नीमचमंदसौर जिलामध्यप्रदेश
डॉ प्रमोद सेठिया दो राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित

राष्ट्रीय लोक शिल्पी सम्मान 2026 एवं श्री हरिनाथ दुबे स्मृति साहित्य सम्मान 2025 से अलंकृत हुए

मन्दसौर। अखिल भारतीय समाज सेवा संस्थान चित्रकूट में शैक्षिक संवाद मंच उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित शैक्षिक संगोष्ठी एवं शिक्षक सम्मान समारोह मे डाइट मन्दसौर के डॉ प्रमोद सेठिया को बाल केन्द्रित शिक्षा मे प्रेरणादायक साहित्यिक योगदान के लिए दो पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
डॉ. सेठिया को श्री दीनदयाल फाउंडेशन राजपुर वाराणसी द्वारा साहित्य क्षेत्र अमूल्य योगदान एवं विशिष्ठ सर्जना के लिए श्री हरिनाथ दुबे स्मृति साहित्य सम्मान 2025 दिया गया। वहीं शैक्षिक संवाद मंच उत्तर प्रदेश द्वारा विद्यालय बने आनन्द घर की संकल्पना के साथ आनन्दमय समाज की स्थापना मे अमूल्य सहयोग के लिए राष्ट्रीय लोक शिल्पी सम्मान 2026 प्रदान किया गया।
डाइट मन्दसौर के डॉ प्रमोद सेठिया विगत दस साल से गिजुभाई बधेका के शैक्षिक दर्शन व बाल केन्द्रित शिक्षा के लिए साहित्य लेखन व लोक जागरण के साथ ही नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन मे गिजुभाई बधेका के विचारों के अनुरूप भयमुक्त आनन्दमय खेल खेल मे शिक्षा के बाल केन्द्रित दृष्टिकोण पर राष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहे है।
डॉ प्रमोद सेठिया की इस उपलब्धि पर राजपत्रित अधिकारी संघ, संयुक्त अधिकारी कर्मचारी मोर्चा, विज्ञान भारती, अभा साहित्य परिषद, प्रो राजेंद्र सिंह शिक्षण समिति के साथियों ने बधाई और शुभकामनाएं दी।
डॉ. सेठिया को श्री दीनदयाल फाउंडेशन राजपुर वाराणसी द्वारा साहित्य क्षेत्र अमूल्य योगदान एवं विशिष्ठ सर्जना के लिए श्री हरिनाथ दुबे स्मृति साहित्य सम्मान 2025 दिया गया। वहीं शैक्षिक संवाद मंच उत्तर प्रदेश द्वारा विद्यालय बने आनन्द घर की संकल्पना के साथ आनन्दमय समाज की स्थापना मे अमूल्य सहयोग के लिए राष्ट्रीय लोक शिल्पी सम्मान 2026 प्रदान किया गया।
डाइट मन्दसौर के डॉ प्रमोद सेठिया विगत दस साल से गिजुभाई बधेका के शैक्षिक दर्शन व बाल केन्द्रित शिक्षा के लिए साहित्य लेखन व लोक जागरण के साथ ही नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन मे गिजुभाई बधेका के विचारों के अनुरूप भयमुक्त आनन्दमय खेल खेल मे शिक्षा के बाल केन्द्रित दृष्टिकोण पर राष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहे है।
डॉ प्रमोद सेठिया की इस उपलब्धि पर राजपत्रित अधिकारी संघ, संयुक्त अधिकारी कर्मचारी मोर्चा, विज्ञान भारती, अभा साहित्य परिषद, प्रो राजेंद्र सिंह शिक्षण समिति के साथियों ने बधाई और शुभकामनाएं दी।



