समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 21 अप्रैल 2026 मंगलवार

एक लाख 45 हज़ार 71 किसानों से की जा चुकी है 63 लाख 27 हजार 410 क्विंटल गेहूँ की खरीदी : मंत्री श्री राजपूत
रतलाम : सोमवार, अप्रैल 20, 2026,
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक एक लाख 45 हज़ार 71 किसानों से 63 लाख 27 हजार 410 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को 920 करोड़ 7 लाख रुपए का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है। अभी तक 5 लाख 36 हजार 367 किसानों द्वारा 2 करोड़ 25 लाख 96 हजार 450 क्विंटल गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़कर 6 कर दी गई है। इससे समय पर किसानों द्वारा लाये गए गेहूं की तुलाई हो सकेगी। खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। गेहूँ की खरीदी कार्यालयीन दिवसों में होती है। सेटेलाइट ई-मेल में मिलान नहीं पाए गए खसरों को छोड़कर उसी किसान के शेष खसरों पर गेहूँ की फसल विक्रय हेतु स्लॉट बुकिंग की सुविधा दी गई है।
स्लॉट बुकिंग की क्षमता बढ़ाई
उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूँ विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 1500 क्विंटल की गई है।
उपार्जन केंद्र में किसानों के लिये गेहूँ बिक्री की सभी सुविधाएं
मंत्री श्री राजपूत ने बताया है कि उपार्जन केंद्रों में गेहूँ विक्रय की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपार्जन केन्द्रों में छायादार स्थान में बैठने और पेय जल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्र में बारदाने, तौल कांटे सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छनना आदि की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।
समर्थन मूल्य के साथ बोनस भी
मंत्री श्री राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उपार्जित गेहूँ में से 51 लाख 75 हजार 370 क्विंटल गेहूँ का परिवहन किया जा चुका है।
उपार्जन के लिए रिकार्ड पंजीयन
प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।
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प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ 2028 में सनातन का वैभव दुनिया को दिखेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री ने उज्जैन हेलीपैड विश्राम गृह का किया लोकार्पण
रतलाम : सोमवार, अप्रैल 20, 2026,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन सिंहस्थ-2028 में दुनिया हमारे सनातन के वैभव को देखेगी। हमारा प्रयास है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ के विश्व स्तरीय आयोजन में श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएँ मिले और पूर्ण सनातन वैभव के साथ सिंहस्थ महापर्व-2028 का सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन सम्पन्न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारी के अंतर्गत एक करोड़ 20 लाख की लागत से निर्मित हेलीपैड विश्राम गृह के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस विश्राम गृह में ऑफिस कक्ष, आमजन से भेंट के लिए हॉल और पायलट के लिए भी कक्ष बनाए गए है। यह हेलीपैड उज्जैन सिंहस्थ 2028 में अतिथियों और जनप्रतिनिधियों के साथ आम जन और विशिष्ट अतिथियों के आगमन पर भेंट करने के लिए बनाया गया है। हेलीपेड एवं विश्राम गृह का निर्माण हो जाने से मुख्यमंत्री के उज्जैन आगमन पर अतिथि सत्कार के लिए आने वाले विशिष्ट अतिथियों को एक वातानुकूलित परिसर मय बैठक व्यवस्था उपलब्ध होगी। सिंहस्थ 2028 का आयोजन ग्रीन एंड क्लिन की थीम पर होगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन प्रवास के दौरान सिंहस्थ- 2028 महापर्व को हरित एवं स्वच्छ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नगर निगम को 2.25 करोड़ रुपए की लागत की इलेक्ट्रिक व्हील लोडर मशीन की चाबी प्रदान की। सिंहस्थ के विशाल धार्मिक आयोजन में विशाल संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होगा। स्वच्छता एवं प्रदूषण नियंत्रण की चुनौती से निपटने के लिए आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को अपनाया जा रहा है। इसी क्रम में एक निजी कम्पनी द्वारा अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के अंतर्गत उज्जैन नगर निगम को ₹2.25 करोड़ मूल्य की 820TE इलेक्ट्रिक व्हील लोडर मशीन (3 इकाइयाँ) स्वीपिंग अटैचमेंट सहित प्रदान की गई है। ये मशीनें पूरी तरह बैटरी संचालित हैं और शून्य उत्सर्जन (Zero Emission) के साथ कार्य करती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैन संत श्री जिनेन्द्र जी महाराज से लिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन प्रवास के दौरान चिमनगंज कृषि उपज मंडी पहुंचकर जैन संत श्री जिनेन्द्र जी महाराज से भेंटकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर जैन समाज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत-अभिननंदन किया। संत श्री जिनेन्द्र जी महाराज धर्मदास गण के वर्तमान प्रवर्तक है। डूंगर, मालवा, राजस्थान इनका विचरण क्षेत्र रहता है। स्थानकवासी परंपरा के संत हैं। वर्तमान में अक्षय तृतीया महोत्सव के उपलक्ष में श्री संत महाराज का प्रवास के दौरान कृषि उपज मंडी चिमनगंज में वर्षीतप पारणा महोत्सव पर आयोजित किया गया है। भगवान परशुराम की प्रतिमा पर किया पूजन-अर्चन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन सर्किट हाउस पर भगवान श्री परशुराम जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज के साथ भगवान श्री परशुराम की प्रतिमा का पूजन-अर्चन कर आरती की और प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों द्वारा भगवान श्री परशुराम का चित्र और फरसा भेंट किया गया।
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जिले में नरवाई प्रबंधन हेतु जागरूकता अभियान जिले में 300 पैकेट “बायो डीकंपोजर” किसानों को वितरित किए गए
रतलाम : सोमवार, अप्रैल 20, 2026,

जिले में नरवाई से निपटने के लिए आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन, कृषि एवं कृषि अभियांत्रिकी विभाग संयुक्त रूप से प्रयास कर रहे हैं।
कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देशानुसार किसानों को जागरूक करने एवं उनको जीवंत प्रदर्शन के माध्यम से प्रशिक्षित करने हेतु जिले में 300 पैकेट “बायो डीकंपोजर” किसानों को वितरित किए गए हैं। नरवाई प्रबंधन में उपयोगी यंत्रों के विषय में जागरूकता बढ़ाने हेतु जिले भर में कृषि यंत्रों के जीवंत प्रदर्शन आयोजित किए गए। किसानों के खेतों में पहुंचकर नरवाई प्रबंधन में उपयोगी यंत्र मल्चर, देशी पाटा , रिवर्सिबल प्लाऊ आदि के माध्यम से खेत में नरवाई प्रबंधन करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। नरवाई प्रबंधन हेतु ज़िला स्तर पर कंट्रोल रूम कलेक्टर कार्यालय कक्ष क्रमांक 222 में स्थापित किया गया है जिस पर कृषक बंधु टोल फ्री नंबर 07412-299061 पर कॉल करके नरवाई प्रबंधन की जानकारी ले सकते, साथ ही अपने क्षेत्र के संबधित कृषि विस्तार अधिकारी या वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर उक्त “बायो डी कम्पोज़र” के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी ले सकते है।
ग्राम पलसोड़ा के जागरूक किसान श्री महेंद्र सिंह आंजना ने देशी पाटा का उपयोग कर अपने 30 बीघा खेत में नरवाई प्रबंधन कर उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
उप संचालक कृषि श्री आर के सिंह द्वारा किसानों से अपील की गई है कि फसलों के अवशेष (नरवाई) को जलाने के बजाय इसे आधुनिक तरीकों से खाद में परिवर्तित कर मृदा की उर्वरकता बढ़ाएं, बहुमूल्य मृदा के क्षरण को रोके, जिससे मृदा के पोषक तत्व संरक्षित हो एवं मृदा की जलधारण क्षमता बढ़े। जलवायु अनुकूल खेती की ओर एक कदम बढ़ाए।



