मन्दसौर के युवा कलाकार विनय जैन ने माचिस की तीलियों से उकेरी संत प्रेमानंद महाराज की छवि, वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज

मन्दसौर के युवा कलाकार विनय जैन ने माचिस की तीलियों से उकेरी संत प्रेमानंद महाराज की छवि, वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज
मन्दसौर। मालवा की माटी अपनी कला और संस्कृति के लिए पहचानी जाती है, इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मन्दसौर के युवा कलाकार विनय जैन ने एक अद्भुत उपलब्धि हासिल की है। मन्दसौर के अभिनंदन नगर निवासी 22 वर्षीय विनय जैन ने अपनी अथक मेहनत और कलात्मक सूझबूझ से प्रसिद्ध संत श्री प्रेमानंद जी महाराज का एक विशाल चित्र तैयार किया है। इस कलाकृति की सबसे खास बात यह है कि इसे बनाने में 1 लाख से अधिक माचिस की तीलियों का उपयोग किया गया है। विनय की इस अनोखी प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और उनका यह कार्य ‘इन्फ्लुऐंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में गौरव के साथ दर्ज किया गया है।
अभिनंदन नगर में ‘विनय आर्ट एकेडमी’ संचालित करने वाले विनय जैन ने इस कलाकृति को पूर्ण करने के लिए दिन-रात एक कर दिए। उन्होंने बताया कि इस चित्र को आकार देने में उन्हें लगभग डेढ़ माह का समय लगा, जिसमें उन्होंने 400 घंटों से अधिक की कड़ी मेहनत की है। माचिस की एक-एक तीली को बड़ी ही सावधानी और कलात्मकता के साथ हाथों से चिपकाकर महाराज जी के चेहरे के भावों को जीवंत करने का प्रयास किया गया है। विनय पूर्व में भी कई बेहतरीन स्केचेस बना चुके हैं, लेकिन माचिस की तीलियों से तैयार यह चित्र उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
विनय अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार को देते हैं। उनका कहना है कि पिता कांतिलाल जैन, माता रेखा जैन और भाई निखिल जैन के निरंतर प्रोत्साहन और सहयोग के बिना यह संभव नहीं था। भक्ति और कला के इस अनूठे संगम को लेकर विनय में खासा उत्साह है। वे जल्द ही वृंदावन जाकर संत श्री प्रेमानंद जी महाराज से भेंट करेंगे और अपनी इस कलाकृति को उन्हें उपहार स्वरूप भेंट करेंगे। इस उपलब्धि पर नगर के कला प्रेमियों और गणमान्य नागरिकों ने विनय को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।



