51 साल पुरानी बिल्डिंग में संचालित हो रही सोसाइटी भवन हुआ जर्जर ,सैकड़ों किसान सदस्यों का रोज आना-जाना रहता है

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कभी भी हो सकता हादसा, विभाग का इस जर्जर बिल्डिंग की ओर ध्यान नहीं
कुचड़ौद । (दिनेश हाबरिया) गांव की प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था 51 वर्ष पुरानी बिल्डिंग में ही संचालित हो रही। बिल्डिंग में जगह-जगह दरारे हो गई। सीलन आ रही। सरीये भी निकल आए। चार से पांच जगह पानी भी टपक रहा। जिससे खाद भी गल जाता है। फिर भी 3000 ऋणी अऋणी सदस्यों वाली सोसाइटी जर्जर भवन में ही संचालित हो रही। बिल्डिंग में प्रबंधक ऑफिस, अध्यक्ष ऑफिस सहित दो रासायनिक खाद भंडारण के गोदाम बने हुए हैं। इसी में सभी प्रकार का रासायनिक खाद रखा जाता है। जानकारी अनुसार सोसाइटी का भवन 1972 में बना था। इसी जर्जर बिल्डिंग में पूरी सोसाइटी संचालित होती है।
यहां 3000 सदस्यों वाली सोसाइटी के सैकड़ों किसान प्रतिदिन खाद बीज या अन्य लेनदेन के लिए सोसाइटी आते जाते रहते हैं। बिल्डिंग की हालत ऐसी है कि दीवारों में भी गेप हो गई। जगह जगह प्लास्टर उखड़ गया। दिवालो के ऊपर काई जम गई। इसके बाद भी नई बिल्डिंग अब तक नहीं बनी। बारिश के दिनों में ज्यादा बारिश में कभी भी बिल्डिंग भरभरा कर गिर सकती है। हादसा हो गया तो जनहानि भी हो सकती है। पर विभाग एवं जिम्मेदारों का जर्जर बिल्डिंग की तरफ ध्यान तक नहीं गया।
ज्ञात हो कि यहां 2014 से अध्यक्ष पद खाली है। 11 में से 6 सदस्यों के इस्तीफे के बाद अध्यक्ष विहीन सोसाइटी प्रशासक के जिम्में हैं।
यहां सैकड़ों किसान प्रतिदिन आते जाते रहते हैं। वर्तमान में सैकड़ों किसान रासायनिक खाद के लिए आ जा रहे हैं।
1 वर्ष पूर्व ही डिस्मेंटल के लिए आवेदन दिया
सोसायटी प्रबंधक वीरेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया करीब 1972 में बनी बिल्डिंग में सोसाइटी संचालित हो रही। खाद गोदाम सहित ऑफिस इसी भवन में है। जर्जर हो चुकी बिल्डिंग डिस्मेंटल के लिए डीआर ऑफिस में 1 वर्ष पूर्व ही सूचना का आवेदन दे दिया। प्रक्रिया कहां तक बढ़ी यह जानकारी नहीं है। एक बार और डिस्मेंटल के लिए आवेदन दिया जाएगा।