिसलन भरी सड़क की परवाह किए बिना अधिवक्ता को उठाकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया, उन्हें पानी पिलाया और तब तक उनके साथ रहे जब तक वे पूरी तरह सामान्य नहीं हो गए। उनकी इस तत्परता से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।
राघव जैन पढ़ाई के साथ-साथ समाजसेवा में भी सक्रिय हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में आई प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए उन्होंने अपनी पॉकेट मनी से पंजाब और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री राहत कोष में सहयोग राशि जमा कर मानवता का परिचय दिया।
इसके अलावा वे शिवना नदी सफाई अभियान, घायल पक्षियों के उपचार, पुलिस प्रशासन के सड़क सुरक्षा अभियान, नशा मुक्ति अभियान तथा पॉलिथीन मुक्त अभियान जैसे जनजागरूकता कार्यक्रमों में भी सक्रिय रूप से सहभागी बने हुए हैं।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी राघव जैन विशेष रूप से जागरूक हैं। “पर्यावरण बचाओ, वृक्ष लगाओ” के संदेश के साथ उन्होंने साइकिल यात्राएं निकालकर लोगों को जागरूक किया तथा कई स्थानों पर वृक्षारोपण भी किया।
हाल ही में गुलमर्ग स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्कीइंग एंड माउंटेनियरिंग में एडवांस कोर्स ए-ग्रेड के साथ पूर्ण कर उन्होंने मंदसौर नगर का नाम भी गौरवान्वित किया है।
इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि राघव जैन जैसे संवेदनशील और जागरूक युवा समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं और उनका सेवा भाव आने वाली पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देता है।



