नवरात्रि पर्व के नाम पर मनोरंजन, ध्वनि प्रदूषण, पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण :- राष्ट्रसंत कमलमुनि जी

नवरात्रि पर्व के नाम पर मनोरंजन, ध्वनि प्रदूषण, पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण :- राष्ट्रसंत कमलमुनि जी
पीपल्यामंडी (रामेश्वर फरक्या)
मैसूरु स्थानकवासी जैन संघ हल्लद केरी के तत्वाधान में जैन स्थानक भवन पर नवरात्रि के तीसरे दिन कमलमुनि जी कमलेश ने कहा आध्यात्मिक पर्व, धर्म गुरु और परमात्मा से बढ़कर है जो आने वाली पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से साक्षात्कार करवाते हैं। प्राचीन सभ्यता का दिग्दर्शन करवाते हैं, आने वाली पीढ़ी में संस्कारों का बीजारोपण करते हैं, पाश्चात्य संस्कृति के प्रदूषण से मुक्त करके भारतीय संस्कृति के रंग में रंगने का अवसर प्रदान होता है। ऋषि मुनियों के ज्ञान से निर्मित आध्यात्मिक चेतना का विकास करने का साधन सरकार और विज्ञान के पास भी नहीं है, वर्तमान शिक्षा प्रणाली से भी इसका निर्माण होना असंभव है। क्योंकि वह संस्कार और चरित्र विहीन है जो वर्तमान युग में हम जैसे संतों का निर्माण हो रहा है आध्यात्मिक संस्कृति की देन है, हीरे पन्ने से भी इसका निर्माण नहीं किया जा सकता, जो साधना सादगी और सात्विकता के प्रतीक होते हैं जिसकी साधना से आत्मा की बैटरी चार्ज होती है, अगले जन्म की पूंजी एकत्रित होती है, रोगों से मुक्ति मिलती है, विचारों में निर्मलता और जीवन में सादगी का संचार होता है। नवरात्रि पर्व के नाम पर आमोद प्रमोद, मनोरंजन, दिखावा आडंबर प्रदर्शन का होना परस्पर झूठी स्पर्धा, लक्ष्मी का दुरुपयोग मूल स्वरूप को कुचलने के समान है। ऐसा करने वाला धर्म गुरु और महापुरुषों के विचारों को कुचलने का काम कर रहा है, मूल स्वरूप से भटक रहे हैं आने वाली पीढ़ी को धर्म के नाम पर अंधकूप में धकेलना का पाप कमा रहे हैं। फुहड़पन, ध्वनि प्रदूषण, पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है पाश्चात्य संस्कृति का पर्व में प्रवेश होना अमृत जैसे धर्म में जहर घोलने के समान है। सात्विकता ,सरलता और सहजता धर्म का असली प्राण है इसकी रक्षा करना ही धर्म की रक्षा करने के समान है। सभी धर्माचार्य से अपील जारी करते हुए कहा आध्यात्मिक पर्व की आचार संहिता होनी चाहिए। जिसमें देशभक्ति, नशा मुक्ति पर्यावरण रक्षा, सेवा और साधना को महत्वपूर्ण स्थान दिया जाए। श्री गुरु गणेश सेवा समिति कर्नाटक बेंगलुरु के अध्यक्ष गौतमचंद्र धारीवाल कार्य अध्यक्ष आशीष बाफना उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र ओस्तवाल कोषाध्यक्ष मनोहर लाल बाफना ने राष्ट्रसंत से मार्गदर्शन प्राप्त करके अध्यक्ष गौतम धारीवाल ने बताया गुरुदेव के नेतृत्व में हमारी संस्था ज्ञान फाऊंडेशन चैत्रयगौशाला पांडवापुरा में 11,00,000 से निर्मित गौशाला सेट का उद्घाटन 1 नवंबर को कर्नाटक के श्री गणेश लाल जी महाराज की जयंती पर किया जाएगा संघ की ओर से उनका अभिनंदन किया गया।



