मंदसौरमध्यप्रदेश
नागरिक विमानन क्षेत्र में संधारणीय विमानन ईंधन (SAF) को बढ़ावा देने की तैयारी

सांसद सुधीर गुप्ता के प्रश्न पर लोकसभा में सरकार ने दी जानकारी
23 जुलाई 2026। मंदसौर-नीमच-जावरा संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री सुधीर गुप्ता द्वारा लोकसभा में नागरिक विमानन क्षेत्र में संधारणीय विमानन ईंधन (Sustainable Aviation Fuel – SAF) को अपनाने एवं बढ़ावा देने से संबंधित प्रश्न उठाया गया। इसके उत्तर में नागरिक विमानन मंत्रालय ने बताया कि सरकार विमानन क्षेत्र को अधिक पर्यावरण-अनुकूल, स्वच्छ एवं टिकाऊ बनाने के लिए व्यापक रणनीतिक योजनाओं और नीतिगत पहलों पर कार्य कर रही है।
मंत्रालय ने जानकारी दी कि देश में SAF के उत्पादन, गुणवत्ता प्रमाणन तथा सुरक्षित उपयोग के लिए एक मजबूत नीतिगत एवं नियामक ढांचा तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य वाणिज्यिक विमानन क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन को कम करना तथा हरित उड़ानों को बढ़ावा देना है।
सरकार ने बताया कि विमानन कंपनियों, एयरपोर्ट संचालकों और तेल विपणन कंपनियों के बीच समन्वय स्थापित कर SAF के उपयोग के लिए पायलट परियोजनाएं प्रारंभ की जा रही हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से भविष्य में वाणिज्यिक उड़ानों में संधारणीय विमानन ईंधन के उपयोग को व्यापक स्तर पर लागू करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
मंत्रालय के अनुसार, वाणिज्यिक विमानन क्षेत्र में SAF को तेजी से अपनाने के लिए स्पष्ट समय-सीमा और कार्बन उत्सर्जन में कमी के लक्ष्यों के साथ एक विस्तृत रोडमैप भी तैयार किया जा रहा है। इससे देश के विमानन क्षेत्र को हरित ऊर्जा की ओर अग्रसर करने और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप अधिक टिकाऊ बनाने में सहायता मिलेगी।
सरकार का मानना है कि संधारणीय विमानन ईंधन के उपयोग से भविष्य में स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल उड़ानों को बढ़ावा मिलेगा तथा भारत का नागरिक विमानन क्षेत्र वैश्विक हरित विमानन लक्ष्यों की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाएगा।
मंत्रालय ने जानकारी दी कि देश में SAF के उत्पादन, गुणवत्ता प्रमाणन तथा सुरक्षित उपयोग के लिए एक मजबूत नीतिगत एवं नियामक ढांचा तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य वाणिज्यिक विमानन क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन को कम करना तथा हरित उड़ानों को बढ़ावा देना है।
सरकार ने बताया कि विमानन कंपनियों, एयरपोर्ट संचालकों और तेल विपणन कंपनियों के बीच समन्वय स्थापित कर SAF के उपयोग के लिए पायलट परियोजनाएं प्रारंभ की जा रही हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से भविष्य में वाणिज्यिक उड़ानों में संधारणीय विमानन ईंधन के उपयोग को व्यापक स्तर पर लागू करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
मंत्रालय के अनुसार, वाणिज्यिक विमानन क्षेत्र में SAF को तेजी से अपनाने के लिए स्पष्ट समय-सीमा और कार्बन उत्सर्जन में कमी के लक्ष्यों के साथ एक विस्तृत रोडमैप भी तैयार किया जा रहा है। इससे देश के विमानन क्षेत्र को हरित ऊर्जा की ओर अग्रसर करने और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप अधिक टिकाऊ बनाने में सहायता मिलेगी।
सरकार का मानना है कि संधारणीय विमानन ईंधन के उपयोग से भविष्य में स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल उड़ानों को बढ़ावा मिलेगा तथा भारत का नागरिक विमानन क्षेत्र वैश्विक हरित विमानन लक्ष्यों की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाएगा।



