वैचारिक संप्रेषण, वाकपटु तथा सृजन का कुशल चितेरा; यशपाल सिसोदिया

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जन्म दिवस पर विशेष-
वैचारिक संप्रेषण, वाकपटु तथा सृजन का कुशल चितेरा; यशपाल सिसोदिया
-लेखक रमेश चंद्र चंद्रे
समाजसेवी मंदसौर
आत्मविश्वास, स्फूर्ति, संप्रेषण की योग्यता, निर्णय शक्ति, प्रत्युत्पन्नमति, अदम्य साहसी, चतुर, चालाक तथा अपने विषय का सांगोपांग जानकार एवं परिस्थिति देखकर तुरंत अपना दाव लगाकर अपने विरोधियों को जमीन दिखाने की क्षमता रखने वाले श्री यशपाल सिंह सिसोदिया एक ऐसे राजनेता है जिनके छात्र जीवन में किसी को भी यह उम्मीद नहीं थी यह लंबी दौड़ का खिलाड़ी निकलेगा ?
राजनीतिक परिवार में जन्म लेना यह एक संयोग हो सकता है किंतु अपनी स्वयं की योग्यता से राजनीति में लंबी पारी खेलना हर किसी के बस की बात नहीं है।
राजनीति में एक या दो अवसर पारिवारिक पृष्ठभूमि अथवा सिफारिश से प्राप्त हो सकते हैं किंतु जनता के बीच में अपना स्थान बनाने के लिए स्वयं की कुशलता होना आवश्यक है।
कौन जानता था कि बास्केटबॉल के खेल में ऊंचा कूदने की योग्यता रखने वाला व्यक्ति एक दिन राजनीतिक क्षेत्र में भी ऊंचाइयों को छुएगा, किंतु मंदसौर के विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया ने पार्षद से लेकर अनेक बार विधायक बनकर तथा प्रदेश के प्रवक्ता के रूप में तथा विधानसभा में प्रोटेम स्पीकर का दायित्व निभा कर यह सिद्ध कर दिया कि हम किसी से कम नहीं।
आज दिनांक 7 जनवरी को उनके जन्मदिवस के अवसर पर हम उनके दीर्घायु, स्वस्थ एवं सानंद जीवन की कामना करते हुए भविष्य में भी यश और प्रतिष्ठा में वृद्धि हो इसकी कामना करते हैं।