बसई में दूषित भोजन खाने से 20 गोवंश की मौत, 15 से अधिक का उपचार जारी

सामूहिक आयोजन के बाद खुले में फेंका गया खाद्य पदार्थ बना हादसे की वजह, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
सुवासरा। सुवासरा थाना क्षेत्र के ग्राम बसई में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां दूषित भोजन खाने से लगभग 20 गोवंश की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक गायों का उपचार जारी है। घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के शासकीय हाई स्कूल मैदान में दो दिन पूर्व एक सामूहिक सामाजिक एवं धार्मिक आयोजन के दौरान महाप्रसादी का वितरण किया गया था। आयोजन समाप्त होने के बाद बचा हुआ भोजन, विशेष रूप से पूड़ियां तथा उपयोग की गई पत्तलें खुले मैदान में ही छोड़ दी गईं। लगातार दो दिन तक धूप में पड़े रहने के कारण भोजन खराब हो गया।
बताया जा रहा है कि सोमवार रात एवं मंगलवार सुबह भूखी घूम रही गायों ने वही दूषित भोजन खा लिया। इसके बाद कई गायों की तबीयत बिगड़ गई। सुबह ग्रामीणों ने मैदान के आसपास बड़ी संख्या में गोवंश को तड़पते हुए देखा। देखते ही देखते लगभग 20 गायों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से बीमार हो गईं।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी, एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी, पशु चिकित्सा विभाग की टीम तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। पशु चिकित्सकों ने बीमार गायों का उपचार शुरू किया। गंभीर रूप से बीमार गोवंश को बचाने के लिए बसई के हरिराम मेहर अच्छी मेहनत की है।
विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी मौके पर पहुंचकर घटना पर नाराजगी जताई तथा कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रशासन की निगरानी में मृत गोवंश का अंतिम संस्कार कराया गया। जेसीबी की सहायता से गड्ढा खोदकर सभी मृत गायों को दफनाया गया। वहीं घायल गोवंश का उपचार पशु चिकित्सकों एवं सीतामऊ गौशाला की टीम द्वारा लगातार इलाज किया जा रहा है।
घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक आयोजनों के बाद बचा हुआ भोजन खुले में फेंकने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।



