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सेना और अर्धसैनिक बलों से सेवानिवृत्त होकर लौटे चार जवानों का ऐतिहासिक स्वागत

मंदसौर की धरा पर वीरों का वंदन:-
सेना और अर्धसैनिक बलों से सेवानिवृत्त होकर लौटे चार जवानों का ऐतिहासिक स्वागत
मंदसौर जिले में राष्ट्र सेवा की मिसाल पेश कर सेवानिवृत्त हुए भारतीय सेना, सीआरपीएफ और बीएसएफ के चार वीर जवानों का अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद और नागरिक समाज द्वारा भव्य एवं भावभीनी विदाई के साथ स्वागत सम्मान किया गया। देश की सीमाओं पर अपनी आयु के महत्वपूर्ण वर्ष समर्पित करने के बाद लौटे इन जांबाजों के स्वागत में पूरा जिला उमड़ पड़ा।
साबाखेड़ा के सुरेश राठौर ने सीआरपीएफ में 24 वर्ष की गौरवशाली सेवा पूर्ण की, जिनका मंदसौर और उनके पैतृक ग्राम में जोरदार स्वागत हुआ। इसी प्रकार भोलिया ग्राम के घनश्याम चौहान सीआरपीएफ में 24 वर्ष का सेवाकाल पूरा कर सकुशल लौटे। उनका स्वागत कार्यक्रम मंदसौर के कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम से प्रारंभ होकर मंदसौर नगर और दलोदा होते हुए भोलिया ग्राम तक चला, जहां ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर अपने लाडले सपूत की अगवानी की। बीएसएफ में 39 वर्षों की लंबी और अनुकरणीय सेवा देने के बाद एएसआई शंभू सिंह पंवार का भी सेजपुरिया ग्राम में संगठन और समाजसेवियों द्वारा आत्मीय अभिनंदन किया गया। रविवार को नेनौरा के सुनील कुमार भारतीय सेना से 17 वर्ष की सेवा पश्चात लौटे, जिनकी स्वागत यात्रा पिपलिया मंडी रेलवे स्टेशन से प्रारंभ होकर नगर परिषद, गांधी चौराया और टीलाखेड़ा बालाजी होते हुए उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंची। वहां प्रधानाध्यापक बालाराम सिसोदिया द्वारा सम्मान के बाद यह यात्रा गांव नेनौरा में भव्य आयोजन के साथ संपन्न हुई।
इन सम्मान समारोहों में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के साथ-साथ समाजसेवी संगठनों, रक्तवीर रेड आर्मी और नगर परिषद पिपलिया मंडी ने भी सहभागिता की। परिषद के जिला अध्यक्ष मुकेश गुर्जर ने सैनिकों के संघर्ष को रेखांकित करते हुए कहा कि सैनिक का जीवन एक कठिन तपस्या है, जो सीमा पर दुश्मनों से लड़ने के साथ-साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों का भी बखूबी निर्वहन करता है। उन्होंने युवाओं से कंफर्ट जोन छोड़कर इन वीरों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। वहीं समाजसेवी विनय दुबेला ने मंदसौर की धरा को वीरों का सम्मान करने वाली पावन भूमि बताया। सेवानिवृत्त सैनिकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए संकल्प लिया कि वर्दी भले ही उतर गई हो, लेकिन समाज सेवा और युवाओं के मार्गदर्शन का उनका मिशन निरंतर जारी रहेगा।
इस गरिमामय अवसर पर संगठन मार्गदर्शक कैप्टन सुरेश परमार, समाजसेवी विनय दुबेला,जिला अध्यक्ष मुकेश गुर्जर पालड़ी, मोहन पाम्पोडिया, राजेश चौहान, दीपक राठौर, मुकेश सोलंकी, राजेंद्र सिंह शक्तावत, मिट्ठू सिंह, जितेंद्र माली, नरेंद्र खटवड़, आर.एन. मालवीय, दशरथ डांगी, ऋषिराज गुर्जर, कमलेश देवड़ा, दिनेश पाटीदार, अंतिम कुमार ग्वाला, ईश्वर लाल पाटीदार, प्रहलाद राठौड़, जुगल विश्वकर्मा, दिलीप पाटीदार, दिलीप सिंह शक्तावत, शाकिर अहमद, भीम सिंह शक्तावत, ओम प्रकाश अहिरवार, जितेंद्र सिंह शक्तावत, परमानंद, नरेश कुमार, राजपाल सिंह, योगेंद्र सिंह शक्तावत, शिवनारायण गुर्जर, धर्मेंद्र सोनगरा और नंदकिशोर सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।


