नीमचमध्यप्रदेश

मुख्‍यमंत्री डॉ.यादव ने की नीमच जिले के नवाचार हमारी आंगनवाडी अभियान की सराहना

नीमच 03 दिसम्‍बर 2025,

प्रदेश के मुख्‍यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल मंत्रालय में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक में मुख्‍यमंत्री डॉ.यादव ने जिला प्रशासन नीमच द्वारा किए गये नवाचार हमारी आंगनवाडी अभियान, कुपोषित बच्‍चों को न्‍यूट्री बास्‍केट, हेल्‍थ चेकअप, पोषण मित्र के माध्‍यम से देखभाल की सराहना की है।

”हमारी आंगनवाडी- पोषण भी, पढ़ाई भी”
नवाचार की अवधारणा–

”हमारी आंगनवाडी – पोषण भी पढ़ाई भी ” नीमच जिले में संचालित 1112 आंगनवाड़ी केंद्रों को केवल पोषण वितरण केंद्र के रूप में ही नहीं, बल्कि शालापूर्व शिक्षा (Pre-school Education) के सशक्त माध्यम के रूप में विकसित करने के लिए “हमारी आंगनवाड़ी- पोषण भी, पढ़ाई भी” अभियान कलेक्‍टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है।
प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र को बाल विकास एवं शाला पूर्वशिक्षा का आदर्श केंद्र बनाने, पोषण और शिक्षा दोनों पहलुओं को समान प्राथमिकता देने, जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में आधारभूत संरचना सुधार, बच्चों के समग्र विकास और पोषण स्तर में सुधार लाने एवं महिलाओ और बच्चो के स्वास्थ्य एवं पोषण हेतु पुरुषो की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्‍य से संचालित इस अभियान में नीमच जिले में संचालित सभी 1112आंगनवाड़ी केन्द्रों को शामिल किया गया है।
इस अभियान के तहत 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं, हितग्राहियों के परिवार के पुरुष सदस्यों को लक्षित रखकर कार्य किया जा रहा है।
इस अभियान के तहत 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चोक, कुपोषण मुक्त करने, श्रेणी सुधार, प्रारंभिक संज्ञानात्मक, सामाजिक व भाषाई विकास करना, गर्भवतीमहिलाओ एवं धात्री माताओ के पोषण व स्वास्थ्य में सुधार तथा बच्चो के प्रारंभिक पालन-पोषण से सम्बंधित जागरूकता लाने, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका में शिक्षण क्षमता व कार्य कुशलता में वृद्धि लाने और जिले की सभी 1112 आंगनवाड़ी केंद्रों को सशक्त एवं उन्नत बनाने की विशेष पहल की जा रही है

नवाचार क्रियान्वयन हेतु विभिन्न विभागों के साथ अभिसरण-

मिशन नींव के अंतर्गत रॉकेट लर्निंग संस्था के सहयोग से जिले की सभी आंगनवाड़ीकार्यकर्ताओं का सेक्टरवार ईसीसीई (अर्ली चाईल्‍डहूड एवं एज्‍यूकेशन) प्रशिक्षण आयोजन दिया जा रहा है।
प्रत्येक कार्यकर्ता की रिपोर्टिंग एवं रैंकिंग प्रणाली लागू की गई है, जिससे उनमें उत्साह, प्रतिस्पर्धा एवं नवाचार की भावना विकसित हो रही है। जनप्रतिनिधियों, शासकीय अधिकारियों,सामाजिक संस्थाओं एवं प्रबुद्धजनों के सहयोग सेअपेक्षित लक्ष्य प्राप्ति के प्रयास किए जा रहे है।

जिले में वर्तमान में 616 आंगनवाडी केंद्र, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारीयों द्वारा गोद लिए जा चुके है। बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करने हेतु जन समुदाय के सहयोग से वर्तमान में 450 न्यूट्रीबास्केट वितरित किये जा चुके है। जिले की सभी 1112 आंगनवाडी केन्द्रों पर पुरुष पोषण मित्रोके सहयोग से बच्चो की स्वास्थ्य जाँच तथा कुपोषण मुक्त नीमच के लिए विशेष सहयोग लिया जा रहा है।
प्रशिक्षण-
निपसीड संस्था द्वारा प्रशिक्षित किये गए मास्टर ट्रेनर्स एवं मिशन नींव के अंतर्गत रॉकेट लर्निंग संस्था के सहयोग से जिले की सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सेक्टरवार पोषण भी पढाई भी एवं ECCE (अर्ली चाईल्‍डहूड केयर एण्‍ड एज्‍यूकेश) प्रशिक्षण आयोजित।
(निगरानी एवं मूल्यांकन(Monitoring& Evaluation- कार्य की निरंतरता, पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित करने विस्तृत निगरानी तंत्र स्थापित किया गया है।
कलेक्टर की अध्यक्षता में मासिक समीक्षा बैठके आयोजित की जा रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा पाक्षिक समीक्षा, जिला स्तरीय मूल्यांकन टीम द्वारा प्रमुख सूचकांकों (Indicators) पर रैंकिंग निर्धारित की जा रही है। समर्पित जिला स्तरीय टीम द्वारा प्रगति का फोटोग्राफिक एवं भौतिक निरीक्षण के माध्यम से संकलन किया जा रहा है। परियोजना अधिकारी द्वारा त्रैमासिक समीक्षा बैठकें एवं फील्ड विजिट की जा रही है। सेक्टर पर्यवेक्षक (Supervisor) द्वारा मासिक निरीक्षण कर, फीडबैक लिया जा रहा है।
नवाचार से प्राप्त परिणाम

– इस नवाचार के बेहतर परिणाम मिल रहे है। सभी आंगनवाड़ी केंद्रों का रूपांतरण पोषण शिक्षा आधारित मॉडल के रूप में हो रहा है। प्रारंभिक बाल शिक्षा (अर्ली चाईल्‍डहूड केयर एण्‍ड एज्‍यूकेशन) में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। कुपोषण दर में कमी और बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में वृद्धि हो रही है। कार्यकर्ताओं में प्रतिस्पर्धा, नवाचार और कार्य के प्रति समर्पण की भावना जागृत हुई है। समुदाय की भागीदारी से आंगनवाड़ी केंद्रों का सतत विकास हो रहा है।

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