
रिपोर्टर जितेंद्र सिह चंद्रावत जडवासा
युवाओं के रोजगार के लिए विशेष ध्यान आकर्षित कर रहे हैं सुरेंद्र सिंह चंद्रावत
कालूखेडा। यदि देशप्रेम सच्चे अर्थों में जीवित हो, तो व्यक्ति चाहे संसार के किसी भी कोने में क्यों न रहे, अपने मातृभूमि के प्रति योगदान देने का संकल्प उसके हृदय में सदैव प्रज्ज्वलित रहता है। इसी अदम्य राष्ट्रभाव और दूरदर्शी चिंतन का सशक्त उदाहरण हैं ग्राम कालूखेड़ा की पावन धरा पर जन्मे 42 वर्षीय युवा उद्यमी विधिवेत्ता सुरेंद्र सिंह चंद्रावत जिन्होंने वैश्विक क्षितिज पर सफलता अर्जित करते हुए भी अपने गाँव कालूखेड़ा और भारत देश के प्रति उत्तरदायित्व को सर्वोपरि रखा।
एक मेधावी छात्र के रूप में चंद्रावत ने अपनी शुरुवात अपने गृह ग्राम कालूखेड़ा से की। तत्पश्चात उन्होंने उज्जैन जिले के नागदा शहर से विज्ञान विषय में उच्चतर माध्यमिक शिक्षा पूर्ण की। उच्च शिक्षा के लिए वे इंदौर (मध्य प्रदेश) गए, जहाँ उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से स्नातक तथा विधि (ऑनर्स) की उपाधि 90% अंकों के साथ प्रथम श्रेणी में विशिष्टता प्राप्त की। आगे चलकर वे बार काउंसिल एवं मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से संबद्ध हुए। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में व्यवसायिक विधि (बिज़नेस लॉ) में एलएलएम (LLM) स्नातकोत्तर (उपाधि प्रथम श्रेणी में सर्वोच्च स्थान) प्राप्त करते हुए यूनिवर्सिटी टॉपर के रूप में अर्जित की तथा दिल्ली से वित्त एवं मानव संसाधन में स्नातकोत्तर डिग्री प्रथम श्रेणी में प्राप्त की।
उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के उपरांत चंद्रावत कुछ वर्षों तक दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर रहते हुए अपने क्षेत्र और अपने गाँव कालूखेड़ा का नाम गौरवान्वित किया। परंतु उनकी दृष्टि केवल राष्ट्रीय स्तर तक सीमित नहीं थी I उनके मन में सदैव अपने गाँव कालूखेड़ा और भारत देश के लिए कुछ विशिष्ट करने का संकल्प था।
इसी उद्देश्य से वर्ष 2010 में चंद्रावत अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक केंद्र हांगकांग (Hong Kong) पहुचे। वहाँ पहुँचकर उन्होंने यह निश्चय किया कि वे अपने कार्य और उत्कृष्टता के माध्यम से गाँव कालूखेड़ा का नाम वैश्विक मंच पर स्थापित करेंगे। हांगकांग की विधि सोसायटी के अभिलेखों के अनुसार, सुरेंद्र सिंह चंद्रावत विदेशी वकील के रूप में पंजीकृत एकमात्र भारतीय पुरुष अधिवक्ता हैं — यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि समूचे भारत के लिए गौरव का विषय है।
सन् 2007 में प्रथम श्रेणी की डिग्री प्राप्त करने के उपरांत उन्होंने वर्ष 2008 में चंद्रावत एंड पार्टनर्स (Chandrawat & Partners)की स्थापना की, जो आज बड़े उद्योगों और व्यवसायों के लिए एक प्रतिष्ठित वैश्विक पेशेवर सेवा प्रदाता के रूप में स्थापित है। वर्तमान में यह संस्था भारत सहित अनेक देशों में व्यावसायिक सेवाएँ प्रदान कर रही है। विशेषतः हांगकांग स्थित एशिया का कॉर्पोरेट कार्यालय अति उच्च निवल संपत्ति वाले व्यक्तियों (UHNI), उच्च निवल संपत्ति वाले व्यक्तियों (HNI), सूचीबद्ध कंपनियों (Listed Companies), बहुराष्ट्रीय निगमों (MNCs), लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs), स्टार्टअप्स (Startups) तथा व्यक्तिगत ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता की सेवाएँ प्रदान करने के लिए विख्यात है।
आज Chandrawat & Partners Group भारत में युवा रोजगार सृजन के क्षेत्र में एक प्रेरक उदाहरण बन चुका है। संस्था वैश्विक स्तर पर कार्यरत होने के साथ-साथ अपने गृह ग्राम कालूखेड़ा में एक विशाल एवं आधुनिक कार्यालय की स्थापना कर रही है, जिसका उद्देश्य हर क्षेत्र के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार उपलब्ध कराना है। चंद्रावत एंड पार्टनर्स ग्रुप विभिन्न क्षेत्रों में तीव्र गति से विस्तार कर रहा है और इसकी वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि उल्लेखनीय है।
चंद्रावत एंड पार्टनर्स ग्रुप केवल व्यावसायिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। चंद्रावत एंड पार्टनर्स ग्रुप राष्ट्रीय पर्वों, भारत के महान विभूतियों की जयंती एवं पुण्यतिथि तथा विभिन्न सामाजिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाता है। युवाओं को खेलों की ओर प्रोत्साहित करना, ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतियोगिताओं में सहयोग देना तथा युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में सहभागिता करना इसकी सामाजिक प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आगामी योजनाओं के अंतर्गत चंद्रावत एंड पार्टनर्स ग्रुप युवाओं, विश्वविद्यालय एवं विद्यालयी छात्रों, विशेष रूप से बालिकाओं के साथ मिलकर राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य करने का संकल्प रखता है। ग्रामीण भारत की प्रतिभाओं को सशक्त बनाने तथा वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव एवं कौशल को राष्ट्रहित में उपयोग करने हेतु भी अनेक परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं।
सुरेंद्र सिंह चंद्रावत और चंद्रावत एंड पार्टनर्स ग्रुप के कार्यों की सराहना भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव द्वारा समय-समय पर की जाती रही है।



