जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती का विधायक पर तीखा हमला ,भादवामाता के नाम पर झूठा श्रेय और दान पेटी के चढ़ावे कों सरकार की उपलब्धि बताना गंभीर मजाक
17 करोड़ की घोषणा गायब, मुख्य मंदिर का काम क्यों रुका,10 करोड़ का हिसाब दे सरकार, श्वेत पत्र जारी करें प्रशासन

-जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती का विधायक पर तीखा हमला ,भादवामाता के नाम पर झूठा श्रेय और दान पेटी के चढ़ावे कों सरकार की उपलब्धि बताना गंभीर मजाक
-17 करोड़ की घोषणा गायब, मुख्य मंदिर का काम क्यों रुका,10 करोड़ का हिसाब दे सरकार, श्वेत पत्र जारी करें प्रशासन
नीमच। भादवामाता मंदिर के विकास के नाम पर चल रही श्रेय की राजनीति पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने प्रदेश सरकार और स्थानीय विधायक से सीधे सवाल किए हैं। उन्होंने नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार से पूछा कि भक्तों के चढ़ावे के पैसे को सरकार अपना बताकर क्यों पेश कर रही है। श्री बाहेती ने कहा कि हाल ही में खुलासा हुआ है कि जिन 5 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति को सरकार की सौगात बताया जा रहा है वह मंदिर की दानपेटी में भक्तों के चढ़ाएं हुए साढ़े पांच करोड़ रुपए में से ही दी जा रही है। जब पैसा मंदिर का है तों वे किस बात का श्रेय ले रहे है? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री की 17 करोड़ रुपए की घोषणा का आज तक कोई अता-पता क्यों नहीं है और मंदिर का विकास कार्य बीच में किसके इशारे पर अधूरा छोड़ दिया गया।
-मालवा-मेवाड़ की गहरी आस्था के साथ छल
श्री बाहेती ने नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार द्वारा भादवामाता जी मंदिर विकास के नाम पर झूठा श्रेय लेने पर तीखा हमला करते हुए कहा कि माँ भादवामाता हम सबकी आराध्य हैं और मालवा-मेवाड़ के हर व्यक्ति के मन में उनके प्रति अपार आस्था और सम्मान है। श्रद्धालुओं की आस्था के इस केंद्र को राजनीतिक रोटियां सेंकने और अपनी नाकामी छुपाने का जरिया बनाया जा रहा है जिसे जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा से जुड़े जनप्रतिनिधि धर्म के नाम का सहारा लेकर राजनीति करते हैं और उसी आस्था के साथ छल करते हैं। भक्तों की श्रद्धा और चढ़ावे को सरकारी उपलब्धि बनाकर पेश किया जा रहा है।
*17 करोड़ की घोषणा का अता-पता नहीं*
श्री बाहेती ने कहा कि 29 जून को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नीमच दौरे में भादवामाता कॉरिडोर और मंदिर निर्माण के नाम पर 17 करोड़ रुपए की बड़ी घोषणा की गई थी। महीनों बीत जाने के बाद भी न स्वीकृति का कोई आदेश सामने आया है और न आवंटन का कोई पता है। उन्होंने पूछा कि यदि राशि स्वीकृत है तो कहां अटकी है और यदि स्वीकृत नहीं है तो घोषणा किस लिए की गई थी। क्या सरकारी घोषणाएं सिर्फ तालियां बजवाने और हवा में वादे करने के लिए होती हैं? उन्होंने यह भी कहा कि घोषणा के अनुरूप धरातल पर कितना अमल हुआ इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।
-5 करोड़ की स्वीकृति भी मंदिर के अपने पैसों से तो शासन ने क्या किया
श्री बाहेती ने कहा कि मंदिर परिसर के जिन 5 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति का ढिंढोरा पीटा जा रहा है वह सरकार का बजट नहीं है। यह राशि मंदिर के साढ़े पांच करोड़ रुपए में से ही दी जा रही है जो भादवामाता मंदिर संस्थान की दान पेटी यानी भक्तों के चढ़ावे से मंदिर समिति के खातों में जमा है। उन्होंने सवाल किया कि यदि यह राशि वास्तव में स्वीकृत हुई है तो जनता को बताया जाए कि यह पैसा किन कार्यों के लिए जारी हुआ और कहां खर्च हुआ। साथ ही मंदिर परिसर के विकास में शासन का वास्तविक योगदान कितना है यह भी स्पष्ट किया जाए।
-बड़े निर्माण में समाजसेवियों के सहयोग तों कहाँ है 10 करोड़ रू
श्री बाहेती ने कहा की भादवा माताजी मंदिर में अभी तक किये गए बड़े विकास कार्य समाजसेवियों द्वारा किए गए है जिसमें गर्भगृह के सामने मंदिर निर्माण का कार्य अशोक गंगानगर परिवार और कॉरिडोर का निर्माण धानुका परिवार नीमच अपने निजी सहयोग से करा रहा था। जब मंदिर के बड़े हिस्से का काम समाजसेवियों और भक्तों के सहयोग से हो रहा है तो सरकार और स्थानीय नेतृत्व किस आधार पर इसका श्रेय ले रहे हैं? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इससे पहले सरकार द्वारा भादवा माता लोक निर्माण के स्वीकृत 10 करोड़ रुपए आखिर किस मद में और कहां-कहां खर्च किए गए इसकी पूरी जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए।
-श्रेय लेने हड़बड़ी में नीमच विधायक-श्वेत पत्र जारी हो
श्री बाहेती ने कहा कि विधायक दिलीप सिंह परिहार लगातार बयानों के जरिए भादवामाता जी में विकास का सारा श्रेय खुद लेने की होड़ में हैं। सितंबर में मुख्यमंत्री दोबारा नीमच आए तो पुरानी घोषणा का हिसाब देने के बजाय स्टेडियम और एयरपोर्ट जैसी नई घोषणाएं कर दी गईं। इसके बाद शारदीय नवरात्रि के पहले विधायक ने प्रेस कों उन्हीं 5 करोड़ रुपए को सरकार की सौगात बता दिया जबकि यह पूरी तरह भक्तों के दान और मंदिर के अपने खातों की राशि है। श्री बाहेती ने मांग करी की सरकार श्वेत पत्र जारी करे जिसमें ये बिंदु स्पष्ट हों जिसमें 17 करोड़ रुपए की घोषणा की स्वीकृति एवं आवंटन की स्थिति क्या है? वर्तमान में घोषित 5 करोड़ रुपए का वास्तविक स्रोत क्या है साथ ही जारी की गई राशि से होने वाले कार्यों का विवरण तथा मुख्य मंदिर का काम रोके जाने के कारण एवं पूर्व में स्वीकृत 10 करोड़ रुपए के खर्च का पूरा ब्योरा क्या है? उन्होंने कहा कि श्वेत पत्र जारी होने से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
-माता जी का मंदिर राजनीति का अखाड़ा नहीं
श्री बाहेती ने कड़े शब्दों में चेताया कि माता का मंदिर राजनीति का अखाड़ा या श्रेय लेने की मशीन नहीं बल्कि करोड़ों भक्तों की अटूट श्रद्धा का पवित्र केंद्र है। जब निर्माण भक्तों के दान के पैसे और समाजसेवियों के सहयोग से हो रहा है तो विधायक किस हक और किस मुंह से इसका श्रेय ले रहे हैं? भादवामाता के नाम पर राजनीति करने वालों को शर्म आनी चाहिए। यह छलावा अब सहन नहीं किया जाएगा और जनता इस राजनीतिक ड्रामेबाजी का माकूल जवाब देने को पूरी तरह तैयार है।



