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पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के विकास की नई धुरी बनेगी 240 किमी रेल परियोजना, लाखों लोगों के जीवन में आएगा बड़ा परिवर्तन

पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के विकास की नई धुरी बनेगी 240 किमी रेल परियोजना, लाखों लोगों के जीवन में आएगा बड़ा परिवर्तन

बस्ती/गोरखपुर पूर्वांचल की लंबे समय से प्रतीक्षित खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन परियोजना अब तेज गति पकड़ रही है। भूमि अधिग्रहण, ट्रैक बिछाने और स्टेशन निर्माण के काम में तेजी आने से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जगी है।इस लगभग 240-241 किमी लंबी रेल लाइन से संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच जिलों के सैकड़ों गांव सीधे रेलवे नेटवर्क से जुड़ेंगे। परियोजना के तहत करीब 5 जिले, 15-18 ब्लॉक और 300 से अधिक गांव प्रभावित/लाभान्वित होंगे। प्रमुख क्षेत्रों में खलीलाबाद, मेहदावल, शोहरतगढ़, बांसी, उतरौला, इकौना, जमुनहा, नानपारा और बहराइच शामिल हैं। अनुमानित 15-20 लाख की आबादी को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।क्षेत्र की जनता में इस परियोजना को लेकर भारी उत्साह है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों की प्रतीक्षा के बाद अब विकास के नए द्वार खुल रहे हैं। कई लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है।
एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यह सिर्फ रेल लाइन नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के बेहतर भविष्य की पटरी है। अब तक परिवहन की कमी के कारण ये इलाके विकास से पीछे रह गए थे। रेल लाइन बनने के बाद छात्रों, मरीजों और व्यापारियों को बड़ा फायदा होगा। बड़े शहरों तक पहुंच आसान होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।रेल लाइन के निर्माण के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। परियोजना पूरी होने के बाद छोटे-मध्यम व्यापार, पर्यटन और कृषि को नई गति मिलेगी। किसान अपनी फसलों को आसानी से बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।परियोजना के तहत कई नए रेलवे स्टेशन और हॉल्ट बनाए जा रहे हैं। आधुनिक ट्रैक, बड़े-छोटे पुल और बेहतर यात्री सुविधाओं पर काम चल रहा है। यह लाइन न केवल पूर्वांचल के विभिन्न हिस्सों को जोड़ेगी, बल्कि राज्य के अन्य प्रमुख शहरों से भी मजबूत कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। कुल 32 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें जंक्शन, क्रॉसिंग और हॉल्ट शामिल हैं।सरकारी अधिकारियों के अनुसार, परियोजना को प्राथमिकता दी गई है। संतकबीरनगर में ट्रैक बिछाने का काम शुरू हो चुका है, सिद्धार्थनगर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज है और अन्य जिलों में भी सर्वे व निर्माण कार्य चल रहे हैं। लक्ष्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का है।
यह परियोजना क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने और पूर्वांचल-तराई क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी। विशेषज्ञों का मानना है।खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन आने वाले वर्षों में पूर्वांचल की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल देगी।

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