सरगसेदरा, करणखेड़ी और झांगरिया को जाने वाले मार्ग में विद्युत पोल हटाए बिना ही बना दी सड़क

सरगसेदरा, करणखेड़ी और झांगरिया को जाने वाले मार्ग में विद्युत पोल हटाए बिना ही बना दी सड़क
मानपुरा। विभाग एवं सड़क ठेकेदार की जुगलबंदी से स्मार्ट इंजीनियरिंग का एक नया उदाहरण देखने को मिला है मामला सीतामऊ तहसील के ग्राम सरग सेदरा में सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। निर्माण के दौरान बीच से पोल हटाए बिना ही सड़क बना दी गई है। अब सीसी बन गई है और पोल बीच में ही खड़ा है।
यह सड़क ग्राम सरगसेदरा करणखेड़ी से झांगरिया को जाती है साथ ही ग्राम गोकुलपुरा, शेरगढ़ सहित नजदीकी आठ से ज्यादा गांवों के वाहन चालक भी इसी मार्ग से आना-जाना लगा रहता हैं।
ग्राम सरग सेदरा में मार्ग के बीचों बीच विद्युत पोल लगा है जिसे हटाने की मांग लगातार ग्रामवासी कर रहे हैं लेकिन सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार द्वारा ग्रामीणों की मांग को दरकिनार कर बिना पोल हटाए ही नई सड़क बना दी गई।
ग्रामवासियों का कहना है कि हमने निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों से कहा था कि सरग सेदरा के यहां पोल हटाए बिना ही सड़क बना दी गई।
पहले पोल शिफ्ट करें फिर नई सड़क बनाए लेकिन ठेकेदार द्वारा ताबड़तोड़ तरीके से यहां सड़क बना दी गई। इससे लगातार हादसे की आशंका बनी हुई है। सड़क के एक ओर शासकीय विद्यालय है जहां छोटे बच्चे अध्ययन करते हैं एवं इसके नजदीक सड़क के बीचों बीच विद्युत पोल खड़ा है।
ग्रामीणों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग एवं ठेकेदार को नियमानुसार पहले विद्युत कंपनी से पोल शिफ्टिंग कराने के बाद ही सड़क निर्माण करना था लेकिन अपने निजी हित के चलते पोल को खड़ा रहने दिया ओर सड़क बना दी गई।
ग्रामीण इंजीनियरिंग का नायाब उदाहरण बताकर तंज कस रहे हैं। लोक निर्माण विभाग, विद्युत कंपनी एवं ठेकेदार के आपसी तालमेल की कमी से सरकार की किरकिरी हो रही है।
विधायक हरदीपसिंह डंग को भी ग्रामीणों ने इस मामले से अवगत कराया था पर वह कुछ नहीं कर पाए। ग्रामीणों का कहना है रात में इसी मार्ग से कई दो पहिया एवं चार पहिया वाहन निकलते हैं अंधेरे के चलते सड़क के बीचों बीच पोल से वाहन टकराने का भय बना रहता है। मामले में लोक निर्माण विभाग के एसडीओ हिमांशु जैन ने बताया कि पोल शिफ्ट करने हेतु विद्युत विभाग द्वारा एस्टीमेट प्राप्त होते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।



