मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 11 जनवरी 2026 रविवार

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नई दिल्ली में वित्त मंत्रियों के साथ प्री-बजट मीटिंग

भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने मध्यप्रदेश पूरी क्षमता से योगदान देने के लिये प्रतिबद्ध : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा

सिंहस्थ 2028 के लिए 20 हजार करोड़ के विशेष पैकेज का आग्रह

जीएसटी युक्त‍ि-युक्तकरण का अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा सकारात्मक प्रभाव

पूंजीगत कार्यों के लिए बजट बढ़ाने का किया आग्रह

विकसित भारत जी राम जी अधिनियम से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

मंदसौर 10 जनवरी 26/ उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को सभी क्षेत्रों में विकसित करने और देश की अर्थव्यवस्था को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था की श्रेणी में लाने के लिये बनाई नीतियों और कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश अपनी संपूर्ण क्षमता से योगदान के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जापान जैसे विकसित देश को पीछे छोडते हुए, अब भारत की अर्थव्यवस्था चौथे क्रम पर आ गयी है।इसके लिये प्रधानमंत्री श्री मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का अभिनन्दन है।

केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमतीनिर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में शनिवार को नई दिल्ली में राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों के साथ प्री-बजट मीटिंग में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने अपने वक्तव्य में कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ केन्द्र की योजनाओं के लिये प्रदेश के बजट में पर्याप्त प्रावधान रखा गया है। प्रदेश के कुशल वित्तीय प्रबंधन को निरंतर बेहतर बनाया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में मध्यप्रदेश के संदर्भ में सकल घरेलू उत्पाद की गणना, एस.एन.ए. स्पर्श, वस्तु एवं सेवा कर, सिंहस्थ के लिये विशेष पैकेज जैसे विषयों पर केन्द्रीय वित्त मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।

सकल घरेलू उत्पाद की गणना

उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश की बजटीय विश्वसनीयता और व्यय की गुणवत्ता को नीति आयोग एवं भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा सराहा गया है। प्रदेश निरन्तर राजस्व आधिक्य में रहा है एवं निर्धारित सभी वित्तीय सूचकांको के पालन में भी सफल रहा है।

मध्यप्रदेश जैसे विशाल प्रदेश के लिये अपेक्षाकृत अधिक वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता रहती है। मध्यप्रदेश राज्य की सकल घरेलू उत्पाद की औसत वार्षिक वृद्धि दर 10 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। 15वें वित्त आयोग की गणना के आधार पर प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 16 लाख 94 हजार 477 करोड़ रूपये है। भारत सरकार द्वारा ऋण प्राप्त करने की सीमा की गणना के लिये प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 15 लाख 44 हजार 141 करोड़ रूपये मान्य किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने ऋण प्राप्त करने की सीमा की गणना प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद 16 लाख 94 हजार 477 करोड़ रूपये को मान्य करने का आग्रह किया। आगामी वर्षो में भी ऋण सीमा के निर्धारण के लिये 15वें वित्त आयोग द्वारा बताई गयी गणना की प्रक्रिया के अनुसार प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जी.एस.डी.पी.) को ही आधार मान्य करने का अनुरोध किया है।

सिंहस्थ-2028 के लिए विशेष पैकेज

उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ आयोजन के लिये 20 हजार करोड़ वित्तीय सहायता के रूप में विशेष पैकेज देने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ पर्व पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु माँ क्षिप्रा में स्नान कर बाबा महाकाल के पवित्र दर्शन करते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत राज्य शासन द्वारा उज्जैन एवं निकटस्थ क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएँ यथा सड़क निर्माण, घाट निर्माण, पुल-पुलिया निर्माण, यात्रियों के ठहरने के स्थल तथा चिकित्सालय का निर्माण आदि सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं। वर्तमान में 20 हजार करोड़ रूपये से अधिक के अधोसंरचनात्मक विकास संबंधी कार्य स्वीकृत किये गये हैं।

एस.एन.ए.स्पर्श प्रणाली प्रशसंनीय

उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं में व्यय के लिये एस.एन.ए. स्पर्श प्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में एस.एन.ए. स्पर्श के समान ही प्रदेश की शत-प्रतिशत राज्य के कोष से पोषित योजनाओं के संबंध में भी प्रणाली विकसित करने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है।

जी.एस.टी. का युक्ति-युक्तकरण सकारात्मक

उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि जी.एस.टी. की दरों में किये गये युक्ति-युक्तकरण का प्रदेश में सकारात्मक प्रभाव हुआ है। जी.एस.टी. की दरों का प्रभाव आम नागरिकों से संबंधित वस्तुओं यथा पनीर, ब्रेड, बटर, चीज, साबुन, शैम्पू, आदि के अतिरिक्त जीवन रक्षक दवाएँ, मेडिकल ऑक्सीजन, आदि पर होने से आमजन में हर्ष है। टेलीविजन, ए.सी., छोटी कारें, बाईक, ट्रेक्टर, सिंचाई उपकरण आदि की कीमतों में कमी होने से प्रदेश के कृषक, वेतनभोगियों एवं मध्यम वर्ग के साथ-साथ महिलाओं द्वारा भी खुशी व्यक्त की गयी है। क्रय-विक्रय में वृद्धि देखी गयी है, जिसका नि:संदेह अर्थव्यवस्था पर बहुत अच्छा प्रभाव होगा।

उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने आम नागरिकों के हितों को दृष्टिगत रखते हुए, जी.एस.टी. की दरों में किये गये युक्ति-युकतकरण के लिये प्रधानमंत्री श्री मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण का प्रदेश की ओर से आभार व्यक्त किया।

पूंजीगत व्यय में बजट बढ़ाने का अनुरोध

भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 में अधोसंरचना के व्यापक विस्तार के लिये विशेष पूंजीगत सहायता योजना प्रारंभ की गयी है। योजना के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन के फलस्वरूप प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन देखा जा रहा है। योजना के प्रारंभ से ही मध्यप्रदेश में इस योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति करते हुएअतिरिक्त सहायता राशि भी प्राप्त की गयी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल पूंजीगत व्यय 67 हजार 441 करोड़ रुपये था, जो कि पूर्व वर्ष 2023-24 के पूंजीगत व्यय 56 हजार 539 करोड़ की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 82 हजार 513 करोड़ रूपये का पूंजीगत व्यय अनुमानित है, जो कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के पूंजीगत व्यय 67 हजार 441 करोड़ रूपये से 22 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने प्रदेश में पूंजीगत कार्यों को और अधिक गति दिये जाने के दृष्टिगत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के अंतर्गत बजट प्रावधान में वृद्धि किये जाने का अनुरोध किया।

विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025

उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने मध्यप्रदेश की ओर से केन्द्र से वित्त पोषित योजनाओं यथा, विकसित भारत जी राम जी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सर्वशिक्षा अभियान, राष्ट्रीय उद्यानिकी मिशन, केन्द्रीय सड़क निधि, राष्ट्रीय राजमार्ग, अंतर्राज्यीय वृहद सिंचाई परियोजनाओं के लिये केन्द्र का आभार मानते हुए कहा कि इनसे समग्र विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। उन्होंने कहा कि रोजगार गारंटी को प्रति ग्रामीण परिवार 125 दिन किये जाने विषयक नया अधिनियम स्वागत योग्य है। इस सराहनीय कार्य के फलस्वरूप ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने प्रधानमंत्री जनधन खातों के संचालन, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना को प्रभावी बनाने के लिये भी सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सार्थक योगदान देने के लिये प्रतिबद्धता से आगे बढ़ रहा है।

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22 वर्षों बाद मां से मिला बेटा, एस.आई.आर. से चला पता चला बेटा जीवित

मंदसौर 10 जनवरी 26/ थाना प्रभारी नईआबादी उप निरीक्षक कुलदीप सिंह राठौर निर्वाचन आयोग भारत सरकार द्वारा चलाये जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (S.I.R) जिसका उद्देशय मतदाता सूची को अपडेट करना है जिसके फलस्वरूप पिछले 22 वर्षो से गुमशुदा विनोद पिता बालुराम गायरी उम्र 45 साल निवासी ढाकरिया मोहल्ला खिलचीपुरा मंदसौर द्वारा एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम जुडवाने हेतु ग्राम पंचायत से माता-पिता का ईपीक नम्बर चाहा गया उक्त जानकारी गुमशुदा की माता को प्राप्त हुई । जिसके पश्चात गुमशुदा के माता द्वारा थाना नई आबादी मंदसौर पर एक लेखी आवेदन प्रस्तुत किया मामले की गंभीरता को लेते हुए फरियादीया की सूचना पर थाना प्रभारी नई आबादी उनि. कुलदीपसिंह के नेतृत्व में थाना नई आबादी पर एक टीम गठीत की गई । गठित टीम द्वारा ग्राम पंचायत व तहसील निर्वाचन कार्यालय मंदसौर से संबधित के संबंध में जानकारी एकत्रीत कर गुमशुदा के वर्तमान पते की जानकारी प्राप्त कर गुमशुदा व उसकी पत्नी व उसके 02 बच्चे का पता लगाया गया बाद गुमशुदा व उसके बच्चो को सकुशल गुमशुदा की माँ की पीडा को देखते हुए लाने का प्रयास किया गया। थाना नई आबादी मंदसोर पुलिस द्वारा की गई इस कार्यवाही से एक लम्बे समय से बिछडे परिवार को पुनः मिलाने की दिशा मे महत्वपुर्ण सफलता प्राप्त हुई है।

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प्रशासन ने पीएम श्री हाई स्कूल बघूनिया की 1.92 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया

मंदसौर 10 जनवरी 26/ गरोठ एसडीएम श्री राहुल चौहान द्वारा बताया गया कि कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग के मार्गदर्शन में जिले में निरंतर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्रशासन द्वारा तहसील शामगढ़ स्थित पीएम श्री हाई स्कूल बघूनिया को आबंटित कुल 1.92 हेक्टेयर शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाकर शिक्षा विभाग को मौके पर विधिवत कब्जा सौंपा गया।

उक्त अतिक्रमित भूमि का बाजार मूल्य लगभग 30 लाख रुपये आंका गया है। अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गरोठ की उपस्थिति में राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के संयुक्त सहयोग से शांतिपूर्वक संपन्न की गई।

प्रशासन की इस कार्रवाई से शासकीय भूमि को संरक्षित कर शैक्षणिक उपयोग हेतु सुरक्षित किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई सतत जारी रहेगी।

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मन्दसौर में होगा खेलों एम पी यूथ गेम्स का आयोजन : खेल अधिकारी श्री देवड़ा

मंदसौर 10 जनवरी 26/ जिला खेल अधिकारी श्री विजेंद्र देवड़ा द्वारा बताया गया कि मध्य प्रदेश शासन खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा प्राप्त दिशानिर्देशानुसार 28 खेलों का आयोजन राज्यस्तर पर होगा, इन खेलों की टीम का चयन विकासखण्ड स्तर और जिला स्तर पर होगा, जिलास्तर से चयनित कुछ खेल संभागस्तर और कुछ खेल सीधे राज्यस्तर पर आयोजित होंगे।

ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वाले खेल इस प्रकार हैं, 1/ एथलेटिक्स, 2/ खो-खो, 3/ वॉलीबॉल, 4/ कबड्डी, 5/ रस्साकसी, 6/ फुटबॉल, 7/ क्रिकेट, 8/ योग, 9/ पिट्टू, 10/ शतरंज। विकास खण्ड स्तर पर निम्न दिनांक में आयोजित होंगे।

1/ भानपुरा विकासखण्ड – 12 जनवरी 2026 – कमलासक्लेचा स्कूल भानपुरा

2/ गरोठ विकासखण्ड – 13 जनवरी – खेल विभाग के इंडोर स्टेडियम, गरोठ

3/ मल्हारगढ़ – 15 जनवरी – इंडोर स्टेडियम, नारायणगढ़, एवं शा. बालक उ. मा. विधालय पिपलियामंडी का खेल मैदान (क्रिकेट, फुटबॉल)

4/ सीतामऊ – 15 जनवरी – श्री राम उत्कृष्ट विधालय, सीतामऊ खेल मैदान।

5/ मन्दसौर – 16 जनवरी – उत्कृष्ट विधालय, मन्दसौर।

17 एवं 18 जनवरी 2026 को जिलास्तरीय खेल प्रतियोगिता उत्कृष्ट विधालय और नूतन स्टेडियम, मन्दसौर पर विकासखण्ड पर आयोजित खेलों से चयनित टीमें और निम्लिखित खेल..

बास्केटबॉल, टेबल टेनिस, मलखम्भ, कुश्ती, जुडो, वेटलिफ्टिंग, बैडमिंटन, लॉन टेनिस, बॉक्सिंग, स्विमिंग, हॉकी, थ्रो बॉल, ताईक्वाँडो सीधे जिलास्तर पर आयोजित होंगे, जिलास्तर से चयनित खेलों की टीम संभाग और राज्यस्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगी, जानकारी देते हुए जिला खेल अधिकारी श्री विजेंद्र देवड़ा ने बताया प्राप्त दिशानिर्देशानुसार सभी खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा, सभी खिलाड़ियों को इस प्रतियोगिता हेतु अपना खेलों एम पी यूथ गेम्स की वेबसाईट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा, राज्यस्तर पर विजेता खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर और नगद पुरस्कार से भी सम्मनित किया जाएगा, सभी खेलों की प्रतियोगिता सम्बंधित खेलों के एसोसिएशन / खेल संघो और अधिकृत खेल प्रशिक्षकों के सहयोग से खेल और युवा कल्याण विभाग, मन्दसौर द्वारा आयोजित की जाएगी।

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अभिव्यक्ति स्थल पर हर रविवार सजेगा जैविक हाट बाजार

मंदसौर 10 जनवरी 26 / जिले में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों को उनकी उपज के लिए उचित विपणन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा अभिव्यक्ति स्थल, महाराणा प्रताप बस स्टैंड के पास, मंदसौर में जैविक हाट बाजार का आयोजन किया जा रहा है।

उप संचालक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग श्री रविंद्र मोदी ने बताया कि यह जैविक हाट बाजार प्रत्येक रविवार, प्रातः 11.00 बजे से नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। इस हाट बाजार में मंदसौर जिले के जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले कृषक, कृषक समूह तथा स्व-सहायता समूह अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को विक्रय कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि प्राकृतिक उत्पादों की बिक्री हेतु यह एक सशक्त मंच प्रदान करेगा। साथ ही उपभोक्ताओं को शुद्ध, स्वास्थ्यवर्धक एवं रसायन मुक्त उत्पाद उचित दरों पर उपलब्ध होंगे।

जिले के समस्त जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों, उत्पादक समूहों तथा क्रेता-विक्रेताओं से आग्रह किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में जैविक हाट बाजार में सहभागिता करें। अधिक जानकारी हेतु संपर्क करें: – 9630202379, 6269698309

उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले संगठन/व्यक्तियों को किया जायेगा पुरस्कृत

31 जनवरी तक कर सकते हैं आवेदन

मंदसौर 10 जनवरी 26 / विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस 15 मार्च 2026 के अवसर पर उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों /व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने के लिये राज्य एवं संभाग स्तरीय पुरस्कार दिये जायेंगे।

आयुक्त, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्री कर्मवीर शर्मा ने जानकारी दी है कि पुरस्कारों के लिये संगठनों/व्यक्तियों का चयन एक जनवरी से 31 दिसंबर 2025 तक की अवधि में की गई गतिविधियों के आधार पर किया जायेगा।

राज्य स्तरीय तीन पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिये जायेंगे। प्रथम पुरस्कार 1,11,000 रूपये, द्वितीय पुरस्कार 51,000 रूपये और तृतीय पुरस्कार 25,000 रूपये का दिया जायेगा। संभागों में भी तीन पुरस्कार दिये जायेंगे। इसमें प्रथम पुरस्कार 21,000 रूपये, द्वितीय पुरस्कार 11,000 रूपये और तृतीय पुरस्कार 5000 रूपये का होगा।

राज्य स्तरीय एवं संभाग स्तरीय आवेदन पृथक-पृथक स्वीकार किये जावेंगे। राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिये आवेदन के मुख्य पृष्ठ पर ‘राज्य स्तरीय पुरस्कार वर्ष 2025-26 हेतु’ एवं ‘संभाग स्तरीय पुरस्कार वर्ष 2025-26 हेतु सुस्पष्ट रूप से लिखा जाये। आवेदन का प्रारूप ‘क’ खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की वेबसाईट www.food.mp.gov.in पर उपलब्ध है। आवेदन 31 जनवरी 2026 तक संबंधित कार्यालय जिला कलेक्टर (खाद्य) में स्वीकार किये जायेंगे। इस संबंध में अतिरिक्त जानकारी के लिये संबंधित कार्यालय जिला कलेक्टर (खाट्य) से संपर्क किया जा सकता है। विगत वर्ष राज्य स्तरीय प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार प्राप्त संस्थाओं के आवेदन पर चयन समिति द्वारा विचार नहीं किया जायेगा।

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माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल ने घो‍षित किए डी.एल.एड. प्रथम/द्वितीय वर्ष परीक्षा 2025 (द्वितीय अवसर) के परिणाम

मंदसौर 10 जनवरी 26 / माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल ने मण्डल के अंतर्गत संचालित डी.एल.एड. प्रथम/द्वितीय वर्ष परीक्षा 2025 (द्वितीय अवसर) के परिणाम 8 जनवरी 2026 को घोषित कर दिए हैं। परीक्षार्थी अपना परीक्षा परिणाम वेबसाइट www.mpbse.mponline.gov.in पर देख सकते हैं।

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स्टार्टअप समिट 2026 में सहभागिता की अपील

स्टार्टअप नीति 2025 का लाभ लेने का आग्रह

मंदसौर 10 जनवरी 26 / आयुक्त एमएसएमई श्री दिलीप कुमार ने स्टार्टअप्स, नवोन्मेषकों, उद्यमियों, निवेशकों, इनक्यूबेटर्स तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े सभी भागीदारों से राज्य सरकार द्वारा आयोजित की जा रही आगामी स्टार्टअप इकोसिस्टम पहलों एवं आयोजनों में सक्रिय सहभागिता के लिए आग्रह किया है।

आयुक्त श्री कुमार ने कहा कि स्टार्टअप्स नवाचार-आधारित विकास, रोजगार सृजन एवं मूल्य निर्माण की रीढ़ हैं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों और विकास के विभिन्न चरणों में कार्यरत संस्थापकों से आगे आकर राज्य के तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश एक जीवंत, समावेशी एवं भविष्य-उन्मुख स्टार्टअप इकोसिस्टम के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य एवं देशभर के स्टार्टअप्स से अपेक्षा की गई है कि वे सक्रिय रूप से सहभागिता करें, अपने नवाचारों का प्रदर्शन करें, उद्योग एवं सरकार के साथ सहयोग करें तथा मध्य प्रदेश में उपलब्ध नीतिगत एवं संस्थागत सहयोग का लाभ उठाएं।”

मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 के विज़न के अनुरूप स्टार्टअप्स को सीड फंडिंग, वेंचर कैपिटल तक पहुंच, इनक्यूबेशन सहायता, पेटेंट सहयोग, बाजार तक पहुंच तथा रोजगार से जुड़े प्रोत्साहनों सहित व्यापक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। ये प्रोत्साहन प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, सेवाएं, एग्रीबिजनेस, हरित ऊर्जा, हेल्थटेक, एडटेक एवं अन्य उभरते क्षेत्रों के स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध हैं।

राज्य सरकारका प्रमुख आयोजनों, स्टार्टअप समिट्स, प्रदर्शनियों, निवेशक संवाद, मेंटरिंग सत्रों एवं नीति-आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से स्टार्टअप्स को पूंजी, बाजार, मेंटर्स, कॉरपोरेट्स एवं वैश्विक अवसरों से जोड़ने का लक्ष्य है, ताकि जमीनी स्तर पर नवाचार को प्रोत्साहन मिल सके।

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