
पालसोड़ा। क्षेत्र में किसान अपने खेत-खलिहानों में रखे धान की फसलों को बचाने को लेकर काफी चिंतित-परेशान हैं।अभी भी तमाम किसानों के खेतों की कटाई हो रही है। बहुत से खेतों पर तो फसल कटी हुईं पड़ी है। कुछ दिनों से मौसम में परिवर्तन से क्षेत्र में ठंडक घुल गई ।आसमान में बदलो के जमावड़े से जिससे किसान फसलों लेकर चिंता सताने लगी है। बारिश और ओलावृष्टि की आशंका से किसान परेशान हो उठे। हालांकि शनिवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे कभी बूंदाबांदी कभी रिमझीम बारिश भी हुईं और बारिश के पानी से भींगने से खराब होने का खतरा बढ़ गया है। बारिश के कारण गेंहू की फसल भीग जाती है तो उसकी चमक पर असर होगा। किसान धान फसल को बचाने के लिए खेत खलिहान में फसल को लगाकर व तिरपाल से धान को ढककर रखने कोशिश कर रहे है। यदि लगातार ऐसा ही मौसम बना रहा और बारिश ओलावृष्टि हुई तो नुकसानहोने की संभावना ज्यादा है लेकिन किसान डरे हुए से नजर आ रहे हैं।उनको चिंता इस बात की है कि इस बार फसल कुछ ठीक है।ऐसे में दिनों दिन महंगाई के कारण रबी फसलों की कटाई के लिए मजदूरों की रेट बढ़ने से किसान परेशान है मजदूरों द्वारा फसलों के काटने वह मशीनों द्वारा धान निकालने के लिए तीन सौ से चार सौ रुपए दैनिक मजदूरी ली जा रही है


