मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 05 जून 2026 शुक्रवार

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हॉर्टिकल्चर कॉलेज द्वारा अपना घर की बालिकाओं को दिया करियर गाइडेंस, खेल-शैक्षणिक सामग्री बांटी


मन्दसौर। केएनके कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर मंदसौर में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के अंतर्गत एक सामाजिक सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आदरणीय डीन डॉ. दीपक हरि रानडे के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य देखभाल, संरक्षण और सहायता की आवश्यकता वाली लड़कियों को सहयोग और प्रोत्साहन प्रदान करना था।
कार्यक्रम का आयोजन मंदसौर स्थित अपना घर बालिका गृह में किया गया, जो लड़कियों के लिए एक आवासीय देखभाल गृह है। इस पहल का उद्देश्य वहां रहने वाली लड़कियों के सर्वांगीण विकास के लिए भौतिक सहायता और प्रेरक समर्थन प्रदान करना था। कार्यक्रम का सफल नेतृत्व कॉलेज के खेल अधिकारी श्री प्रदीप तुरुकमाने ने किया, जिन्होंने कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की योजना बनाने और उन्हें व्यवस्थित करने में पहल की।
कार्यक्रम में संकाय सदस्यों और कर्मचारियों द्वारा संचालित प्रेरक और जागरूकता बढ़ाने वाले सत्र शामिल थे। डॉ. के.सी. मीना ने प्रेरणादायक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने छात्राओं को कृषि और बागवानी के क्षेत्र में विभिन्न करियर अवसरों के बारे में बताया और उन्हें इन क्षेत्रों में उच्च शिक्षा और कौशल विकास प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। ⁠डॉ. प्रियमवदा सोनकर और डॉ. किरण सोनी ने भी छात्राओं को संबोधित किया और उन्हें अपनी पढ़ाई और भविष्य के लक्ष्यों के प्रति आत्मविश्वास, एकाग्रता और समर्पण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
श्री प्रदीप तुरुकमाने ने छात्राओं को उनके सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास के लिए शैक्षणिक अध्ययन के साथ-साथ सह-पाठ्यक्रम और अतिरिक्त पाठ्यचर्या गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
प्रेरणादायक सत्रों के बाद, एक वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें अपना घर बालिका गृह की छात्राओं को उनकी दैनिक आवश्यकताओं और शैक्षणिक गतिविधियों में सहायता के लिए खाद्य सामग्री और स्टेशनरी सामग्री प्रदान की गई। अपना घर बालिका गृह की देखभालकर्ता श्रीमती वंदना गौड़ के सहयोग से कार्यक्रम का सुचारू संचालन सुनिश्चित हुआ, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम के दौरान पूर्ण सहयोग प्रदान किया और बच्चों के लिए अनुशासन और आराम सुनिश्चित किया।
कार्यक्रम का सफल समापन हुआ और लाभार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। इससे न केवल आवश्यक सहायता मिली बल्कि लड़कियों को शिक्षा और करियर विकास के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित भी किया गया। यह पहल मंदसौर स्थित केएनके कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर और भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की सामाजिक जिम्मेदारी और सामुदायिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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सीतामऊ रोजगार मेले में 149 युवाओं का मिला रोजगार, 220 युवक-युवतियों ने कराया पंजीयन

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के हितग्राहियों को 15 लाख का चेक वितरित

मंदसौर 4 जून 26 / जिले में रोजगार उन्मुख गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शासकीय आईटीआई सीतामऊ में जिला रोजगार कार्यालय एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र मंदसौर के संयुक्त समन्वय से युवा संगम रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेन्टिस मेले का आयोजन किया गया। मेले का शुभारंभ सुवासरा विधायक श्री हरदीपसिंह डंग द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर विधायक श्री डंग ने युवाओं को स्वरोजगार अपनाने तथा अपने क्षेत्र में ही रोजगार एवं व्यवसाय के अवसर विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा आत्मनिर्भर बनकर न केवल स्वयं का विकास करें, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित करें।

मेले में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 220 युवक एवं युवतियों ने पंजीयन कराया। मेले में उपस्थित सात निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा साक्षात्कार एवं चयन प्रक्रिया के माध्यम से 149 युवक-युवतियों का प्राथमिक स्तर पर चयन किया गया।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी भी युवाओं को प्रदान की गई। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत हितग्राहियों को 15 लाख रुपये के चेक वितरित किए गए।

मेले में आदिम जाति कल्याण विभाग, पशुपालन विभाग, मध्यप्रदेश आजीविका मिशन, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्टॉल लगाकर विभागीय योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी गई। मेले के माध्यम से युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार एवं कौशल विकास के विभिन्न अवसरों से अवगत कराया गया।

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बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष एवं सदस्य ने भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन किए

मंदसौर 4 जून 26 / मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा एवं सदस्य श्रीमती सोनम निनामा ने मंदसौर प्रवास के दौरान भगवान पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन एवं पूजन-अर्चन किया।

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नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री शुक्ला ने किए भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन

मंदसौर 4 जून 26 / मध्यप्रदेश शासन के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने मंदसौर प्रवास के दौरान भगवान पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन, पूजन-अर्चन एवं अभिषेक किया।

मंत्री श्री शुक्ला ने भगवान पशुपतिनाथ से प्रदेश एवं देशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा भगवान पशुपतिनाथ के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की। दर्शन एवं पूजन के दौरान मंदिर समिति के पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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समान नागरिक संहिता पर नागरिकों से सुझाव आमंत्रित, वेबसाइट ucc.mp.gov.in पर दें अपने विचार

मंदसौर 4 जून 26 / अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल ने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य में विभिन्न व्यक्तिगत एवं पारिवारिक विधियों के अंतर्गत विवाह, विवाह विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार तथा अन्य संबंधित विषयों के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए राज्य शासन द्वारा उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।

समिति द्वारा समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक जन-परामर्श प्राप्त करने के उद्देश्य से नागरिकों से सुझाव एवं विचार आमंत्रित किए गए हैं। इसके लिए विशेष वेबसाइट ucc.mp.gov.in तैयार की गई है, जिस पर प्रदेश के सभी नागरिक अपने सुझाव एवं परामर्श ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।

अपर कलेक्टर ने जिले के नागरिकों से आग्रह किया है कि वे समान नागरिक संहिता के संबंध में अपने विचार, सुझाव एवं सुझावात्मक टिप्पणियां वेबसाइट ucc.mp.gov.in पर दर्ज कर जन-परामर्श प्रक्रिया में सहभागी बनें।

उन्होंने बताया कि प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर उन्हें समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे नागरिकों की भावनाओं एवं अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक विचार-विमर्श किया जा सके।

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समान नागरिक संहिता पर सुझावों के लिए जन परामर्श बैठक 6 जून को कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में

उच्च स्तरीय समिति नागरिकों के विचार एवं सुझाव करेगी प्राप्त

मंदसौर 4 जून 26 / मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता के संबंध में अध्ययन एवं परीक्षण हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति की जन परामर्श बैठक 6 जून 2026 को अपरान्ह 3:30 बजे कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम, शासकीय महाविद्यालय परिसर मंदसौर में आयोजित की जाएगी। बैठक शिक्षाविद प्रो. गोपाल शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न होगी।

अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल ने बताया कि बैठक का उद्देश्य समान नागरिक संहिता के संबंध में विभिन्न वर्गों से सुझाव एवं विचार प्राप्त करना है। समिति उपस्थितजनों के सुझावों का संकलन कर राज्य शासन को प्रेषित करेगी, जिससे विषय के अध्ययन एवं परीक्षण में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके।

बैठक में सांसद, विधायक, मान्यता प्राप्त शांति समिति के सदस्य, रेडक्रॉस सोसायटी के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, कानूनविद, अभिभाषक संघ के सदस्य, राजनीति विज्ञान एवं समाजशास्त्र के प्रोफेसर सहित विभिन्न क्षेत्रों के नागरिक सहभागी होंगे। समिति के सदस्य उपस्थितजनों से समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा कर उनके सुझाव एवं विचार प्राप्त करेंगे।

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म.प्र. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्‍यक्ष श्री जोशी 6 जून को मंदसौर प्रवास पर रहेंगे

मंदसौर 4 जून 26 / म.प्र. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड (विपण्‍न) प्रभारी अधिकारी द्वारा बताया गया कि म.प्र. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्‍यक्ष श्री पंकज जोशी 6 जून 2026 को मंदसौर प्रवास पर रहेंगे।

तय कार्यक्रमानुसार म.प्र. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्‍यक्ष श्री जोशी 5 जून 2026 को सांय 5:00 बजे भोपाल से मंदसौर के लिए प्रस्‍थान करेंगे। रात्री 11:00 बजे आगमन एवं रात्री विश्राम। म.प्र. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्‍यक्ष श्री जोशी 6 जून 2026 को प्रात: 10:00 बजे स्‍थानीय कार्यक्रमों मे सम्‍मिलित होंगे। दोपहर 12:30 बजे कम्‍बल केन्‍द्र मंदसौर एवं खादी ग्रामोद्योग एम्‍पोरियम का अवलोकन करेंगे। तत्‍पश्‍चात दोपहर 3:00 बजे मंदसौर से नीमच के लिए प्रस्‍थान करेंगे।

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मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत युवाओं को मिलेगा 50 लाख रुपये तक का बैंक ऋण

स्वरोजगार स्थापित करने के लिए पोर्टल अथवा एमपी ऑनलाइन केंद्र पर करें आवेदन

मंदसौर 4 जून 26 / जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत जिले के शिक्षित एवं बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार हेतु प्रोत्साहित करने के लिए लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। योजना के माध्यम से पात्र युवाओं को नवीन उद्योग, सेवा अथवा व्यवसाय स्थापित करने के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) इकाइयों की स्थापना हेतु 50 हजार रुपये से 50 लाख रुपये तक तथा सेवा एवं व्यवसाय इकाइयों के लिए 50 हजार रुपये से 25 लाख रुपये तक की ऋण सुविधा उपलब्ध है। योजना का लाभ केवल नई इकाइयों की स्थापना के लिए दिया जाएगा।

योजना के अंतर्गत आवेदक का मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना, आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होना तथा न्यूनतम 8वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इसके साथ ही आवेदक के परिवार की वार्षिक आय अधिकतम 12 लाख रुपये निर्धारित की गई है।

योजना में स्वीकृत ऋण पर हितग्राहियों को 3 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज अनुदान का लाभ अधिकतम 7 वर्षों तक प्रदान किया जाएगा।

इच्छुक अभ्यर्थी योजना के लिए स्वयं पोर्टल के माध्यम से अथवा निकटतम एमपी ऑनलाइन केंद्र पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, परियोजना प्रतिवेदन, कोटेशन सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा।

योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, कम्बल केंद्र के पास, नई आबादी, मंदसौर कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

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मंदसौर जिले में बन्द सोसायटियों के पंजियन होंगे निरस्‍त

मंदसौर 4 जून 26 / जिला सहकारिता उप आयुक्‍त श्री परमानंद गोडरिया द्वारा बताया गया कि उपायुक्त सहकारिता द्वारा मंदसौर जिले में पहली बार बड़े स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। कई वर्षों से जो सोसायटिया बन्द होकर परिसमापन में थी, उन सभी सोसायटीयों के पंजीयन निरस्त कर सहकारिता पटल से उनका अस्तित्व समाप्त किया जा रहा है।

जिन सोसायटियों में यह कार्यवाही होने जा रही है प्रमुख रूप से दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित आक्याबिका, बोरखेडी चारण, सिंदपन सौधिंया, तालाब पिपलिया, कनघट्टी, कचनारा सौम्या, दौरवाडा, गर्रावद, नागर पिपलिया, पित्याखेडी, पिपलिया कराडिया, भाटरेवास, कोटडा बहादुर, कचनारा (मल्हारगढ), रावटी, बेटीखेडी, रिछालाल मुंहा, चांदाखेडी, ढाबला देवल, लसुडी, नई आबादी रिण्डा, कांचरिया जाट, ढिकनिया, नेतावली, फतेहगढ, कयामपुर, सूरी, गुडभेली, पटलावद, रिंदवन, धतुरिया, सेमली-3, लामगरी, भरडावद, निरधारी, राणाखेडा, दौलतपुरा, बडोद, जवासिया, झलारा, महुआ, ताजखेडी, शिवगढ, नाहरगढ, रणायरा, पिपलखुटा, टोकडा कुण्डालिया चरणदास, हतुनिया, चिकला, लसुडिया, धलपट, गरडा, असावती, किलगारी, ढाबा, झलारा, भालोट, हनुमन्तिया, अंगारी, बोरखेडी घाटा, पाडलिया मारू, भामखेडी, गुराडिया शाह, खजुरी आंजना, अचेरा, लदुना, साखतली, डिगांवमाली, धाकड पिपलिया, छांगा, टकरावद, टोकडा, खोती, समर्पण साख भैसोदा, मंदसौर साख मंदसौर, शिरोमणी साख पिपलिया मंडी, महाराष्ट्र ब्राहाम्ण समाज साख मंदसौर, डेकोरम साख मंदसौर, प्रगति साख दलौदा, ऋषिश्रंग परस्पर साख मंदसौर, शास पेंशनर्स साख मंदसौर, मुरलीधुन साख मंदसौर, जय अम्बे कामगार रेवास देवडा, जय चम्बल उद्वहन सिंचाई बसई, अम्बिका बीज पालडी, महादेव बीज बालागुढा, श्रीनाथ बीज बरखेडा देव सिद्धि विनायक बीज झार्डा, बरखेडा देव डुंगरी बीज बरखेडा देव अम्बिका बीज आक्यामेडी, मालवा बीज मंदसौर, आदर्श बीज गैलाना, राधा बीज नंदावता, अतिशय बीज पनवाडी, जय किसान बीज लौटखेडी, महाकाल बीज शामगढ, जय भवानी बीज बर्डिया उचा, कल्पतरू बीज बनी, श्रीराम बीज कोटडा बहादुर, श्री गणेश बीज उत्पादक कुरावन, अन्नपूर्णा बीज मर्या पालसोडा, महावीर बीज रणायरा, शेषनाग बीज खजुरीनाग, नटराज बीज नगरी, आंत्रीमात्रा मत्स्य रतन पिपलिया, एकता अ.जा मत्स्य लेदीकला, महाराणा मत्स्योद्योग कोटडाखुर्द, दशपुर साग सब्जी मंदसौर, मंदसौर मंडी व्यापारी मंदसौर, पिछडा एवं अल्पसंख्यक भण्डार भानपुरा, ग्रामोद्योग दलौदा, वुडन फर्नीचर दलौदा, मंदसौर महिला बुनकर खिलचीपुरा, महिला बुनकर खिलचीपुरा, सांई मुद्रणालय मंदसौर, दशपुर पर्यटन विकास मंदसौर, खान खनिज उत्पा. प्रक्रिया एवं विप. सह संस्था मर्या मंदसौर, चारभुजा श्रमिक कामगार सह संस्था मर्या रेवासदेवडा (पश्चिम), आदि सभी संस्थाओ के पंजीयन निरस्त किये जाने है ।

इस प्रकार सहकारिता के उपायुक्त द्वारा इन संस्थाओं से संबंधित कर्ता-धर्ता और सदस्यों को सूचित किया जा रहा है कि यदी किसी को इस कार्यवाही के संबंध में कोई आपत्ति हो या अपना पक्ष समर्थन रखना हो तो वह एक सप्ताह के भीतर उपायुक्त सहकारिता जिला मंदसौर मित्र वत्सला रामटेकरी में उपस्थित होकर कार्यालयीन समय मे अपना पक्ष रख सकते है। सभी संस्थाओं को समाप्त करने के लिये इसी माह जुन 2026 की समय सीमा तय की गई है। पंजीयन निरस्त करने की कार्यवाही युद्ध स्तर पर की जा रही है।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव की ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नई पहल

अब ईवी से करेंगे यात्रा

मुख्यमंत्री ने निवास से स्टेट हैंगर तक ईवी से की यात्रा

मंदसौर 4 जून 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास से स्टेट हैंगर भोपाल तक पेट्रोल से चलने चार पहिया वाहन के स्थान पर इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) से यात्रा की। यह ईवी मुख्यमंत्री सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों पर खरा उतरने, फीचर्स की विधिवत् जांच एवं अन्य जरूरी प्रक्रियाओं का बारिकी से पालन करने के बाद मुख्यमंत्री के लघु कारकेड में बुधवार से शामिल कर ली गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अब राजधानी (भोपाल) में नियमित रूप से ईवी कार से ही यात्रा करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को ईंधन की अधिकतम बचत करने और मितव्यतापूर्ण यात्रा के साधन अपनाने का संदेश दिया है। इससे देश एवं प्रदेश में ईंधन की बचत को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी का यह दायित्व है कि ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए सार्थक प्रयास करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित कर रही है। ये ईवी न केवल ईंधन की बचत करते हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी अत्यंत लाभकारी साबित होते हैं। इन वाहनों से वायु प्रदूषण भी नहीं होता, शोर नगण्य होता है और इन वाहनों की संधारण लागत भी पारम्परिक ईंधन वाले वाहनों की तुलना में काफी कम होती है। उन्होंने कहा कि ईंधन बचाने और पर्यावरण की रक्षा के लिए ईवी का उपयोग हम सभी के लिए हितकारी है। यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ईवी वाहनों के उपयोग से पारम्परिक ईंधन पर हमारी निर्भरता कम होगी, प्रदूषण घटेगा और देश-प्रदेश में हरित विकास को भी नई गति मिलेगी।

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प्रदेश में शीघ्र लागू होगी समान नागरिक संहिता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनजातीय समुदाय के रीति-रिवाजों को रखा जाएगा यूसीसी से अलग

दो साल में प्रारंभ किये प्रदेश में 7 नए मेडिकल कॉलेज

मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली में इंडिया@2047 कॉन्क्लेव में हुए शामिल

मंदसौर 4 जून 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश में एक निशान, एक विधान और एक कानून लागू हो, इस राष्ट्रीय भावना में कुछ भी गलत नहीं है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को देश के 3 राज्यों ने पहले ही लागू कर दिया है। हमारी सरकार भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। शीघ्र ही मध्यप्रदेश भी देश का यूसीसी लागू करने वाला राज्य बन जाएगा। इसके लिए हमने उच्चतम न्यायालय की रिटायर्ड जज न्यायमूर्ति श्रीमती रंजना देसाई की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीति गठित कर दी है। यह समिति जिला स्तर पर सभी वर्गों से उनकी राय ले रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जनजातीय समुदाय को यूसीसी से पृथक रखा जाएगा। उन्हें अपने पारम्परिक रीति-रिवाज मानने की स्वतंत्रता होगी। गुजरात में भी इसी प्रकार का प्रावधान लागू किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित इंडिया@2047 कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति योग्य है, तो सरकार जाति, धर्म और समुदाय से ऊपर उठकर कार्य करती है। आज जनजातीय वर्ग से आने वाली श्रीमती द्रोपदी मुर्मु देश के राष्ट्रपति पद की शोभा बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि हम मध्यप्रदेश में यूसीसी लागू करने के लिए खुले विचार और खुले हृदय के साथ काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम मध्यप्रदेश को सभी क्षेत्रों में अव्वल राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक स्तर पर ईंधन की चुनौती के दौर में प्रधानमंत्री डॉ. नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर हमारी सरकार ने पर्यावरण और ईंधन को बचाने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) खरीदा है। अब वे ईवी से ही यात्रा करेंगे। यह पर्यावरण अनुकूल वाहन (ईवी) ईंधन के संरक्षण के साथ-साथ वायु प्रदूषण को भी रोकने में कारगर है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है। ग्रामीण आबादी को दूध उत्पादन, पशुपालन और आधुनिक खेती से जोड़ने के लिए प्रयास किए गए हैं। गांव-गांव तक बिजली, पानी और सड़कों का विकास हुआ है। पिछले साल सरकार ने औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए काम किया। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में 10 लाख करोड़ रुपए का निवेश आया है। प्रदेश के इंडस्ट्रियल पार्कों में यूनिट्स खुल गईं और लोगों को रोजगार के अवसर मिलने लगे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस -2025) में 30 लाख करोड़ रुपए के एमओयू साइन हुए थे। इसमें से अब तक करीब 30 प्रतिशत निवेश धरातल पर नजर आ रहा है। यह राज्य सरकार का बड़ी सफलता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विकास में शिक्षा का विशेष महत्व है। मध्यप्रदेश की स्थापना से लेकर 2002-03 तक मेडिकल कॉलेजों की संख्या केवल 5 थी। अब इनकी संख्या बढ़कर 30 हो गई है। इनमें से 7 नए मेडिकल कॉलेज तो हमने पिछले 2 साल के दौरान ही प्रारंभ किए हैं। प्रदेश में 3 नए शासकीय विश्वविद्यालय खरगोन में टंट्या मामा, गुना में तात्या टोपे और सागर में रानी अवंती बाई लोधी के नाम पर शुरू किए गए हैं। सभी 55 जिलों में नए पीएम एक्सीलेंस कॉलेज भी संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में अब कृषि संकाय की भी पढ़ाई कराई जा रही है। प्रदेश में नए-नए सांदीपनि विद्यालय तेजी से खोले जा रहे हैं। प्रदेश के शैक्षणिक और सांस्कृतिक विकास के लिए हम तेजी से काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ग्लोबल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव (जीआईएस) पहले केवल इंदौर तक सीमित थी। हमारी सरकार ने इसे पहली बार राजधानी (भोपाल) में आयोजित किया। इससे पहले राज्य में संभाग और जिला स्तर पर रीवा, ग्वालियर, नर्मदापुरम, कटनी जैसे स्थानों पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) आयोजित कर निवेशकों को आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर अंचल की अलग-अलग विशेषता है।

राज्य सरकार ने उद्योग केंद्रित 18 नीतियां लागू कीं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में भारी उद्योग, लघु उद्योग और एमएसएमई में देशभर से निवेश आया। कई कारखानों में उत्पादन शुरू हो चुका है। राज्य सरकार की पहल पर प्रदेश में आई औद्योगिक क्रांति से अब तक 2 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योग स्थापित करने पर सरकार प्रति श्रमिक 5000 रुपए महीना आर्थिक सहायता 10 वर्ष तक देगी। अन्य श्रेणी के उद्योगों को आगे बढ़ने में भी सरकार पूरी मदद दे रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी धर्म का अपमान करना हमारी संस्कृति नहीं है लेकिन अपने धर्म पर गर्व करने में क्या बुराई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में अपना विशिष्ट स्थान बना रहा है। अब हमारी सरकारें माननीय न्यायालयों के निर्णयों को पूरे सदभाव और शांतिपूर्ण तरीके से लागू करा रही हैं। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण इसका श्रेष्ठ उदाहरण है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विरासत से विकास का घोष वाक्य दिया है। हमारा इतिहास बहुत समृद्ध है। राजा भोज की कर्मस्थली धार में स्थापत्य कला के अनेक उदाहरण भरे पड़े हैं। यहां भोजशाला परिसर में ज्ञान की देवी सरस्वती (मां वाग्देवी) की प्रतिमा को वापस लाकर स्थापित किया जाएगा। हम न्यायालय के निर्णय को लागू कराते हुए यहां विकास कार्यों को भी गति देंगे। उन्होंने कहा कि देश में धार्मिक पर्यटन से आर्थिक विकास को गति मिलती है और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलता है। भोजशाला के विकास से धार में पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार बहनों के कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही है। प्रदेश की सभी पात्र लाड़ली बहनों को प्रोत्साहन राशि की अब तक 36 किश्तें दी जा चुकी हैं। इस योजना की शुरुआत से अब तक करीब 55 हजार करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता लाड़ली बहनों को हम दे चुके हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ विकसित मध्यप्रदेश @2047 के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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