नीमचमध्यप्रदेश

अडानी विल्मर लिमिटेड के प्रबंधक एवं अधिभोगी को 01-01 वर्ष का सश्रम कारावास व 5-5 लाख का अर्थदण्ड

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नीमच। सुश्री संध्या मरावी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नीमच द्वारा 8 वर्ष पुराने ग्राम भाटखेड़ा स्थित अडानी विल्मर लिमिटेड कारखाने में 5 श्रमिकों की हुई मृत्यु वाले प्रकरण में आरोपीगण कारखाना अधिभोगी अंगशु पिता बंकू बिहारी मलिक, उम्र-62 वर्ष, वर्तमान निवासी-अहमदाबाद (गुजरात) एवं कारखाना प्रबंधक गोविंद पिता रामलखन दुबे, उम्र-56 वर्ष, वर्तमान निवासी-नंदानगर, जिला इंदौर को मध्यप्रदेश कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 36, 72 एवं मध्यप्रदेश कारखाना नियमावली, 1962 के नियमों के उल्लंघन का दोषी पाये जाने पर 1-1 वर्ष सश्रम कारावास व कुल 5-5 लाख का अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले एडीपीओं श्री रितेश कुमार सोमपुरा द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना दिनांक 09.04.2015 की ग्राम भाटखेडा स्थित अडानी विल्मर लिमिटेड की हैं। घटना दिनांक को कारखाने के ई.टी.पी. वाटर टेंक, जिसमें वेस्ट गाद थी, उसे खाली कर सफाई करने के लिए 5 श्रमिकों को उतारा गया था। टेंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस के कारण पांचों श्रमिक बेहोश हो गये थें, जिन्हें उपचार हेतु जिला चिकित्सालय, नीमच लाया गया, जहां उपचार के दौरान पांचों श्रमिकों की मृत्यु हो गई। कारखाना निरीक्षक श्रीमती सुलक्षिका चौहान, श्री हिमांशु सालोमन एवं श्री पी. डी. नारया द्वारा घटना के संबंध में कारखाने का निरीक्षण किया गया, जिसमें उन्होंने पाया की श्रमिकों को कोई सुरक्षा उपकरण प्रदान नहीं किये जा रहे थें, सावधानी की सूचना प्रदर्शित नहीं की गई थी, सूरक्षा संबंधी कोई ट्रेनिंग प्रदान नहीं की गई थी, बिना परमिट काम करवाया जा रहा था एवं अन्य कारखाना विधि के प्रावधानों का उल्लंघन होना पाया गया था, जिसका दाईत्व कारखाना अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक का था। घटना स्थल के निरीक्षण उपरांत आवश्यक कार्यवाही करने के पश्चात् दोनों आरोपीगण के विरूद्ध परिवाद माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

प्रकरण के विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय में तीनों कारखाना निरीक्षकों के बयान कराते हुए अपराध को प्रमाणित कराया गया एवं घटना की गंभीरता को देखते हुए जिसके परिणामस्वरूप 5 श्रमिकों की मृत्यु हो गई थी, आरोपीगण को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया। जिससे सहमत होकर न्यायालय द्वारा आरोपीगण को उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्री रितेश कुमार सोमपुरा, एडीपीओ द्वारा की गई।

 

 

 

 

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