महिवाल परिवार का सराहनीय निर्णय: मृत्यु भोज की कुप्रथा पर लगाई रोक, सम्मान पत्र प्रदान किया

तीसरे दिन उठावना कार्यक्रम में 60-70 रिश्तेदारों को बुलाकर कार्यक्रम सीमित कर समाज को दिया अच्छा संदेश
मल्हारगढ़ क्षेत्र में पहली बार ग्राम अवना काचरिया में सामाजिक जागरूकता का एक प्रेरणादायी उदाहरण सामने आया है। अमृत राम जी के सुपुत्र भागीरथ , वर्दीचंद एवं देवीलाल के बड़े भाई तथा प्रहलाद के पिताजी बालमुकुंद जी महिवाल का परिनिर्वाण हो गया था। शोक की इस घड़ी में आज दिनांक 05/03/2026 को उठवाना कार्यक्रम में समता मूलक समाज संघर्ष समिति के सदस्य—मदन वर्मा, रमेश चंद्र राठौर सरपंच तलाव पिपलिया, कन्हैयालाल ररोतिया, विष्णु ररोतीया मूंदडी ,विजय कुमार देवड़ा , राजेंद्र चौहान, सुनील राठौर एवं एफ. सी. चौहान,शिशुपाल मेलवार ,दिलीप सूर्यवंशी शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।इस अवसर पर वहां महिवाल परिवार से अम्रत राम ,कचरुलाल कारुलाल महिवाल पुत्र सुरतराम, भागीरथ , वरदीचन्द देविलाल, दिलीप राम दयाल ओर कई समाजजन उपस्थित थे।
समिति के सदस्यों ने परिवार से निवेदन किया कि वे मृत्यु भोज जैसी कुप्रथा को बंद कर समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश दें। परिवार ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए तीसरे दिन उठावने के कार्यक्रम में ही अत्यंत सराहनीय निर्णय लिया और मृत्यु भोज न करने का संकल्प लिया तीसरे दिन उठावना कार्यक्रम में निकट के 60 से 70 रिश्तेदारों को बुलाकर सीमित और सादगीपूर्ण रूप में आयोजित किया गया ।
महिवाल परिवार के इस निर्णय की क्षेत्रभर में प्रशंसा हो रही है। ग्राम अवना काचरिया में लिया गया यह कदम समाज में व्याप्त कुप्रथाओं को समाप्त करने की दिशा में एक प्रेरणादायी संदेश के रूप में देखा जा रहा है। यह पहल न केवल सामाजिक सुधार की ओर अग्रसर है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी जागरूक और जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देती है।
महिवाल परिवार के इस निर्णय पर समता मूलक समाज संघर्ष समिति मन्दसौर के द्वारा एक सम्मान पत्र प्रदान किया गया।


