09 सरकारी मेडिकल कॉलेज 4000 करोड़ में निजी हाथों में! नीमच, सिंगरौली, श्योपुर सहित 9 कॉलेज और 18 CHC को PPP मॉडल पर देने की तैयारी

ट्रांजैक्शन एडवाइजर के लिए RFP जारी
मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉरपोरेशन ने सितंबर 2026 में निकाला टेंडर, ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेज-कम-हॉस्पिटल के संचालन पर उठे सवाल, मरीजों और मेडिकल शिक्षा पर क्या होगा असर?
भोपाल। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ा फैसला होने जा रहा है। प्रदेश के 9 सरकारी मेडिकल कॉलेजों और उनसे जुड़े अस्पतालों को 4000 करोड़ में PPP यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर निजी हाथों में देने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
सितंबर 2026 में मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉरपोरेशन ने इन नौ ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेज-कम-हॉस्पिटल और 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के PPP संचालन के लिए ट्रांजैक्शन एडवाइजर नियुक्त करने का RFP जारी किया है। इनमें नीमच, सिंगरौली और श्योपुर जैसे नए सरकारी मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं। सरकारी दस्तावेजों में इन संस्थानों को सरकारी मेडिकल कॉलेज के रूप में दर्ज किया गया है।
क्या होगा असर?
प्रस्तावित PPP व्यवस्था को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि सरकारी जमीन, भवन और स्वास्थ्य ढांचे के संचालन में निजी भागीदारी की शर्तें क्या होंगी और इसका मरीजों तथा मेडिकल शिक्षा पर क्या प्रभाव पड़ेगा। अंतिम व्यवस्था, शुल्क, सेवा शर्तों और निजी भागीदार की जिम्मेदारियां सरकार द्वारा तय किए जाने वाले समझौते पर निर्भर करेंगी।



