हरिद्वार से लौटते एक और निराश्रित वृद्ध का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार

हरिद्वार से लौटते एक और निराश्रित वृद्ध का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार
मंदसौर। हरिद्वार से अस्थि विसर्जन की पावन यात्रा पूर्ण कर लौटते ही । एक निराश्रित वृद्ध व्यक्ति के पार्थिव देह का पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार संपन्न कराया।
घटनाक्रम के अनुसार, सुबह पत्रकार सरवन खान ने श्री बंसल को सूचना दी कि कोर्ट परिसर स्थित कैंटीन के बाहर एक वृद्ध मृत अवस्था में पड़े हैं। तस्वीर देखने पर श् पहचान की कि उक्त व्यक्ति संध्या समय गांधी चौराहे पर भोजन प्राप्त करने आते थे, हालांकि उनका कोई नाम या पता ज्ञात नहीं था। इसके पश्चात उन्होंने तुरंत सिटी कोतवाली पुलिस को सूचित किया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शव को अपनी कस्टडी में लिया और जिला चिकित्सालय भिजवाया।
अगले दो दिनों तक मृतक के संबंध में जानकारी जुटाने पर ज्ञात हुआ कि वह व्यक्ति बस स्टैंड स्थित बालाजी मंदिर के समीप भिक्षावृत्ति करता था। मंदिर के पुजारी से चर्चा करने पर पता चला कि उक्त व्यक्ति को दो-तीन वर्षों तक बालाजी मंदिर की चौकीदारी के लिए भी रखा गया था और उनका नाम प्यार सिंह था, किंतु उनके परिजनों के विषय में कोई अन्य जानकारी उपलब्ध नहीं थी।
सिटी कोतवाली थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर को संपूर्ण स्थिति से अवगत कराया गया। पुलिस प्रशासन द्वारा परिजनों की तलाश में 24 घंटे से अधिक समय तक प्रयास किए गए, किंतु कोई भी सगा-संबंधी या परिचित सामने नहीं आया। इसके उपरांत मैंने अंतिम संस्कार कराने का अनुरोध किया।
उस दिन प्रातः महाराजा अग्रसेन जयंती का पावन अवसर था और मंदिर में अभिषेक का कार्यक्रम तय था, किंतु श्री बंसल ने सेवा कार्य को प्राथमिकता देते हुए अपने सभी कार्य स्थगित किए और अंतिम संस्कार की व्यवस्थाओं में जुट गए। वे मोक्षरथ एवं आवश्यक पूजन सामग्री के साथ जिला चिकित्सालय के पोस्टमार्टम रूम पहुंचे और प्यार सिंह के शव को लेकर शिवना तट स्थित मुक्तिधाम पहुंचे। वहां सनातन हिंदू रीति-रिवाज और धार्मिक विधि-विधान के साथ दिवंगत प्यार सिंह का अंतिम संस्कार संपन्न किया गया।



