जो होटल, ढाबे, मॉल व्यवसायी स्वच्छता नहीं रखते नपं राजस्व अमला जाएं और दंड लगाएं- कलेक्टर गर्ग

जो होटल, ढाबे, मॉल, आदि व्यवसायियों द्वारा स्वच्छता नहीं रखी जा रही नपं राजस्व अमला जाएं और दंड लगाएं- कलेक्टर गर्ग
नटनागर शोध संस्थान में स्वच्छता कार्यशाला संपन्न

सीतामऊ।जिला कलेक्टर श्रीमती आदिति गर्ग कि अध्यक्षता में नगर परिषद द्वारा नटनागर शोध संस्थान के सभा हाल में स्वच्छता कार्यशाला आयोजित कि गई इस अवसर पर अपर कलेक्टर सुश्री प्रीति संघवी, एसडीएम शिवानी गर्ग नपं अध्यक्ष मनोज शुक्ला उपाध्यक्ष सुमित रावत तहसीलदार मोहित सिनम नायब तहसीलदार पंकज गंगवाल, नपं सीएमओ जीवनराय माथुर के मंचासिन उपस्थिति रहें।कलेक्टर आदिति गर्ग ने कहा कि स्वच्छता को लेकर कोर्ट ने सख्त निर्देश दिए गए कचरा प्रबंधन को लेकर कमेटी बनाई जिसमें कलेक्टरों को भी निर्देशित किया गया है। इसको लेकर तीन अलग अलग श्रेणियों के लोगों के लिए अलग- अलग जिम्मेदारी दी गई है। पहले सफाई कर्मचारी हैं वे और कचरा गाड़ी मे सुचना घर घर जाकर कचरे को अलग अलग रखने कि सलाह देना है। और गाड़ी वाले को लेना का काम है दुसरा परिषद के कर्मचारी जो नगर के नागरिकों के साथ होटल ढाबों मॉल वाले को कचरे के निस्तारण कि सलाह समझाइश देना है। तीसरे तहसीलदार एसडीएम कलेक्टर हम लोग हैं। ऐसे लोग व्यवसायी है जो समझाने पर भी कचरे को अलग-अलग नहीं देते या सड़क पर कचरा फेंकने वाले से दंड वसुली करना है।
कलेक्टर ने कहा कि तीनों टीमों का कार्य सामाजिक जागरूकता जिम्मेदारी तय करना है सिधे हमें किसी को दंडित नहीं करना है।
कलेक्टर ने आगे कहा कि जो गंदगी है वो गंदगी है। कहते हैं कि ये कचरा मेरा नहीं उनका है।ये नहीं देखना और गंदगी, गंदगी है जो जैसा है वैसा ही स्वच्छ रहें इस पर हर नागरिक कि जिम्मेदारी तय हो। कलेक्टर ने इंदौर के स्वच्छता को लेकर कहा कि वहां के लोगों ने समझा कि हम गंदगी में अब नहीं रह सकते हैं। और इंदौर स्वच्छ हो गया। नपं द्वारा जो अमला स्वच्छता को लेकर निकलता है। इससे पहले सुचना होना चाहिए।
कलेक्टर ने स्वच्छता कर्मचारियों को कहा कि जैसा में चाहती हुं कि मेरा आफिस स्वच्छ रहें ऐसे ही आप सभी कि जिम्मेदारी है।
कलेक्टर ने कहा कि बल्क वेस्ट जनरेटर है जो होटल ढाबों मॉल आदि व्यवसायियों द्वारा स्वच्छता नहीं रखी जा रही है वहां नपं राजस्व अमला जाएं और दंड लगाएं। नपं ओपनिंग मेन है आपको आउट नहीं होना है निरंतर कार्य जारी रखना है।
कलेक्टर ने समय पर कार्य हो इसको लेकर कर्मचारियों से कहा कि शासकीय नौकरी में ऐसा कही नहीं जो काम दिया गया वोही करुंगा यह नहीं है।जो काम है दिख रहा वो सभी साथ रख कर करना है।
नगर स्वच्छ सुंदर बन रहा है, खेड़ा रोड़ से अतिक्रमण हटाने कि आवश्यकता-
नपं अध्यक्ष मनोज शुक्ला ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि जब नपं निर्वाचित हुई तब स्वच्छता में 350 वी रैंक पर थे। हमारी मेहनत रंग लाई और उसके बाद 33 वीं रैंक मिली फिर यह क्रम बढ़ता गया और पिछले वर्ष 5 वीं रैंक आई थी जिसे मुख्यमंत्री जी द्वारा एक स्टार देकर सम्मानित किया था। यह सब स्वच्छता कर्मचारियों का हमारे कि देन है इनके बिना असंभव है। और आगे संपूर्ण नगर को स्वच्छ सुंदर भी इन्हीं के समर्पण से ही पुरा करेंगे । नपं द्वारा समय पर सफाई कर्मचारीयों को ड्रेस जेकेट वितरण किए जाते हैं। श्री शुक्ला ने कहा कि सीतामऊ नगर का सबसे गंदा एरिया कोर्णाक होटल खेड़ा रोड़ से मोड़ी माताजी मंदिर तक रहता है।खास कर झाडु बनाने वाले कचरा सड़क पर ही डालते हैं तथा अतिक्रमण भी बहुत है परिषद द्वारा बहुत समझाया गया पर गंदगी और अतिक्रमण नहीं हटाया गया। राजस्व विभाग कि टीम के साथ इस पर कार्रवाई कि आवश्यकता है। नगर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता को लेकर स्कूलों के बच्चों के साथ रैली का आयोजन किया जाएगा। श्री शुक्ला ने सीतामऊ तालाब को लेकर कहा कि वहां पर सामाजिक धार्मिक आयोजन होते हैं और तालाब में अंडे आदि का वेस्ट मटेरियल फेका जा रहा है यह वेस्ट मटेरियल रात में फेका जा रहा है इन पर कार्रवाई कि आवश्यकता है।
जो डिस्मेंटल है जीर्ण-शीर्ण भवन उनको हटाया जाना आवश्यक-
नपं उपाध्यक्ष सुमित रावत ने अपने संबोधन में कहा कि वार्ड नं 1 और 02 में कुछ भवन है जो डिस्मेंटल है जीर्ण-शीर्ण भवन उनको हटाया जाना आवश्यक है। वटकेश्वर महादेव मंदिर के पास बने इन भवनों से जहरीले जानवर निकलते हैं। इसलिए इनको हटाया जना आवश्यक हमने कई बार पत्र के माध्यम से विभागों को अवगत भी करवाया पर कार्रवाई नहीं हुई। श्री रावत ने स्वच्छता पर सुझाव देते हुए कहा कि सभी विद्यालयों के बच्चों को इसको लेकर जागरूकता किया जाए।
हम अपने शहर को इंदौर से भी अच्छा स्वच्छ सुंदर बनायेंगे –
नपं जीवनराय माथुर ने संबोधन में कहा कि ठोस अवशिष्ट प्रबंधन वह है।जो जहां से आया वहां भेजना है। पहले कचरे को अपशिष्ट प्रबंधन स्थल पर अलग अलग किया जाता है।पर अब घर घर से ही अलग अलग कचरे में लिया जाएगा। भय बीन नहीं प्रित होई कि तर्ज पर हमें कार्य करेंगे। पहले हम सुधार का मौका देंगे फिर हम कार्यवाही करेंगे। इसके लिए हम पत्रकार मिडिया साथियों और सभी कि मदद से काम करेंगे।
हम एक नवाचार करने जा रहे हैं जिसके लिए हम मशीनें लाए हैं। इससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा। सफाई कर्मचारी आज 10-12 हजार कि नौकरी के लिए भटक रहे। पर इस वेस्ट कचरे को पीपीपी मोड में भंगार के लिए काम करेंगे तो आय का अच्छा साधन होगा। सीएमओ ने कहा कि हम अपने शहर को इंदौर से भी अच्छा स्वच्छ सुंदर बनाने का भरोसा दिलाता हूं।
इस अवसर पर कलेक्टर आदिति गर्ग ने क्विज़ के माध्यम से उपस्थित जनों से संवाद किया।
इस अवसर पर स्वच्छता प्रमुख राजेन्द्र सिंह ने स्वच्छता को लेकर कार्यशाला में विस्तार से थीम प्रोजेक्ट के माध्यम से जानकारी दी। जिसमें मुख्य रुप से गीला कचराः रसोई का कचरा, बचा हुआ भोजन व सड़ने योग्य चीजें।
सूखा कचराः प्लास्टिक, कांच और रिसाइकिल योग्य सामान।
सेनेटरी कचराः डायपर, सेनेटरी नैपकिन और इस तरह के अन्य वेस्ट।
विशेष खतरनाक कचराः ई-कचरा,बैटरी, सीरिंज व अन्य हानिकारक घरेलू सामान। चार अलग-अलग हर घर होटल व्यवसायियों को रखने कि जानकारी दी। ऐसा करने से कचरे का निस्तारिकरण किया जा सकता है। कार्यशाला में नपं पार्षद गणमान्य नागरिक पत्रकार तथा नपं स्टाफ सफाई कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला का संचालन मास्टर ट्रेनर नारायण हरगौड़ ने संचालन करते हुए कहा कि अपषिष्ट वेस्ट कचरा गंदगी से शहर मुक्त बनना किसी एक का कार्य नहीं है। सामाजिक जागरूकता में सामाजसेवी पत्रकार जनप्रतिनिधि और हम सभी कि भागीदारी जरूरी है।अंत में आभार तहसीलदार मोहित सिनम ने व्यक्त किया।



