पूर्व विधायक के राजनीतिक रसूख पर भारी पड़ा प्रशासनिक फैसला,

किसान बद्रीसिंह के पक्ष में सीतामऊ एसडीएम का बड़ा आदेश
सुवासरा जमीन विवाद से जुड़ा सुवासरा का चर्चित मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद चर्चा में आए इस मामले में अब प्रशासनिक आदेश ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ा दी है। सीतामऊ एसडीएम शिवानी गर्ग ने किसान बद्रीसिंह के पक्ष में आदेश जारी करते हुए संबंधित भूमि पर कब्जे को लेकर धारा 250 के तहत वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मामले में पूर्व विधायक राधेश्याम पाटीदार का नाम भी चर्चा में आया था। वायरल वीडियो में किसान को कथित रूप से धमकाने और विवाद के दौरान आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल का मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा था। हालांकि वीडियो और उससे जुड़े आरोपों के अलग-अलग पहलुओं पर संबंधित पक्षों की अपनी-अपनी बातें हो सकती हैं।
मामला ग्राम सेमलीकांकड़ स्थित सर्वे क्रमांक 7 की करीब 1.620 हेक्टेयर भूमि से जुड़ा है। किसान बद्रीसिंह पिता मांगुसिंह, निवासी गुराडिया बामनी, ने अपनी भूमि पर कब्जे को लेकर प्रशासन के समक्ष शिकायत की थी।
एसडीएम न्यायालय के आदेश पर नायब तहसीलदार कयामपुर द्वारा गठित जांच दल ने मौके पर पहुंचकर खसरा एवं नक्शे के आधार पर जांच की। जांच रिपोर्ट में करीब 0.70 हेक्टेयर भूमि पर बद्रीसिंह का कब्जा पाया गया, जबकि शेष भूमि के हिस्सों पर अन्य लोगों द्वारा फसल बोकर कब्जा किए जाने का उल्लेख किया गया।
रिपोर्ट में सर्वे क्रमांक 7 के साथ लगी शासकीय भूमि से संबंधित कब्जे की स्थिति का भी उल्लेख है।
अब प्रशासनिक कार्रवाई की बारी-
दस्तावेजों, पंचनामा और जांच रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद एसडीएम शिवानी गर्ग ने प्रकरण क्रमांक 152/बी-121/2026-2027 में तहसीलदार सुवासरा को संबंधित लोगों के विरुद्ध मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 250 के तहत नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम के इस आदेश को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है। खास बात यह है कि मामला एक राजनीतिक रूप से चर्चित चेहरे से जुड़ा होने के कारण प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।




