फिर तालाब में तब्दील हुआ गणपति नगर,करेंगे आंदोलन,नगरपालिका की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे रहवासी

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नपाध्यक्ष का निर्देश भी हवा में उड़ाया
नीमच। नगरपालिका नीमच की कार्यप्रणाली से हर आमजन परेशान है। जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। आश्वासन देने में माहिर हो चुके नीमच नगरपालिका के जनप्रतिनिधि व अधिकारी,कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से हमेशा भागने का काम करते आ रहे है। हालात ये हो रहे है कि नपा के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी नपाध्यक्ष के निर्देश को भी हवा में उड़ा रहे है। इसमें नगरपालिका अध्यक्ष के नेतृत्व पर भी सवाल उठना जायज है। जो अधिकारी कर्मचारी नपाध्यक्ष के निर्देश को हवा में उड़ा रहे है तो समझा जा सकता है कि आमजन के साथ ये क्या करते होंगे।
बात करें वार्ड नं. 08 के अंतर्गत आने वाले क्लासिक क्राउन कॉलोनी व गणपति नगर शगुन रेसीडेंसी का प्रमुख स्थल गणेश गार्डन के तीनों तरफ बने मुख्य मार्ग शनिवार को हुई बारिश से फि र तालाब में तब्दील हो गये। जहां से आने जाने हेतु रहवासियों को जंग लड़ना पड़ रही है। निकलते समय छोटे बच्चे पानी में गिर रहे है। जलभराव रहने से कोई भी पैदल निकल नहीं पा रहा है। यहां जहरीले जानवर का डर बना हुआ है। वहीं बिजली के खम्बे भी मार्ग पर लगे है। किसी के साथ कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है। यहां बीते साल बड़ी घटना होते होते बची है। दो दिन पूर्व नपाध्यक्ष से क्षेत्र के रहवासी मिलकर आये नपाध्यक्ष ने जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल पानी निकासी की बात कहीं लेकिन दो दिन बाद भी स्थिति वहीं ढाक की तीन पात जैसी बनी हुई है। नपाध्यक्ष की बात को ही अधिकारी कर्मचारी नहीं मान रहे है इससे नपाध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर उनके नेतृत्व पर भी सवाल उठना जायज है। वहीं क्षेत्र के पार्षद दुर्गाशंकर भील निर्दलीय होने की सजा भुगत रहे है। वे कई बार क्षेत्र की समस्या से नपा के जिम्मेदारों को अवगत करवाते है लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं होती है। उन्होंने वार्ड नं. 08 में कार्य हेतु कई आवेदन दे रखे है एक पर भी कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है जिसके चलते रहवासी स्वयं कमान हाथ में लेकर अपने क्षेत्र की समस्या हेतु जंग लड़ रहे है। गणपति विकास समिति के अध्यक्ष एड.केपीएस झाला व मनीष चान्दना, श्याम केमलिया, नरेन्द्र शर्मा,कमल चौधरी, प्रसन्न परमार आदि ने संयुक्त रूप से बताया कि नगरपालिका रहवासियों के सब्र की परीक्षा ना ले। समय रहते समस्या का निदान करे अन्यथा रहवासी उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे। जिसमें नपा अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के पुतला दहन से लेकर नगरपालिका का घेराव तक किया जायेगा।