जैन समाज का फुटा आक्रोश, गरोठ में निकला मौन विरोध प्रदर्शन, रीवा हादसे में दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग

जैन समाज का फुटा आक्रोश, गरोठ में निकला मौन विरोध प्रदर्शन, रीवा हादसे में दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग
संवाददाता– सतीश शर्मा
गरोठ– मध्यप्रदेश के रीवा जिले में कार चालक की कथित घोर लापरवाही के चलते दो पूजनीय आर्यिका माताओं की समाधि होने की अत्यंत दुखद घटना ने पूरे जैन समाज को गहरे शोक और आक्रोश में डुबो दिया है। इस दर्दनाक हादसे को लेकर प्रदेशभर में श्रद्धालुओं के बीच भारी रोष व्याप्त है। इसी क्रम में सोमवार प्रातः गरोठ में सकल जैन समाज द्वारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन से दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग उठाई गई।
गरोठ में समाजजन बड़ी संख्या में एकत्रित होकर जैन मंदिर बड़ा बाजार पहुंचे, जहां तहसीलदार को मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा गया। विरोध प्रदर्शन में समाज के बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों एवं महिला श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज कराई। पूरा वातावरण श्रद्धा, अनुशासन और संवेदना से भरा हुआ दिखाई दिया।
समाजजनों ने मौन रहकर पूजनीय आर्यिका माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा अहिंसा, संयम और अनुशासन का परिचय देते हुए शांतिपूर्ण ढंग से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उपस्थित श्रद्धालुओं का कहना था कि जैन साधु-संत एवं आर्यिकाएं त्याग, तपस्या और मानव कल्याण का संदेश देने वाले पूजनीय व्यक्तित्व होते हैं। ऐसे संतों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य है।
ज्ञापन के माध्यम से जैन समाज ने मांग की कि विहाररत जैन साधु-संतों एवं आर्यिकाओं की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही इस दुखद घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई कर कठोर दंड दिया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
समाजजनों ने शासन एवं प्रशासन से संवेदनशीलता और तत्परता के साथ न्यायपूर्ण कार्रवाई करने की मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान “जय जिनेन्द्र” के उद्घोष के साथ समाज की एकजुटता और संतों के प्रति श्रद्धा स्पष्ट रूप से दिखाई दी।



