01 मई से बदलेगी जीएसटी की एसओपी, 29 दिन में जवाब नहीं तो व्यापारी पर 20 हजार रूपए तक जुर्माना

01 मई से बदलेगी जीएसटी की एसओपी, 29 दिन में जवाब नहीं तो व्यापारी पर 20 हजार रूपए तक जुर्माना
भोपाल। मध्यप्रदेश में जीएसटी ऑडिट प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए वाणिज्यिक कर विभाग ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) लागू की है। अब ऑडिट के दौरान अधिकारी बार-बार दस्तावेज नहीं मांगेंगे, बल्कि एक बार में ही पूरी सूची देंगे। वहीं, व्यापारियों को जवाब देने के लिए कुल 29 दिन का समय तय किया गया है। नई व्यवस्था के तहत अधिकारी पहले 15 दिन का समय देंगे। इसके बाद 7-7 दिन के दो रिमाइंडर दिए जाएंगे । तय अवधि में जानकारी नहीं देने पर स्टेट और सेंट्रल जीएसटी प्रावधानों के तहत 10-10 हजार रुपए तक, कुल 20 हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।विभाग के अनुसार समय पर जानकारी नहीं मिलने से राजस्व संग्रह और ऑडिट प्रक्रिया प्रभावित होती है। एक मई 2026 से विभाग उन व्यापारियों की जांच शुरू करेगा, जो लंबे समय से एक जैसा टर्नओवर दिखा रहे हैं। 1.25 से 1.50 करोड़ रुपए टर्नओवर वाले माल व्यापारी और 35 से 50 लाख रुपए के सर्विस प्रोवाइडर रडार पर रहेंगे। गलत जानकारी मिलने पर कज्पोजीशन लाइसेंस रद्द कर कार्रवाई की जाएगी।
इस सर्कुलर से ऑडिट प्रक्रिया में एकरूपता आएगी। इसके अलावा इससे अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी। व्यापारियों को तय समय में जानकारी देने की सलाह दी है। -एड पलाश खुरपिया, कर सलाहकार
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