आकर्षक विशाल यज्ञशाला हुई तैयार, कल से मंत्रोच्चार के साथ शुरू होगा भव्य रुद्र महायज्ञ

शिवभक्ति की स्वर्ण आभा से दमक उठेगा स्नेह नगर,
आकर्षक विशाल यज्ञशाला हुई तैयार, कल से मंत्रोच्चार के साथ शुरू होगा भव्य रुद्र महायज्ञ
मंदसौर । स्थानीय स्नेह नगर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर में आस्था का एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, जहाँ भक्ति की शक्ति और श्रद्धा के समर्पण का अनुपम संगम देखने को मिलेगा। कल, 6 मई से मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और आहुतियों के साथ चार दिवसीय भव्य रुद्र महायज्ञ का श्रीगणेश होने जा रहा है, जो क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए आयोजित किया जा रहा है। यज्ञाचार्य डॉ. देवेन्द्र शास्त्री (धारियाखेड़ी) के मार्गदर्शन में संपन्न होने वाले इस अनुष्ठान के लिए राजस्थान के विशेष पैटर्न पर एक अत्यंत आकर्षक और भव्य यज्ञशाला का निर्माण किया गया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। महिला भक्त मित्र मंडल और समस्त भक्तजनों के सामूहिक पुरुषार्थ से आयोजित इस धार्मिक महोत्सव का शिखर तब आएगा, जब 9 मई, शनिवार को अभिजीत मुहूर्त में मंदिर पर स्वर्ण कलश का आरोहण किया जाएगा।
इस उत्सव की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंदिर के केवल शिखर पर ही नहीं, बल्कि दंड, ध्वजा, त्रिशूल और विशाल घंटा भी स्थापित किए जाएंगे। विशेष रूप से गर्भगृह के बाहर नंदी जी की पुनःस्थापना की जाएगी, जो भक्तों की श्रद्धा को एक नया आधार देगी। इन पुनीत कार्यों में सहभागिता के लिए भक्तों में भारी उत्साह है, जहाँ बड़े कलश की स्थापना के लिए अब तक 3,51,000 रुपये की उच्चतम बोली लगाई जा चुकी है जिसको कोई भी भक्त इससे अधिक लगाकर जीवन के दुर्लभ पावन पवित्र कार्य को अपने नाम कर सकता हे । इसके अलावा नवीन नंदी जी के कान में पहली बार मनोकामना बोलने की 7500 और दंड ध्वजा कि 12501 की बोली चल रही हे विशाल घंटे की पहली गूंज करने जैसे सौभाग्यशाली अवसरों के लिए भी बोलियों का दौर जारी है, जिसमें मंदिर समिति ने अन्य इच्छुक दानदाताओं से भी अपील की गई कि आप इन बोली को आगे ले जाकर पुनीत कार्य अपनी झोली में डाल सकते हो एवं अन्य में भी आपका स्वागत है।
उत्सव की पूर्व संध्या पर 8 मई को शाम 7 बजे स्नेह नगर की गलियाँ महादेव के जयकारों से गूंज उठेंगी, जब गाजे-बाजे और ढोल-धमाकों के साथ भव्य कलश शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा के माध्यम से भगवान शिव का ध्वज और स्वर्ण कलश पूरे नगर का भ्रमण कर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। आयोजन में 9 मई को दोपहर 12.15 से 1.30 बजे के बीच शिखर स्वर्ण कलश स्थापना के साथ चार दिवसीय उत्सव पूर्ण होगा, जिसके बाद पूर्णाहुति पर महाप्रसादी की व्यवस्था रखी गई इसके बाद इस ऐतिहासिक अवसर पर शाम 5 बजे से रात्रि 9.30 बजे तक एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है, जिसमें भर पेट भोजन ग्रहण करने के लिए संपूर्ण धर्मप्रेमी जनता को सपरिवार आमंत्रित किया गया है। मीडिया प्रभारी किरण शर्मा ने बताया कि मंदिर समिति इस दिव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी तन्मयता से तैयारियों में जुटी है।



