एक साल में नशे के नेटवर्क पर सबसे बड़ा प्रहार: एसपी मीना के कार्यकाल में NDPS की 184 कार्रवाई, 380 आरोपी गिरफ्तार, अफीम-डोडाचूरा से लेकर सिंथेटिक ड्रग्स तक तस्करों पर शिकंजा

एक साल में नशे के नेटवर्क पर सबसे बड़ा प्रहार: एसपी मीना के कार्यकाल में NDPS की 184 कार्रवाई, 380 आरोपी गिरफ्तार, अफीम-डोडाचूरा से लेकर सिंथेटिक ड्रग्स तक तस्करों पर शिकंजा
- SAFEMA में 11 कार्रवाई में 56.32 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क, नशे के कारोबार की आर्थिक जड़ों पर भी करारा प्रहार*
- MD ड्रग्स की 4 अवैध फैक्ट्रियों का भंडाफोड़; कार्रवाई पर DGP ने दो बार 50-50 हजार से किया पुरस्कृत, 11 राज्यों में वारदात करने वाली लच्छू गैंग का भी पर्दाफाश
मंदसौर। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के एक वर्ष के कार्यकाल में मंदसौर पुलिस ने अपराध और विशेष रूप से मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 25 अगस्त 2025 से 23 अगस्त 2026 की अवधि में जिले में NDPS एक्ट के तहत 184 प्रकरण दर्ज कर 380 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
एसपी विनोद मीना के कार्यकाल में पुलिस की कार्रवाई का दायरा केवल नशे की छोटी-बड़ी खेप पकड़ने तक सीमित नहीं रहा। पुलिस ने अफीम और डोडाचूरा की तस्करी से लेकर सिंथेटिक ड्रग्स यानी MD के निर्माण की फैक्ट्रियों, नशे के कारोबार से जुड़ी संपत्तियों और संगठित आपराधिक गिरोहों तक कार्रवाई पहुंचाई।
यही वजह है कि एक साल के इस कार्यकाल को आंकड़ों की नजर से देखें तो मंदसौर पुलिस की कार्रवाई तस्कर से सप्लायर, सप्लायर से निर्माता और अपराध से अर्जित संपत्ति तक पहुंचती दिखाई देती है।
एक वर्ष में NDPS एक्ट के तहत मंदसौर पुलिस की कार्रवाई—
184 प्रकरण दर्ज
380 आरोपी गिरफ्तार
अफीम, डोडाचूरा, MD, स्मैक, गांजा, अल्प्राजोलम सहित विभिन्न मादक पदार्थों के मामलों में पुलिस ने कार्रवाई की।
यह आंकड़ा बताता है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने लगातार दबाव बनाए रखा और तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में कार्रवाई जारी रखी।
14.7 टन से अधिक अफीम जब्त
मादक पदार्थों की जब्ती में सबसे बड़ा आंकड़ा अफीम का सामने आया है।
अफीम — 14,710.507 किलोग्राम
यानी 14.7 टन से अधिक अफीम पुलिस कार्रवाई में जब्त की गई।
मंदसौर-अंचल में अफीम से जुड़े अवैध कारोबार की चुनौती को देखते हुए इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की जब्ती पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा सकती है।
डोडाचूरा पर भी पुलिस का शिकंजा
एक साल की कार्रवाई में मंदसौर पुलिस ने—
65.805 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त किया।
डोडाचूरा की तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर पुलिस ने इसके अवैध नेटवर्क पर भी दबाव बनाया।
MD के बदलते नेटवर्क पर सीधा वार—चार फैक्ट्रियों का भंडाफोड़
एसपी विनोद मीना के कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में सिंथेटिक ड्रग्स के अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई रही।
मंदसौर जिले में MD ड्रग्स तैयार करने वाली चार अवैध फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया गया।
उपलब्ध आंकड़ों में कुल 41.521 किलो MD की जब्ती दर्ज है। इसके साथ ही MD के निर्माण में उपयोग होने वाले बड़ी मात्रा में केमिकल की भी जब्ती की गई।
चार फैक्ट्रियां पकड़ीं—नशे के निर्माण नेटवर्क की जड़ पर प्रहार
यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि पुलिस ने केवल नशीली खेप के साथ तस्करों को पकड़ने के बजाय नशा तैयार करने वाली यूनिट तक पहुंचकर निर्माण नेटवर्क को निशाना बनाया।
चार बड़ी कार्रवाई—खुलता गया MD नेटवर्क
08 फरवरी 2026 — गरोठ
16.102 किलो MD की कार्रवाई।
23 जून 2026 — नई आबादी
13.850 किलो MD की कार्रवाई।
25 जुलाई 2026 — गरोठ
173 ग्राम MD की कार्रवाई।
31 जुलाई 2026 — सीतामऊ
110 ग्राम MD के साथ 326 किलो केमिकल जब्त।
चार अलग-अलग कार्रवाई में सामने आए इस नेटवर्क ने यह भी उजागर किया कि सिंथेटिक ड्रग्स का अवैध कारोबार किस तरह तेजी से पैर पसार रहा है।
सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई पर DGP ने थपथपाई पीठ
मंदसौर पुलिस द्वारा सिंथेटिक ड्रग्स के विरुद्ध की गई दो उल्लेखनीय कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस नेतृत्व ने भी सराहा।
इन दोनों कार्रवाई के लिए पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा द्वारा पुलिस टीमों को ₹50-₹50 हजार की पुरस्कार राशि से पुरस्कृत किया जा चुका है।
दो कार्रवाई — 1 लाख का पुरस्कार
पहली बड़ी सिंथेटिक ड्रग्स कार्रवाई — ₹50,000
दूसरी बड़ी सिंथेटिक ड्रग्स कार्रवाई — ₹50,000
मंदसौर पुलिस की सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई को मिली यह मान्यता इस बात को रेखांकित करती है कि पुलिस ने नशे के बदलते स्वरूप और MD जैसे सिंथेटिक ड्रग्स के नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की।
SAFEMA में 11 कार्रवाई—₹56.32 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क
नशे के कारोबार पर कार्रवाई का एक बड़ा पहलू SAFEMA के तहत संपत्ति कुर्की भी रहा।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार—
– कुल प्रकरण — 11
– अचल संपत्ति — ₹55,22,43,140
– चल संपत्ति — ₹1,09,70,913
– कुल — ₹56,32,14,053
56.32 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क
इस कार्रवाई के जरिए नशे के कारोबार से जुड़ी आर्थिक ताकत पर भी प्रहार किया गया। यानी पुलिस कार्रवाई केवल गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की जब्ती तक सीमित नहीं रही, बल्कि नशे के कारोबार से जुड़ी संपत्ति तक पहुंची।
PIT-NDPS Act में भी कार्रवाई
नशे के अवैध कारोबार पर निरोधात्मक कार्रवाई के लिए PIT-NDPS Act के तहत भी कार्रवाई की गई।
2025 — 00 प्रकरण
2026 — 06 प्रकरण
उपलब्ध विवरण के अनुसार 2026 के दो प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में अवलोकन हेतु विचाराधीन हैं।
20 किलो ब्राउन शुगर की बड़ी कार्रवाई
मंदसौर पुलिस ने 20 किलो ब्राउन शुगर की बड़ी खेप भी पकड़ी।
कार्रवाई में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई ने जिले में सक्रिय अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क की गंभीरता को सामने रखा।
नाहरगढ़ पुलिस ने खोली 11 राज्यों में वारदात करने वाली लच्छू गैंग की परत
एसपी विनोद मीना के कार्यकाल में मंदसौर पुलिस की एक और बड़ी उपलब्धि नाहरगढ़ पुलिस द्वारा कुख्यात लच्छू गैंग का पर्दाफाश करना रही।
पुलिस के अनुसार यह गैंग देश के 11 राज्यों में हत्या, लूट और डकैती जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम देती थी।
नाहरगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग के नेटवर्क का पर्दाफाश किया और इसके आपराधिक नेटवर्क की परतें खोलीं।
लच्छू गैंग के खुलासे पर DGP ने दिया ₹50 हजार का पुरस्कार
कुख्यात लच्छू गैंग का पर्दाफाश करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नाहरगढ़ थाना प्रभारी वरुण तिवारी एवं उनकी टीम को DGP कैलाश मकवाणा द्वारा ₹50 हजार की पुरस्कार राशि से पुरस्कृत किया जा चुका है।
यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि गैंग की आपराधिक गतिविधियां एक जिले या एक राज्य तक सीमित नहीं थीं, बल्कि 11 राज्यों तक फैले नेटवर्क का खुलासा हुआ।
DGP स्तर से सम्मान—तीन बड़ी कार्रवाई, 1.50 लाख पुरस्कार
एसपी विनोद मीना के एक साल के कार्यकाल में मंदसौर पुलिस की उल्लेखनीय कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस नेतृत्व से पुरस्कार भी मिला।
सिंथेटिक ड्रग्स की कार्रवाई — 50 हजार
सिंथेटिक ड्रग्स की दूसरी कार्रवाई — 50 हजार
लच्छू गैंग का पर्दाफाश — 50 हजार
एक ही कार्यकाल में अलग-अलग महत्वपूर्ण कार्रवाई के लिए पुलिस टीमों को DGP स्तर से पुरस्कार मिलना मंदसौर पुलिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है।
एक नजर में एसपी विनोद मीना का एक साल
कार्रवाई -उपलब्ध आंकड़ा
NDPS प्रकरण-184
गिरफ्तार आरोपी-380
अफीम- 14,710.507 किलो
डोडाचूरा-65.805 किलो
MD- 41.521 किलो
स्मैक-20.754 किलो
गांजा- 210.875 किलो
अल्प्राजोलम- 2.159 किलो
एसीटिक एनहाइड्राइड- 27 किलो
केमिकल-2,222 किलो
MD की अवैध फैक्ट्रियां-04
SAFEMA प्रकरण- 11
SAFEMA में कुर्क संपत्ति-56.32 करोड़ से अधिक
PIT-NDPS प्रकरण-06
DGP से पुरस्कृत सिंथेटिक ड्रग कार्रवाई-02
DGP से पुरस्कृत राशि—सिंथेटिक ड्रग कार्रवाई 1 लाख
लच्छू गैंग कार्रवाई पर पुरस्कार 50 हजार
तीन उल्लेखनीय कार्रवाई पर कुल पुरस्कार-1.50 लाख
तस्कर से फैक्ट्री तक, नशे की खेप से संपत्ति तक—चारों स्तरों पर शिकंजा
एसपी विनोद कुमार मीना के एक वर्ष के कार्यकाल की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि पुलिस की कार्रवाई का दायरा लगातार विस्तृत हुआ। एक तरफ 184 NDPS प्रकरणों में 380 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, वहीं दूसरी तरफ 14.7 टन से अधिक अफीम, डोडाचूरा, MD, स्मैक, गांजा सहित विभिन्न मादक पदार्थों की जब्ती की गई।
इससे आगे बढ़कर पुलिस ने MD की चार अवैध फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ कर सिंथेटिक ड्रग्स के निर्माण नेटवर्क पर सीधा प्रहार किया। नशे के कारोबार से जुड़ी आर्थिक ताकत पर कार्रवाई करते हुए SAFEMA के 11 प्रकरणों में ₹56.32 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क की गई।
वहीं नाहरगढ़ पुलिस द्वारा 11 राज्यों में हत्या, लूट और डकैती जैसी वारदातों को अंजाम देने वाली कुख्यात लच्छू गैंग का पर्दाफाश करना संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धि रही।
पुरस्कारों ने बढ़ाया पुलिस टीमों का मनोबल
सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ दो बड़ी कार्रवाई पर DGP कैलाश मकवाणा द्वारा ₹50-₹50 हजार, जबकि लच्छू गैंग के पर्दाफाश पर नाहरगढ़ थाना प्रभारी वरुण तिवारी एवं टीम को ₹50 हजार का पुरस्कार मिलना यह बताता है कि मंदसौर पुलिस की उल्लेखनीय कार्रवाई को वरिष्ठ स्तर पर भी पहचान मिली।
एक साल—तीन बड़ी कार्रवाई, ₹1.50 लाख पुरस्कार और अपराधियों के खिलाफ लगातार शिकंजा
यह सम्मान केवल पुरस्कार राशि नहीं, बल्कि उन पुलिस टीमों के काम की वरिष्ठ स्तर पर मिली मान्यता भी है, जिन्होंने चुनौतीपूर्ण मामलों में कार्रवाई कर अपराध के नेटवर्क तक पहुंचने का काम किया।
आंकड़ों में सख्ती, कार्रवाई में असर
एसपी विनोद मीना के एक वर्ष के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड केवल गिरफ्तारी और जब्ती के आंकड़ों तक सीमित नहीं है। इस दौरान मंदसौर पुलिस ने नशे की तस्करी, सिंथेटिक ड्रग्स के निर्माण, नशे के कारोबार से जुड़ी संपत्ति और संगठित अपराध—सभी मोर्चों पर कार्रवाई का प्रयास किया।
184 NDPS प्रकरण… 380 आरोपी गिरफ्तार… 14.7 टन से अधिक अफीम… 4 MD फैक्ट्रियों का भंडाफोड़… 41.521 किलो MD की जब्ती… SAFEMA में ₹56.32 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क… और 11 राज्यों में सक्रिय कुख्यात लच्छू गैंग का पर्दाफाश।
इन उपलब्धियों के साथ महत्वपूर्ण कार्रवाई करने वाली पुलिस टीमों को DGP स्तर से कुल ₹1.50 लाख की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाना भी इस एक साल की कार्रवाई का महत्वपूर्ण पक्ष है।



