मध्यप्रदेशरतलाम

रतलाम में कार्यभार ग्रहण करते ही नवागत एसपी द्वारा निरीक्षण व भ्रमण कर खामियां जानने का प्रयास कर इन्हें दूर करने की कार्यप्रणाली तय की

 

ताल –ब्यूरो चीफ –शिवशक्ति शर्मा

पुलिस अधीक्षक के निरीक्षण के दौरान पुलिस एक्टिव नजर आई, लेकिन थाना और अधिकारियों के स्तर पर जनता से संवाद की कमी दिखी। इसे दूर करने के लिए कम्युनिटी बेस्ड पुलिसिंग प्राथमिकता होगी। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी के साथ पक्षपातपूर्ण कार्रवाई न हो। पुलिसिंग के लिए बेहतर टीम तैयार की जा रही है।

कयी प्रकार के प्रतिष्ठानों को चिह्नित कर सूची तैयार की गई। इन सभी के प्रमुखों से अगले 15 दिन के अंदर बातचीत का सील-सीला शुरू कर दिया जाएगा। आगामी त्यौहार से पहले यह कार्य पूर्ण हो जाएगा इसकी प्रबल संभावना व्यक्त की गई है।

एनडीपीएस नशे के कारोबार को रोकने और इससे जुड़े लोगों की धरपकड़ पहली प्राथमिकता रहेगी। देखने में आया कि रतलाम में एमडी का काफी प्रभाव व्याप्त है। इससे जुड़े अपराधों के नियंत्रण पर प्रभावी तरीके से कार्यारंभ करना होगा। नारकोटिक्स हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी। इसके अंतर्गत जहां इसका प्रभाव ज्यादा है वहां सात दिन के भीतर हेल्पलाइन के पोस्टर लगाए जाएंगे ताकि लोग समय रहते पुलिस की मदद कर सकें। सूचना तंत्र को मजबूत बनाया जाएगा।पुलिस और जनता की संवादहीनता को दूर करने के लिए पुलिस अधीक्षक स्वयं ग्रामीण इलाकों में लोगों से बातचीत करेंगे। इसके अलावा मोहल्ला बैठकें भी आयोजित की जाएगी । इस प्रकार यह पता लगाया जाएगा कि समस्याओं का समाधान क्या है? और यह समाधान कैसे हो सकता है? इससे यह भी पता चल जाएगा कि स्थानीय स्तर पर कौन कौन लोग समस्या पैदा करते हैं, और कौन लोग इसका प्रचार,प्रसार करते हैं।साथ ही पता लगाया जाएगा कि उन्हें कौन लोग थाने तक ले जाते है। इससे निश्चित ही आमजन का पुलिस पर विश्वास सुदृउ होगा।

गुंडा तत्वों पर नियंत्रण के लिए उनकी रोज हाजरी और बाउंड भरवाने की कार्रवाई भी की जाएगी।

एसपी द्वारा रोज कम से कम एक थाने और एक चौकी का निरीक्षण किया जाएगा। लंबित अपराधों की मॉनिटरिंग के साथ ही वहां के पुलिस अमले खासकर आरक्षकों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के काम में कसावट लाने के लिए पूर्व एसपी राहुल कुमार लोढ़ा द्वारा लागू की गई साप्ताहिक डायरी व्यवस्था की यथावत चालू रहेगी। इसे और सुदृढ़ बनाया जाएगा।

स्कूलों की छुट्टी के दौरान सड़कों पर जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसा न हो इसके लिए रोज दोपहर 2 से शाम 4 बजे के दौरान डेडिकेटेड पाइंट तय कर पेट्रोलिंग और जांच की जाएगी। इसके तहत आज से ही एक दिन – एक रोड़ अभियान शुरू किया जा रहा है। इसमें किसी भी एक दिन किसी भी स्थान की 50 से 100 मीटिर सड़क का चयन कर वहां पुलिस और नगर निगम के अमले को साथ में लेकर सुधार किया जाएगा। अगर किसी स्थान पर कोई वाहन या अन्य सामान कबाड़ के रूप में रखा हुआ है तो उसे हटवाया जाएगा।

रेलवे स्टेशन, सराफा बाजार, बैंकों आदि के क्षेत्रों में डेडिकेटेड पेट्रोलिंग की व्यवस्था की जाएगी। बैकों से इसकी शुरुआत हो चुकी है।

जांच के दौरान महिला पुलिसकर्मियों की भी मदद ली जाएगी। वे शस्त्रों से लैस होकर चैकिंग करेंगी।

ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों और नियमों के विपरित दो-पहिया, चार पहिया वाहनों में लगने वाले साइलेंसर के विरुद्ध भी अभियान चलाया जाएगा ताकि इससे राहगीर और लोगों को कोई परेशानी नही हो। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक हर सप्ताह एक सरकारी स्कूल में जाकर बच्चों से रूबरू होंगे। वे बच्चों को अपराधों के नियंत्रण के साथ ही अन्य प्रकार के सुरक्षा आदि के प्रशिक्षण देंगे।

जहां जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं, वहां वहां लगवाए जाएंगे। संवेदनशील इलाकों में इस सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा।पुलिस कंट्रोल रूम तथा शांतिदूत व्यवस्था के बंद पड़े टेलीफोन नंबरों को पुनः चालू किया जाएगा।

मादक पदार्थों के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने और अन्य अपराधों पर नियंत्रण के लिए ऑटो रिक्शा और मैजिक वाहनों तथा उनके चालकों का पुलिस वेरीफिकेशन भी किया जाएगा।

अवैध हथियारों की अवैध खरीद-फरोख्त रोकना हमारी प्रमुख प्राथमिकता रहेगी। साथ ही सट्टा बाजों पर भी नजर रखी जाएगी। इसके अलावा ओर कोई समस्या देखने में आएगी तो उसका भी समाधान करने का भरसक प्रयास किया जाएगा।

नवागत पुलिस अधीक्षक अमित कुमार से एक ज्वलंत समस्या के निराकरण की अपेक्षा है कि रतलाम जिले की आलोट व ताल तहसील में कंजर समस्या मुंह बाहें खड़ी हैं। इनका क्षेत्र में काफी आंतक फैला हुआ है।आए दिन लोगों की मोटरसाइकिलें चोरी हो रही हैं, ग्रामीण क्षेत्रों में पशु एवं पानी की मोटरें व केबलें चोरी हो रही है,शराब की अवैध भट्टीयों से कच्ची शराब निकाल कर बेंची जाती। उन्हें पुलिस का कोई खोप नहीं है।यहां तक कि चुराई गई मोटरसाइकिलें दलाल लोग आधी किस्मत में वापस दिलवा देते है और पुलिस कुछ नहीं कर पाती है? क्या आप अपनी कार्यप्रणाली की सूची में इस ज्वलंत समस्या को भी जगह देकर नगर एवं क्षेत्र के ग्रामीणों को भी राहत प्रदान करेंगे? स्मरण रहे इस समस्या में राजस्थान के कंजर भी सम्मिलित होते हैं।इनकी बस्ती आलोट क्षेत्र से सटी हुई होने से इनका भी इन समस्याओं में योगदान रहता है।

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