गरोठमंदसौर जिला

सरस्वती शिशु/ विद्या मंदिर उमावि शामगढ़ में सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम आयोजित

सरस्वती शिशु/ विद्या मंदिर उमावि शामगढ़ में सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम आयोजित

गरोठ– सरस्वती शिशु मंदिर विद्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शामगढ़ में सप्तशक्ति संगम तृतीय चरण कार्यक्रम आयोजित हुआ।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्रीमती श्यामा शक्तावत (सांदीपनी विद्यालय शिक्षिका सीतामऊ,सदस्य सीतामऊ श्रीकृष्ण शिक्षण समिति) श्रीमती सरिता सेठिया(पूर्व छात्रा आलोट,उपाध्यक्ष केशव माधव शिक्षण समिति गरोठ,एवं सप्त शक्ति संगम जिला संयोजिका ,कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती विनीता मोड़ (विद्यालय पूर्व आचार्या,शासकीय शिक्षिका) विशेष अथिति श्रीमती सुनीता मोदी(अध्यक्ष शिवाजी शिक्षण समिति कैलाशपुर) विशेष अतिथि श्रीमती मधुबाला जैन(सदस्य विवेकानंद शिक्षण समिति शामगढ़) अतिथि परिचय श्रीमती सोनू चौधरी(पूर्व छात्रा शामगढ़) ने करवाया, अतिथि स्वागत श्रीमती आयुषी धनोतिया(मातृशक्ति) श्रीमती अनिता पाटीदार(अभिभाविका) श्रीमती प्रियंका धनोतिया(पूर्व आचार्या शामगढ़) ने किया,  गीत की प्रस्तुति श्रीमती गायत्री विश्वकर्मा द्वारा दी गई। सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए विशेष अतिथि श्रीमती सुनीता मोदी द्वारा पावन अवसर पर विद्या भारती द्वारा सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं,आपने कहा कि भारतीय संस्कृति की जड़े परिवार की एकता और भारतीय नारी एक व्यक्तिय नहीं अपितु संपूर्ण चेतना है जो परिवार की आधार शिला है इसे शक्ति करुणा ममता समर्पण व त्याग का स्वरूप माना जाता है आज की नारी ने शिक्षा प्रशाशन कृषि खेल आदि क्षेत्रों में अपनी उपस्थित दर्ज कराई कार्यक्रम में मुख्य वक्ता श्रीमती सरिता सेठिया द्वारा बताया गया कुटुंब भारत की रीढ़ है, भारत की बहुत परंपरा में पंचग्रास निकलाए गए अतिथि देवता कुत्ता चींटी गाय परिवार मनुष्य की मूल इकाई होती है, संपूर्ण कार्य परिवार के साथ होना चाहिए जन्मदिवस पर पौधा लगाने के संकल्प ले साथ ही भारत को स्वच्छ बनाने संकल्प ले पर्यावरण को विशेष महत्व देते हुए या नारी शक्ति इस पर्यावरण में शक्ति का संचार करती है। कार्यक्रम में प्रश्नोतरी श्रीमती सोनू चौधरी द्वारा की गई कार्यक्रम में प्रेरणादायक महिला के संदेश वेशभूषा के साथ मातृशक्ति ने प्रेरणादाई महिलाओं के संदेश दिए श्रीमती श्यामा शक्तावत मुख्य वक्ता द्वारा भारत विकास में महिलाओं का योगदान महिलाओं का योगदान स्वर्णिम जैसे की झांसी की रानी पन्नाधाय रानी दुर्गावती रानी अहिल्याबाई अपने पति धर्म अपने देश अपनी संस्कृति के लिए स्वयं को न्योछावर कर दिया आज इस राष्ट्र में महिलाओं का स्वर्णिम योगदान इस राष्ट्र के लिए रहा यह राष्ट्र में नारी का समाज में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा संस्कारों की पहली मातृ नारी को ही कहा है कार्यक्रम में विशिष्ट माता का सम्मान जिसमें श्रीमती शंकुन्तला काला श्रीमती काली पंवार,श्रीमती रुकमण मीणा श्रीमती खुश्बु चौहान का सम्मान किया गया, मातृ शक्ति द्वारा अनुभव कथन बताया गया है। एवं अध्यक्ष उद्धबोधन श्रीमती विनिता मोड़ द्वारा दिया गया आभार श्रीमती कविता गुप्ता द्वारा किया गया एवं संकल्प*श्रीमती सुनीता मोदी*द्वारा दिलाया गया।

तत्पश्चात शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम समापन हुआ सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन श्रीमती रानू चौधरी ने किया ।

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