मेरी स्कूली शिक्षा मंदसौर में हुई, आज यहीं कलेक्टर बनना मेरे लिए सौभाग्य का क्षण” — डॉ. दिव्यांक सिंह

मेरी स्कूली शिक्षा मंदसौर में हुई, आज यहीं कलेक्टर बनना मेरे लिए सौभाग्य का क्षण” — डॉ. दिव्यांक सिंह
युवा नेतृत्व पर सरकार का भरोसा: डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अशोक वर्णावत ने डॉ. दिव्यांक सिंह को सौंपी मंदसौर की कमान
ईमानदार डीजीपी कैलाश मकवाणा का युवा आईपीएस हितिका वासल पर भी भरोसा, गुना एसपी की जिम्मेदारी संभाल रहीं युवा अधिकारी
प्रदेश के चर्चित युवा प्रशासनिक दंपत्तियों में शुमार हैं डॉ. दिव्यांक सिंह और हितिका वासल
मंदसौर।मध्यप्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा नवागत मुख्य सचिव डॉ. अशोक वर्णावत के नेतृत्व में हुए प्रशासनिक फेरबदल में 2017 बैच के युवा आईएएस अधिकारी डॉ. दिव्यांक सिंह को मंदसौर जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति युवा, ऊर्जावान और परिणाम देने वाले अधिकारियों पर सरकार के बढ़ते भरोसे का प्रतीक मानी जा रही है। वहीं दूसरी ओर उनकी पत्नी, 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी हितिका वासल, गुना जिले की पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में कानून-व्यवस्था की कमान संभाल रही हैं। उन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मध्यप्रदेश पुलिस के मुखिया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाणा ने भरोसा जताते हुए गुना जैसे महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी सौंपी है। इस तरह यह युवा आईएएस-आईपीएस दंपत्ति प्रदेश में प्रशासनिक और पुलिस नेतृत्व का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।
संभाला मंदसौर कलेक्टर का पदभार, पशुपतिनाथ के दर्शन कर गुरु पूर्णिमा महोत्सव में लिया आशीर्वाद
नवागत कलेक्टर डॉ. दिव्यांक सिंह ने बुधवार को मंदसौर कलेक्टर के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने सर्वप्रथम विश्वप्रसिद्ध भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया तथा जिले की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। इसके बाद उन्होंने कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव में सहभागिता की, जहां सुप्रसिद्ध भागवत आचार्य पंडित भीमाशंकर शास्त्री से आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. दिव्यांक सिंह भावुक नजर आए। *उन्होंने कहा, “मेरी स्कूली शिक्षा भी मंदसौर में हुई है। आज इसी जिले का कलेक्टर बनकर लौटना मेरे लिए सौभाग्य का क्षण है। मैं स्वयं को बेहद सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे उसी भूमि की सेवा करने का अवसर मिला है, जहां से मेरी शिक्षा और जीवन की प्रारंभिक यात्रा जुड़ी रही।”* कलेक्टर के इस आत्मीय और भावनात्मक उद्बोधन को उपस्थित जनसमुदाय ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा।
युवा आईएएस को मिली अहम जिम्मेदारी
2017 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. दिव्यांक सिंह अपनी प्रशासनिक क्षमता, नवाचार और प्रभावी कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग सहित विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करने के बाद अब उन्हें सीमावर्ती और संवेदनशील जिले मंदसौर की कमान सौंपी गई है। सरकार को उनसे जिले में सुशासन, विकास कार्यों में गति, जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की उम्मीद है।
आईएएस-आईपीएस दंपत्ति बना चर्चा का केंद्र
डॉ. दिव्यांक सिंह की पत्नी हितिका वासल वर्तमान में गुना जिले की पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में सेवाएं दे रही हैं। दोनों 2017 बैच के अधिकारी हैं और अपनी-अपनी कार्यशैली के कारण प्रशासनिक जगत में अलग पहचान रखते हैं। एक ओर जहां डॉ. दिव्यांक सिंह प्रशासनिक दक्षता, नवाचार और संवेदनशील प्रशासन के लिए पहचाने जाते हैं, वहीं दूसरी ओर हितिका वासल आधुनिक, संवेदनशील और सख्त पुलिसिंग के लिए चर्चित हैं। यही कारण है कि यह युवा दंपत्ति प्रदेश के सबसे चर्चित प्रशासनिक दंपत्तियों में शामिल हो चुका है।
हितिका वासल की पुलिसिंग पर सरकार और पुलिस मुख्यालय का भरोसा
गुना जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग और प्रभावी नेतृत्व को लेकर आईपीएस हितिका वासल की कार्यशैली की व्यापक सराहना हुई है। उनकी इसी कार्यशैली पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने भरोसा जताते हुए उन्हें गुना जिले जैसे महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी सौंपी है। पुलिस मुख्यालय में भी उन्हें एक परिणामोन्मुख और सक्षम अधिकारी के रूप में देखा जाता है।
कर्तव्य और समर्पण से बनाई अलग पहचान
डॉ. दिव्यांक सिंह और आईपीएस हितिका वासल दोनों ही युवा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में मेहनत, ईमानदारी, संवेदनशीलता और परिणाम आधारित कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। प्रशासन और पुलिस—दोनों क्षेत्रों में उनकी सक्रिय भूमिका उन्हें प्रदेश के सबसे चर्चित युवा अधिकारी दंपत्तियों में शामिल करती है। सरकार द्वारा दोनों अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी सौंपा जाना भी उनकी कार्यक्षमता और नेतृत्व क्षमता पर विश्वास को दर्शाता है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बना यह दंपत्ति
एक ही यूपीएससी बैच से चयनित होकर भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा में स्थान बनाने वाले डॉ. दिव्यांक सिंह एवं हितिका वासल आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। कठिन परिश्रम, समर्पण, ईमानदारी और उत्कृष्ट सेवा के बल पर दोनों ने अपनी अलग पहचान स्थापित की है। अब एक ओर डॉ. दिव्यांक सिंह मंदसौर जिले के कलेक्टर के रूप में विकास और सुशासन की नई दिशा देने की जिम्मेदारी निभाएंगे, वहीं दूसरी ओर हितिका वासल गुना जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने का दायित्व निभा रही हैं। युवा नेतृत्व पर सरकार के बढ़ते भरोसे के बीच यह आईएएस-आईपीएस दंपत्ति प्रदेश में सुशासन और प्रभावी प्रशासन का सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है।



