पैसे के लालच में मां के अफीम के पट्टे को बेटे ने बेच दिया, खरीदने- बेचने वाले दोनों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास

पैसे के लालच में मां के अफीम के पट्टे को बेटे ने बेच दिया, खरीदने- बेचने वाले दोनों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास
नीमच। विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी.एस. एक्ट)श्री जितेन्द्र कुमार बाजोलिया, द्वारा अफीम का पट्टा खरीदने-बेचने एवं अवैध अफीम की तस्करी करने वाले दो आरोपीगण (1) दिलीपसिंह पिता मदनसिंह, उम्र-45 वर्ष, निवासी बरखेड़ा सौंधिया, जिला नीमच और (2) मुकेष पिता रमेशचंद्र, उम्र-45 वर्ष, निवासी ग्राम-चल्दू, जिला नीमच को धारा 8/18(बी) एन.डी.पी.एस. एक्ट के अंतर्गत 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 01-01 लाख रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि दिनांक 4 मार्च 2021 को कार्यालय उपनारकोटिक्स आयुक्त नीमच में मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम चल्दू की कलावतीबाई के नाम जारी अफीम पट्टे का लाइसेंस उनके पुत्र मुकेश ने उनकी जानकारी से छिपाकर ग्राम बरखेड़ा सौंधिया के अफीम कृषक दिलीपसिंह को सौंप दिया हैं एवं पैसो के लालच में पट्टे का अवैध सौदा कर उससे निकलने वाली अफीम को दैनिक तौल रजिस्टर में दर्ज नहीं कराया जा रहा है। मुखबीर सूचना पर से अगले दिवस 5 मार्च 2021 को निवारक दल का गठन किया जाकर कार्यवाही की गई। निवारक दल पहले ग्राम चल्दू स्थित मुकेश के घर पहुंची और पूछताछ के बाद कलावती बाई के अफीम खेत पर पहुंची, जहां दिलीप सिंह पौधों पर चीरा लगाते मिला। इसके बाद दोनों आरोपियों को लेकर टीम बरखेड़ा सौंधिया स्थित दिलीप सिंह के मकान पर पहुंची। तलाशी के दौरान एक कमरे में रखे बक्से से प्लास्टिक की बाल्टी, स्टील के डिब्बे और पारदर्षी पॉलीथिन में ¬6 किलो 900 ग्राम अवैध अफीम बरामद की गई। जांच में 3 किलो 650 ग्राम अफीम मुकेश से जप्त की गई तथा शेष अफीम दिलीप सिंह द्वारा उसके पिता मदनसिंह के पट्टे की आड़ में एकत्रित की गई थी, जिसको जप्त किया गया। निवारक दल द्वारा दोनो आरोपीगण को गिरफ्तार किया गया। इसके पश्चात् सभी आवश्यक अनुसंधान उपरांत परिवाद माननीय विशेष न्यायालय, नीमच में प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान सी.बी.एन. के विशेष लोक अभियोजक श्री सुशील ऐरन द्वारा सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराते हुवे आरोपीगण को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिस पर से माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण कोे उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री सुशील ऐरन द्वारा की गई तथा सक्रिय सहयोग अधिवक्ता अरूण कुमार शर्मा तथा निशा घारू द्वारा किया गया।



