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ताल एवं आस पास के क्षेत्र मे लम्बे समय से नदी नालों से रैत का अवेध उत्खनन के मामले चल रहे है परंतु लम्बे समय के बाद राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से रेत का अवैध रूप से उत्खनन करने को लेकर कार्यवाही करते हुवे दो जे सी बी मशीनें अवेध रूप से चम्बल नदी नाकटवाडा से रेत का उत्खनन करते एवं एक रेत से भरी हुवी टैक्टर ट्राली जप्ती की कार्रवाई कर पुलिस की सुपुर्दगी मे करते हुवे अवेध उत्खन का प्रकरण बनाकर एस डी एम राजस्व आलोट की और प्रेषित कीया गया है।वहीं हम आपको बतादें कि लम्बे समय से जिला प्रशासन को अवेध उत्खनन की शिकायते मिलती रही है जिसमे खनिज विभाग द्वारा नाम मात्र की कार्यवाही कर अपने कर्त्तव्य की ईतिश्री कर ली जाती है जिस कारण विगत दिनों दैनिक प्रसारण समाचार ने प्रमुखता से खबर फोटो सहित प्रकाशित कर ध्यान आकृष्ट कराने पर विगत दिनों एस डी एम राजस्व कार्यालय आलोट पर एस डी एम सुनील जायसवाल ने जनप्रतिनिधीगणों गणमान्यजनों एवं खनिज अधिकारी एवं रेत ठेकेदार एजेंन्सी के कर्मचारीयों अधिकारीयों की संयुक्त बैठक आहुत कर वास्तवीक वस्तु स्थिती जानने का प्रयास किया था?
ताल तहसीलदार बी एल डाबी ने देनिक प्रसारण प्रतिनिधी वाहिद खॉन पठान को जानकारी देते हुवे बताया कि दिनांक 28 दिसंबर को सुचना मिलने पर नाकटवाडा चम्बल नदी पर पुलिस एवं राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुवे अवेध रेत उत्खनन मे दो जे सी बी मशीनें एवं रेत से भरा हुवा एक टै ट्रैक्टर ट्राली जप्त करते हुवे तीनों वाहनेां को ताल पुलिस की सुपुर्दगी मे करते हुवे रेत का अवेध उत्खनन का प्रकरण बनाकर अग्रिम कार्यवाही हेतु एस डी एम कार्यालय राजस्व आलोट पहुंचाया है।
वहीं उक्त मामले को लेकर एस डी एम कार्यालय( राजस्व) आलोट से जानकारी प्राप्त करने पर बताया कि दो जे सी बी मशीनें जो कि प्रथम जेसीबी मशीन मालीक
हेंमपाल सिंह डोडीया पिता देवी सिंह डोडीया निवासी ग्राम मेलुखेडी ,दुसरी जेसीबी मशीन भंवर सिंह पिता बहादुर सिंह निवासी कोटडा जिला मंदसौर की होकर एक टैक्टर ट्राली अकरम खॉ निवासी मेलुखेडी के नाम से होकर तहसील कार्यालय ताल से रेत का अवेध उत्खन का प्रकरण अग्रिम कार्यवाही हेतु प्राप्त हुआ है।
बहरहाल यह तो मात्र एक मामला है क्षेत्र मे कई स्थानों पर दिन रात अवेध उत्खनन का कार्य जोरों से चल रहा है परंतु जिला कलेक्टर श्री भास्कर लाक्षाकार से क्षेत्र की जनता को काफि उम्मीदेे है कि वे नदीयों के संरक्षण के लिये अवश्य प्रयास करेगे एवं ऐसे कार्यो पर सख्ती से अंकुश लगावेंगें?वहीं उक्त कार्यवाही से कहीं न कहीं अवेध रूप से जेसीबी मशीनों से रेत उत्खनन आदि का कार्य करने वालों मे हडकंप मचा हुआ है ?अब देखने वाली बात होगी कि यह कार्यवाही कितने समय तक आगे निरंतर चलती है? और उक्त मामले में एसडीएम राजस्व कुछ कोई निर्णय ले पाते हैं या यहां से भी अवैध उत्खनन का प्रकरण जिला कलेक्टर कार्यालय रतलाम की ओर प्रेषित होगा।