कैलाशपुर में महान विचारक माहत्मा ज्योतिबा फूले कि तस्वीर पर माल्यार्पण कर उनके विचारों को याद कर जयंती मनाई गई

कैलाशपुर में महान विचारक माहत्मा ज्योतिबा फूले कि तस्वीर पर माल्यार्पण कर उनके विचारों को याद कर जयंती मनाई गई
कैलाशपुर।भारत के महान समाज सुधारक, विचारक, लेखक और क्रांतिकारी कार्यकर्ता महात्मा ज्योतिबा फुले की जन्म जयंती 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिबा फुले की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं द्वीप प्रज्वलित कर जन्म जयंती मनाई गई।
इस अवसर पर ग्राम के सरपंच श्री जगदीश माली सरकार ,वरिष्ठ नागरिक दशरथलाल परमार पत्रकार, दिलीप कुमार जैन, भोपाल सिंह मंडलोई, गोबरलाल धनगर, गोविंद माली, किशनलाल माली, शंभूलाल माली, बसंतीलाल माली, गोपाल शर्मा, दिलीप भटनागर, विनय शर्मा, दौलत राम मालवीय, शिव माली सचिव राजू सूर्यवंशी, दीपक नाथ एवं ग्राम वासियों ने श्री ज्योतिबा फुले के जन्मदिन के अवसर पर तस्वीर पर फूल माला अर्पण कर गुलाल से पूजन की।
इस अवसर पर भोपाल सिंह मंडलोई ने अपने उद्बोधन में ज्योतिबा फुले के द्वारा देश एवं समाज हित में दिए गए योगदान पर प्रकाश डाला।
तत्पश्चात ग्राम सरपंच ने वरिष्ठ नागरिकों एवं कार्यकर्ताओं का पुष्पमाला से स्वागत सम्मान किया।
उल्लेखनीय है कि ज्योतिबा का जन्म 11 अप्रैल 1827 को पुणे में एक माली परिवार में हुआ था। उनके पिता गोविंदराव और माता चिमणाबाई थीं।उन्होंने 21 वर्ष की उम्र में अंग्रेजी की सातवीं कक्षा की पढ़ाई पूरी की। पश्चिमी शिक्षा और थॉमस पेन की किताबों के प्रभाव से उन्होंने सामाजिक न्याय और समानता का रास्ता चुना।महाराष्ट्र के पुणे में जन्मे फुले ने दलितों, पिछड़ों और महिलाओं की शिक्षा, सशक्तिकरण और जाति आधारित भेदभाव के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। उन्हें 1888 में ‘महात्मा’ की उपाधि दी गई।



