समाचार मध्यप्रदेश नीमच 11 जनवरी 2026 रविवार

///////////////////////////////
कलेक्टर ने नीमच एवं जावद में वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया
गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था का लिया जायजा
नीमच 10 जनवरी 2026, कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने शनिवार को नीमच शहर के हिंगोरिया स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एवं जावद के बावल रोड़ स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का आकस्मिक निरीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने जावद के वार्ड नंबर 14 में नल से जल की आपूर्ति व्यवस्था को देखा और रहवासियों से चर्चा कर पेयजल की गुणवत्ता के बारे में भी जानकारी ली । कलेक्टर ने संबंधित निकायों को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने ज्ञान मंदिर कॉलेज में पेयजल टंकी का भी अवलोकन किया और रह वासियों से पेयजल गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली।
इस निरीक्षण दौरान कलेक्टर ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का अवलोकन कर जल शुद्धीकरण प्रक्रिया फिल्टरेशन प्रक्रिया क्लोरिनेशन एवं जल परीक्षण की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए, कि पेयजल आपूर्ति के पहले पानी की गुणवत्ता की अच्छी तरह से नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।
शिकायत पर तत्काल जांच कर, कार्यवाही करें- कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए, कि कही भी दूषित या अशुद्ध जल आपूर्ति की शिकायत मिलती है, तो तत्काल जांच कर, आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही की जाए। उन्होने कहा, कि पेयजल से जुडी किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम नागरिकों के स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने निरीक्षण दौरान पेयजल टंकी का अवलोकन कर, टंकियों की नियमित साफ-सफाई, समय -समय पर धुलाई एवं जल परीक्षण के निर्देश भी दिए।
जनजनित बीमारियों की रोकथाम के विशेष उपाय करें- कलेक्टर श्री चंद्रा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया, कि सभी नगरीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर सतत विशेष निगरानी रखी जाए और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए तथा कही भी अशुद्ध पेयजल की शिकायत प्राप्त होती है, तो त्वरित कार्यवाही की जाए।
इस निरीक्षण दौरान परियोजना अधिकारी शहरी विकास श्री पराग जैन, एसडीएम जावद सुश्री प्रिति संघवी, डिप्टी कलेक्टर श्री चंद्रसिह धार्वे, सीएमओ श्रीमती दुर्गा बामनिया, तहसीलदार नीमच श्री संजय मालवीय, तहसीलदार श्री नवीन गर्ग सहित नगरीय निकायो का अमला एवं नागरिक उपस्थित थे।
==============
जिले के पशुओं में सघन टीकाकरण कार्य जारी
नीमच 10 जनवरी 2026, नीमच जिले में राष्ट्रीय पशुधन रोग नियत्रंण कार्यक्रम के तहत 1 जनवरी से 31 जनवरी तक पशुओं में खुराड़ (खुरपका, मुँहपका) रोग नियंत्रण हेतु सघन टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। जिले के सभी 662 ग्रामों में 2 लाख 93 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जायेगा।
उपसंचालक पशुपालन डॉ.राजेश पाटीदार ने बताया, कि खुराड़ रोग वायरस जनित होकर पशुओं में तेजी से फैलता है। यह बिमारी चारा, पानी तथा हवा के माध्यम से फैलती है तथा बड़े पैमाने पर पशुओ को प्रभावित करती है। उन्होने पशुपालकों से अनुरोध किया है, कि पशु स्वास्थ्य प्रबन्धन के लिए प्रत्येक पशु को यह निःशुल्क टीका लगवाए। ताकि पशु का स्वास्थ्य अच्छा बना रहे उसकी उत्पादन क्षमता बनी रहे और उपचार पर होने वाले खर्चों से बचा जा सके।
जिले के 662 ग्रामों में पशुओं को टीकाकरण हेतु 214 वेट एवं पेरावेट की टीमें बनाई गई जो प्रतिदिन पशुपालको के घर-घर जाकर कर टीकाकरण का कार्य कर रही है। अभी तक 21000 पशुओं में टीकाकरण किया जा चुका है। टीकाकरण उपरान्त आपके पशु की युनिक आईडी टेग नम्बर के साथ भारत पशुधन एप पर ऑनलाइन एण्ट्री की जा रही है। एन्ट्री उपरान्त एसएमएस के माध्यम से टीकाकरण एवं एप पर प्रविष्टी की पुष्टी भी भेजी जा रही है।
==============
अक्षय क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लि.मि. मनासा में श्री बामनिया परिसमापक नियुक्त
नीमच 10 जनवरी 2026, सहायक आयुक्त सहकारिता जिला नीमच श्री राजू डाबर ने बताया, कि अक्षय क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लि.मि. मनासा पंजीयन क्रं. 187 दिनांक 07.09.2013 के विरूद्ध मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 69 (3) का परिसमापन का कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया था। संस्था द्वारा समयावधि में उत्तर प्रस्तुत किया गया, जिसका परीक्षण संस्था उपविधि/म.प्र. सहकारी सोसायटी अधिनियम एवं नियमों के प्रावधानों के आधार पर किया गया। श्री डाबर ने बताया, कि संस्था का उत्तर समाधान कारक न होने से म.प्र. सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 69(2) एवं 70(1) के तहत संस्था को परिसमापन में लाया जाकर सहकारी निरीक्षक श्री एस.एल.बामनिया को परिसमापक नियुक्त किया गया है।
=================
आईटीआई जावद में प्लेसमेंट ड्राइव 12 जनवरी को
नीमच 10 जनवरी 2026, शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था जावद में 12 जनवरी 2026 को प्रातः 11 से 2 बजे तक टोयोटा मोटर गुजरात एवं फिऐट इंडिया ऑटोमोबाइल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कैम्पस प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित किया जा रहा है। इसमें सभी ट्रैंड आईटीआई उत्तीर्ण 18 से 30 वर्ष आयु सीमा के शिक्षुओं की इंटरव्यू के माध्यम से भर्ती की जावेगी। इस प्लेसमेंट ड्राइव में सम्मिलित होने के इच्छुक उम्मीदवार आईटीआई जावद में पहुँच कर पंजीयन उपरांत इंटरव्यू में सम्मिलित हो सकते है। सभी उम्मीदवारों को अपना रिज्युम, एजुकेशन डॉक्युमेंट्स आवश्यक रूप से लेकर उपस्थित होना अनिवार्य है। यह जानकारी आईटीआई जावद के प्राचार्य ने दी है।
====================
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वीसी के माध्यम से, जल सुरक्षा,
जल संरक्षण और जल सुनवाई के लिये “स्वच्छ जल अभियान” का किया शुभारंभ
जल सुनवाई से आमजनों को मिलेगा सुनवाई का हक- उपलब्ध होगा स्वच्छ पेयजल
नीमच 10 जनवरी 2026, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने शनिवार को वीसी के माध्यम से, जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई के लिये “स्वच्छ जल अभियान” का शुभारंभ किया । उन्होने कहा, कि जल सुनवाई से आमजनों को मिलेगा सुनवाई का हक और उन्हें उपलब्ध होगा स्वच्छ पेयजल। इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, एसीएस श्री संजय दुबे भी वीसी में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा, कि यह हमारी जिम्मेदारी है, कि हम हर घर तक स्वच्छ जल पहुचाये। तकनीक का उपयोग कर अपनी जिम्मेदारी का निवर्हन करे। उन्होने निर्देश दिए, कि पेयजल गुणवत्ता की जांच हो। दूषित होने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। किसी भी परिस्थिति में दूषित पेयजल सप्लाई ना हो। “जल सुनवाई” गंभीरता से आयोजित हो। मुख्यमंत्री ने कहा, कि बडी चुनौती है, लेकिन हम गंभीरता से सामना करेंगे और देश में एक आर्दश प्रस्तुत करेंगे। अभियान के क्रियान्वयन में लापरवाही करने वाले अधिकारी कर्मचारी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
वी.सी. में एसीएस श्री संजय दुबे ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए प्रजेन्टेशन के माध्यम से बताया, कि यह अभियान दो चरणों में प्रथम चरण 10 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक एवं व्दितीय चरण एक मार्च से 31 मई तक आयोजित किया जा रहा है।
इस अभियान के तहत समस्त जल शोधन संयन्त्र और पेयजल संग्रहण टंकियों की होगी सफाई, जीआईएस मैप आधारित एप से होगी निगरानी। पेयजल पाइप लाइन में दूषित मिश्रण को रोकने की होगी कारवाई।
जीआईएस मैप पर वाटर पाइप लाइन और सीवेज पाइप लाइन की मैपिंग की जायेगी। इंटर पाइंट सेक्शन का होगा चिन्हांकन और लीकेज की होगी जांच। रोबोट से होगी पाइप लाइन में लीकेज की जांच। समस्त पेयजल स्त्रोत की गुणवत्ता का होगा परीक्षण। अल्पकालीन और दीर्घकालीन उपायों के माध्यम से नागरिकों को साफ़ पीने का पानी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के उद्देश्य को करेंगें पूरा। जल की गुणवत्ता का नियमित होगा परीक्षण। एसटीपी की भी होगी नियमित निगरानी। हर मंगलवार होगी “जल सुनवाई”। 181 पर पेयजल संबंधी शिकायतों को दर्ज करने की विशेष व्यवस्था। पेयजल की समस्या से संबंधित आवेदन पत्र का निराकरण समयसीमा में, निराकरण से आवेदक को कराया जायेगा अवगत।
वीसी में सभी महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, कमिश्नर, कलेक्टर, कमिश्नर नगरनिगम, सीईओ जिला पंचायत के साथ सभी अधिकारी एवं नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के जनप्रतिनिधि गण उपस्थित थे। नीमच के एनआईसी कक्ष में कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा, नीमच नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती स्वाति चौपडा, न.प.जावद के अध्यक्ष श्री सोहन लाल माली, न.प.रतनगढ की अध्यक्ष श्रीमती सुगनादेवी गुर्जर सहित सभी सीएमओ, जल निगम महाप्रबंधक, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं शहरी विकास अभिकरण के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
===============
कलेक्टर ने दिए केम्पर के पानी का गुणवत्ता परीक्षण करवाने के निर्देश
पेयजल के 153 नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए भेजे, 57 टंकियों की सफाई हुई
नीमच 10 जनवरी 2026, कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा द्वारा जिले के सभी नगरीय क्षेत्रो में निजी वेण्डरों द्वारा किए जा रहे केम्पर के माध्यम से पेयजल वितरण की सेम्पलिंग कर, मान्यता प्राप्त लैब से गुणवत्ता जांच करवाने के निर्देश दिए है। यदि कोई वेण्डर केम्पर के पानी की जांच रिर्पोट के कार्य में सहयोग नहीं करता है, तो उसके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।
जिला शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी श्री पराग जैन ने बताया, कि जिले के सभी नगरीय क्षेत्रो में 92 पेयजल स्त्रोत है। नगरीय निकायों द्वारा अब तक 57 पेयजल टंकियों की सफाई करवाई गई है। साथ ही 11 फिल्टर प्लांट, 41 ओव्हर हेड टंकियों, 36 कुओं और बावडियों की भी सफाई का कार्य पूरा किया गया है। नगरीय निकायों द्वारा कुल 153 स्थानों से पेयजल के नमूने लेकर गुणवत्ता परीक्षण के लिए लैब को भेजे गये है। नगरीय निकायों द्वारा पेयजल पाईप लाईन में 50 स्थानों पर लिकेज को सुधारा गया है। पेयजल स्त्रोंतो की साफ सफाई का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
====================
नई दिल्ली में वित्त मंत्रियों के साथ प्री-बजट मीटिंग
भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने मध्यप्रदेश पूरी क्षमता से योगदान देने के लिये प्रतिबद्ध : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा
सिंहस्थ 2028 के लिए 20 हजार करोड़ के विशेष पैकेज का आग्रह
जीएसटी युक्ति-युक्तकरण का अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा सकारात्मक प्रभाव
पूंजीगत कार्यों के लिए बजट बढ़ाने का किया आग्रह
विकसित भारत जी राम जी अधिनियम से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
नीमच : 10 जनवरी, 2026
उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को सभी क्षेत्रों में विकसित करने और देश की अर्थव्यवस्था को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था की श्रेणी में लाने के लिये बनाई नीतियों और कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश अपनी संपूर्ण क्षमता से योगदान के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जापान जैसे विकसित देश को पीछे छोडते हुए, अब भारत की अर्थव्यवस्था चौथे क्रम पर आ गयी है। इसके लिये प्रधानमंत्री श्री मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का अभिनन्दन है।
केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में शनिवार को नई दिल्ली में राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों के साथ प्री-बजट मीटिंग में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने अपने वक्तव्य में कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ केन्द्र की योजनाओं के लिये प्रदेश के बजट में पर्याप्त प्रावधान रखा गया है। प्रदेश के कुशल वित्तीय प्रबंधन को निरंतर बेहतर बनाया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में मध्यप्रदेश के संदर्भ में सकल घरेलू उत्पाद की गणना, एस.एन.ए. स्पर्श, वस्तु एवं सेवा कर, सिंहस्थ के लिये विशेष पैकेज जैसे विषयों पर केन्द्रीय वित्त मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।
सकल घरेलू उत्पाद की गणना
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश की बजटीय विश्वसनीयता और व्यय की गुणवत्ता को नीति आयोग एवं भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा सराहा गया है। प्रदेश निरन्तर राजस्व आधिक्य में रहा है एवं निर्धारित सभी वित्तीय सूचकांको के पालन में भी सफल रहा है।
मध्यप्रदेश जैसे विशाल प्रदेश के लिये अपेक्षाकृत अधिक वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता रहती है। मध्यप्रदेश राज्य की सकल घरेलू उत्पाद की औसत वार्षिक वृद्धि दर 10 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। 15वें वित्त आयोग की गणना के आधार पर प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 16 लाख 94 हजार 477 करोड़ रूपये है। भारत सरकार द्वारा ऋण प्राप्त करने की सीमा की गणना के लिये प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 15 लाख 44 हजार 141 करोड़ रूपये मान्य किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने ऋण प्राप्त करने की सीमा की गणना प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद 16 लाख 94 हजार 477 करोड़ रूपये को मान्य करने का आग्रह किया। आगामी वर्षो में भी ऋण सीमा के निर्धारण के लिये 15वें वित्त आयोग द्वारा बताई गयी गणना की प्रक्रिया के अनुसार प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जी.एस.डी.पी.) को ही आधार मान्य करने का अनुरोध किया है।
सिंहस्थ-2028 के लिए विशेष पैकेज
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ आयोजन के लिये 20 हजार करोड़ वित्तीय सहायता के रूप में विशेष पैकेज देने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ पर्व पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु माँ क्षिप्रा में स्नान कर बाबा महाकाल के पवित्र दर्शन करते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत राज्य शासन द्वारा उज्जैन एवं निकटस्थ क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएँ यथा सड़क निर्माण, घाट निर्माण, पुल-पुलिया निर्माण, यात्रियों के ठहरने के स्थल तथा चिकित्सालय का निर्माण आदि सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं। वर्तमान में 20 हजार करोड़ रूपये से अधिक के अधोसंरचनात्मक विकास संबंधी कार्य स्वीकृत किये गये हैं।
एस.एन.ए.स्पर्श प्रणाली प्रशसंनीय
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं में व्यय के लिये एस.एन.ए. स्पर्श प्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में एस.एन.ए. स्पर्श के समान ही प्रदेश की शत-प्रतिशत राज्य के कोष से पोषित योजनाओं के संबंध में भी प्रणाली विकसित करने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है।
जी.एस.टी. का युक्ति-युक्तकरण सकारात्मक
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि जी.एस.टी. की दरों में किये गये युक्ति-युक्तकरण का प्रदेश में सकारात्मक प्रभाव हुआ है। जी.एस.टी. की दरों का प्रभाव आम नागरिकों से संबंधित वस्तुओं यथा पनीर, ब्रेड, बटर, चीज, साबुन, शैम्पू, आदि के अतिरिक्त जीवन रक्षक दवाएँ, मेडिकल ऑक्सीजन, आदि पर होने से आमजन में हर्ष है। टेलीविजन, ए.सी., छोटी कारें, बाईक, ट्रेक्टर, सिंचाई उपकरण आदि की कीमतों में कमी होने से प्रदेश के कृषक, वेतनभोगियों एवं मध्यम वर्ग के साथ-साथ महिलाओं द्वारा भी खुशी व्यक्त की गयी है। क्रय-विक्रय में वृद्धि देखी गयी है, जिसका नि:संदेह अर्थव्यवस्था पर बहुत अच्छा प्रभाव होगा।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने आम नागरिकों के हितों को दृष्टिगत रखते हुए, जी.एस.टी. की दरों में किये गये युक्ति-युकतकरण के लिये प्रधानमंत्री श्री मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण का प्रदेश की ओर से आभार व्यक्त किया।
पूंजीगत व्यय में बजट बढ़ाने का अनुरोध
भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 में अधोसंरचना के व्यापक विस्तार के लिये विशेष पूंजीगत सहायता योजना प्रारंभ की गयी है। योजना के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन के फलस्वरूप प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन देखा जा रहा है। योजना के प्रारंभ से ही मध्यप्रदेश में इस योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति करते हुए अतिरिक्त सहायता राशि भी प्राप्त की गयी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल पूंजीगत व्यय 67 हजार 441 करोड़ रुपये था, जो कि पूर्व वर्ष 2023-24 के पूंजीगत व्यय 56 हजार 539 करोड़ की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 82 हजार 513 करोड़ रूपये का पूंजीगत व्यय अनुमानित है, जो कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के पूंजीगत व्यय 67 हजार 441 करोड़ रूपये से 22 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने प्रदेश में पूंजीगत कार्यों को और अधिक गति दिये जाने के दृष्टिगत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के अंतर्गत बजट प्रावधान में वृद्धि किये जाने का अनुरोध किया।
विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने मध्यप्रदेश की ओर से केन्द्र से वित्त पोषित योजनाओं यथा, विकसित भारत जी राम जी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सर्वशिक्षा अभियान, राष्ट्रीय उद्यानिकी मिशन, केन्द्रीय सड़क निधि, राष्ट्रीय राजमार्ग, अंतर्राज्यीय वृहद सिंचाई परियोजनाओं के लिये केन्द्र का आभार मानते हुए कहा कि इनसे समग्र विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। उन्होंने कहा कि रोजगार गारंटी को प्रति ग्रामीण परिवार 125 दिन किये जाने विषयक नया अधिनियम स्वागत योग्य है। इस सराहनीय कार्य के फलस्वरूप ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने प्रधानमंत्री जनधन खातों के संचालन, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना को प्रभावी बनाने के लिये भी सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सार्थक योगदान देने के लिये प्रतिबद्धता से आगे बढ़ रहा है।
==============



