रीवामध्यप्रदेश

71 छात्रों के, समर्थन में उतरे पूर्व सैनिक यज्ञ प्रताप,22 छात्रों को स्कूल ने वापस लिया

 

तिरंगा लेकर पानी की टंकी पर चढ़कर किया विरोध

रीवा। अब तक पॉलिटिक्स से दूर रहे सैनिक स्कूल प्रबंधन को आखिरकार 71 छात्रों पर की गई एक तरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई से बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। छात्रों को स्कूल से निलंबित नहीं बल्कि निष्कासित कर दिया गया। जिससे छात्र, अभिभावक और स्थानीय लोगों में आक्रोश हैं। इस विवाद ने तब और ज्यादा तूल पकड़ लिया जब पूर्व सैनिक यज्ञ प्रताप सिंह ने छात्रों के समर्थन में हाथ में तिरंगा लेकर पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया। तब आनंद फलन में स्कूटर प्रबंधन में 22 छात्रों को वापस लिया । वही बाकी छात्रों को भी शिक्षकों से माफी मांगने की शर्त पर स्कूल में दोबारा प्रवेश देने के लिए स्कूल प्रबंधन ने आश्वस्त किया। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले सैनिक स्कूल के एक शिक्षक की गाड़ी का शीशा टूटा था। इसे छात्रों की अनुशासनहीनता करार देते हुए स्कूल प्रबंधन ने 71 छात्रों को थोक में बिना सुनवाई के निष्कासित कर दिया। जब छात्रों और अभिभावकों ने इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाई और जिला कलेक्टर से शिकायत की, तब भी स्कूल प्रबंधन ने अपने फैसले को बरकरार रखा। इसी से नाराज होकर पूर्व सैनिक यज्ञ प्रताप सिंह ने सड़क से सीधा पानी की टंकी तक चढ़कर सरकार और प्रशासन को हिला दिया।

पूर्व सैनिक का बड़ा कदम: ‘अब और अन्याय नहीं सहेंगे ?

पूर्व सैनिक ने नए बस स्टैंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़कर प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि— अगर छात्रों को स्कूल में वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा! छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए, वरना पूरे जिले में विरोध प्रदर्शन होगा! स्कूल प्रबंधन अपनी मनमानी तुरंत बंद करे और निष्कासित छात्रों की शिक्षा जारी रखे!

प्रशासन के हाथ-पांव फूले, आखिर झुका स्कूल प्रबंधन

जैसे ही पूर्व सैनिक ने पानी की टंकी पर चढ़कर अपनी मांगें रखीं, प्रशासन हरकत में आ गया। मौके पर तहसीलदार, पुलिस अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और उन्हें समझाने की कोशिश की। प्रशासन की ओर से तहसीलदार ने घोषणा की कि 22 छात्रों को स्कूल में वापस ले लिया गया है। बाकी छात्रों को भी जल्द ही प्रवेश मिलेगा, लेकिन उन्हें शिक्षकों से माफी मांगनी होगी। 21 फरवरी से होने वाली परीक्षा में छात्रों को बैठने की अनुमति दी जाएगी।

पूर्व सैनिक का सीधा सवाल: ‘अनुशासन का बहाना बनाकर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ क्यों ?’

पूर्व सैनिक यज्ञ प्रताप सिंह ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा— “एक शीशा टूटने की सजा 71 छात्रों को क्यों दी गई? क्या यह तालिबानी फरमान नहीं है? सात साल से पढ़ रहे छात्र अचानक अनुशासनहीन कैसे हो गए? क्या प्रबंधन की जिद इन बच्चों का भविष्य खराब करने के लिए है?” उन्होंने आगे चेतावनी दी कि यदि स्कूल प्रशासन ने 71 छात्रों को पूरी तरह वापस नहीं लिया और परीक्षा में शामिल नहीं किया, तो आंदोलन और बड़ा होगा और इसकी जिम्मेदारी सीधे प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की होगी।

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