झालावाड़राजस्थान

जिले में सरकारी भवनों के भूमि अभिलेख दुरुस्त करने को लेकर प्रशासन सख्त, कलेक्टर की सख्त चेतावनी- संपत्तियों का होगा रिकॉर्ड दुरुस्त

जिले में सरकारी भवनों के भूमि अभिलेख दुरुस्त करने को लेकर प्रशासन सख्त, कलेक्टर की सख्त चेतावनी- संपत्तियों का होगा रिकॉर्ड दुरुस्त

झालावाड़, 13 फरवरी ( जगदीश पोरवाल )। जिले में सरकारी भवनों के भूमि अभिलेख दुरुस्त करने को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। मिनी सचिवालय सभागार में शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिले का कोई भी राजकीय कार्यालय भवन बिना विधिवत पट्टे के नहीं रहना चाहिए। लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

बैठक में राजकीय भवनों के पट्टे बनवाने और उन्हें अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए चल रहे विशेष अभियान की विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि सरकारी संपत्तियों का विधिसम्मत रिकॉर्ड तैयार करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी।

1500 संपत्तियों का रिकॉर्ड होगा तैयार:-

जिले में अभी भी करीब 1500 राजकीय प्रॉपर्टी ऐसी हैं, जिनके अंतर्गत आने वाले कार्यालय भवन, उपकार्यालय, विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी भवन एवं अन्य संस्थानों के पट्टे बनाए जाने शेष हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक भवन का भूमि विवरण, खसरा संख्या, क्षेत्रफल, स्वामित्व स्थिति और वर्तमान उपयोग का संपूर्ण रिकॉर्ड संकलित किया जाए।

जिन भवनों का पट्टा उपलब्ध नहीं है, उनके प्रस्ताव तत्काल संबंधित ग्राम पंचायत, नगर पालिका, नगर परिषद अथवा सक्षम प्राधिकारी को भिजवाए जाएं और प्रकरणों की सतत मॉनिटरिंग की जाए।

सम्पदा रजिस्टर अनिवार्य:-

कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभाग का सम्पदा रजिस्टर तैयार करें। इसमें भवन का नाम, स्थान, भूमि विवरण, पट्टा संख्या, निर्गमन तिथि सहित अन्य आवश्यक अभिलेख दर्ज किए जाएं। रजिस्टर अद्यतन रखा जाए और समय-समय पर इसकी समीक्षा हो।

अतिक्रमण पर संयुक्त कार्रवाई:-

बैठक में स्पष्ट किया गया कि जिन राजकीय भवनों या सरकारी भूमि पर अतिक्रमण है, वहां राजस्व विभाग और संबंधित विभाग संयुक्त कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ करें। कलेक्टर ने कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

समयबद्ध निस्तारण के निर्देश:-

जिला परिषद और नगरीय निकायों के अधिकारियों को लंबित पट्टा प्रकरणों का प्राथमिकता से समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। तकनीकी आपत्तियों या दस्तावेजों की कमी की स्थिति में संबंधित विभाग को तत्काल अवगत कराने को कहा गया। अनावश्यक विलंब करने वाले कार्मिकों के विरुद्ध उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।

साप्ताहिक होगी समीक्षा

कलेक्टर ने अभियान की साप्ताहिक समीक्षा कर समेकित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। लक्ष्य तय कर तय समयसीमा में कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया गया।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर अनुराग भार्गव, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शंभु दयाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा, उपखंड अधिकारी अभिषेक चारण सहित नगरीय निकायों के अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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