खून से लिखे पोस्टकार्ड भेज मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
सातवें दिन भी जारी रही संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल, लंबित मांगों के निराकरण की उठाई मांग
मंदसौर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को सातवें दिन भी जारी रही। अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत कर्मचारियों ने इस दौरान अनूठे ढंग से विरोध प्रदर्शन करते हुए माननीय मुख्यमंत्री के नाम खून से पोस्टकार्ड लिखे और शीघ्र न्याय की मांग की।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मंदसौर के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में कर्मचारियों ने कहा कि वे वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन एवं सुविधाएं प्राप्त नहीं हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में समान कार्य के लिए समान वेतन, 10 वर्ष से अधिक सेवा देने वाले कर्मचारियों का नियमितीकरण, नियमित कर्मचारियों के समान अवकाश की पात्रता, स्वास्थ्य बीमा सुविधा लागू करना तथा वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा संविदा कर्मचारियों के हित में की गई घोषणाओं को पूर्ण रूप से लागू करना शामिल है।
कर्मचारियों ने कहा कि खून से लिखे गए पोस्टकार्ड उनके दर्द, संघर्ष और सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का एक प्रतीकात्मक प्रयास है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय करेंगे।
हड़ताल के कारण एनएचएम से जुड़ी कई स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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“हम वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। सरकार हमारी जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर संविदा कर्मचारियों को न्याय प्रदान करे।” — संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, मंदसौर



